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Etawah News: सीमा विवाद की भेंट चढ़ी ऊसराहार बाजार की सफाई व्यवस्था
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- 10 साल से चोक नालियां, एसडीएम का आदेश भी बेअसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ताखा। दो ग्राम पंचायतों के बीच सीमा विवाद और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ऊसराहार मुख्य बाजार की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले एक दशक से चोक पड़ी नालियों की सफाई के लिए हाल ही में शुरू किया गया अभियान महज दो दिन में ही बंद हो गया। करीब पांच किलोमीटर लंबी नालियों में से केवल 200 मीटर हिस्से की सफाई होने के बाद कार्य रोक दिए जाने से कस्बे के हालात फिर से जस के तस हो गए हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्लॉक कर्मियों ने एसडीएम के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया।
ऊसराहार बाजार का अंदरूनी हिस्सा ग्राम पंचायत की मोहरी में आता है, जबकि बाहरी क्षेत्र का बड़ा भाग ग्राम पंचायत भरतपुर खुर्द की सीमा में स्थित है। इसी सीमा विवाद के चलते दोनों पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सफाई कार्य की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक दोनों पंचायतें संयुक्त रूप से नालियों की सफाई नहीं कराएंगी, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। कुछ दिन पहले कस्बा वासियों ने जलभराव और गंदगी की शिकायत एसडीएम से की थी। इसके बाद उनके निर्देश पर सफाई अभियान शुरू हुआ, लेकिन पंचायत सीमा का हवाला देकर कार्य बीच में ही रोक दिया गया। इससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
लगभग 10 वर्षों से नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण उनमें भारी मात्रा में सिल्ट और कचरा जमा है। नालियों से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि गंदा पानी सड़कों पर बहने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, बरसात से पहले सफाई न होने पर डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। कस्बा वासियों ने जिला प्रशासन से दोनों ग्राम पंचायतों के बीच समन्वय स्थापित कर विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है। जल्द ही पूरे बाजार की नालियों की सफाई शुरू नहीं हुई तो व्यापारी और नागरिक तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। एडीओ पंचायत भगवान दास ने बताया कि नालियों की सफाई का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन जेसीबी मशीन खराब हो जाने के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मशीन ठीक होते ही दोनों ग्राम पंचायतों के बीच आने वाली नालियों की सफाई दोबारा शुरू कराई जाएगी।
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ताखा। दो ग्राम पंचायतों के बीच सीमा विवाद और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ऊसराहार मुख्य बाजार की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले एक दशक से चोक पड़ी नालियों की सफाई के लिए हाल ही में शुरू किया गया अभियान महज दो दिन में ही बंद हो गया। करीब पांच किलोमीटर लंबी नालियों में से केवल 200 मीटर हिस्से की सफाई होने के बाद कार्य रोक दिए जाने से कस्बे के हालात फिर से जस के तस हो गए हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्लॉक कर्मियों ने एसडीएम के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया।
ऊसराहार बाजार का अंदरूनी हिस्सा ग्राम पंचायत की मोहरी में आता है, जबकि बाहरी क्षेत्र का बड़ा भाग ग्राम पंचायत भरतपुर खुर्द की सीमा में स्थित है। इसी सीमा विवाद के चलते दोनों पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सफाई कार्य की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक दोनों पंचायतें संयुक्त रूप से नालियों की सफाई नहीं कराएंगी, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। कुछ दिन पहले कस्बा वासियों ने जलभराव और गंदगी की शिकायत एसडीएम से की थी। इसके बाद उनके निर्देश पर सफाई अभियान शुरू हुआ, लेकिन पंचायत सीमा का हवाला देकर कार्य बीच में ही रोक दिया गया। इससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
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लगभग 10 वर्षों से नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण उनमें भारी मात्रा में सिल्ट और कचरा जमा है। नालियों से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि गंदा पानी सड़कों पर बहने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, बरसात से पहले सफाई न होने पर डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। कस्बा वासियों ने जिला प्रशासन से दोनों ग्राम पंचायतों के बीच समन्वय स्थापित कर विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है। जल्द ही पूरे बाजार की नालियों की सफाई शुरू नहीं हुई तो व्यापारी और नागरिक तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। एडीओ पंचायत भगवान दास ने बताया कि नालियों की सफाई का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन जेसीबी मशीन खराब हो जाने के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मशीन ठीक होते ही दोनों ग्राम पंचायतों के बीच आने वाली नालियों की सफाई दोबारा शुरू कराई जाएगी।
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