फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Shortage of 25 doctors at the hospital; patients face more waiting than actual treatment.

Etawah News: अस्पताल में 25 डॉक्टरों की कमी, मरीजों को इलाज कम इंतजार मिलता ज्यादा

Thu, 29 Oct 2026 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Thu, 29 Oct 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
Shortage of 25 doctors at the hospital; patients face more waiting than actual treatment.
इटावा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 25 पद खाली हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कुल 66 स्वीकृत पदों में से केवल आठ स्थायी डॉक्टर हैं, जबकि 33 संविदा पर तैनात हैं। प्रतिदिन 1000 से अधिक मरीज ओपीडी आते हैं, जिनमें से गंभीर मामलों को सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर किया जाता है।
विज्ञापन

अस्पताल की बड़ी इमारत और मशीनरी होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। दो साल से कोई फिजीशियन नहीं है, संविदा के डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे हैं। कई विभागों को सेवानिवृत्त डॉक्टरों के सहारे चलाया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी के कारण ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन

ओपीडी में अधिक समय लगने से डॉक्टर ऑपरेशन के लिए मुश्किल से समय निकाल पाते हैं। जिम्मेदारों ने शासन को लगातार पत्र भेजे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं। इस साल चार बार पत्र लिखे जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
हृदय रोग विभाग, दो पद स्वीकृत, तैनाती एक की भी नहीं
हृदय रोग विभाग में दो पद स्वीकृत हैं, पर एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है। प्रतिदिन 20-25 हृदयरोग के मरीज आते हैं, जिन्हें गंभीर स्थिति में सैफई भेजा जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ के चार पदों में से केवल दो डॉक्टर, शाह आलम और पीके यादव, तैनात हैं। लगभग 200 से 350 बीमार बच्चे प्रतिदिन ओपीडी आते हैं, गंभीर होने पर उन्हें भी सैफई रेफर किया जाता है।
आंख रोग विशेषज्ञ के दो पद रिक्त हैं, संविदा डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है। सर्जन के छह स्वीकृत पदों में से चार रिक्त हैं, केवल दो डॉक्टर, पीयूष तिवारी और मंगल सिंह, कार्यरत हैं। उन्हें ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। पथरी जैसे सामान्य ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।

हड्डी रोग विशेषज्ञों के चार पदों में से दो डॉक्टर कार्यरत हैं। दंत रोग विभाग के दोनों स्वीकृत पद खाली हैं, संविदा के दो डॉक्टरों से काम चल रहा है।
------
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर इस साल चार बार पत्र लिखा जा चुका है। अभी तक डॉक्टर नहीं मिले हैं। संविदा पर तैनात डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है। जल्द ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के मिलने की उम्मीद है। इससे जिला अस्पताल की सेवाएं और बेहतर हो जाएगी।
-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed