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Etawah News: सिंबा के पड़ोस में जाने को तैयार नहीं सुधा, पिंजरे से बनाई दूरी
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इटावा। सफारी पार्क में रोहतक से लाई गई शेरनी सुधा को सोमवार को भी बब्बर शेर सिंबा के बाड़े के पास शिफ्ट नहीं किया जा सका। काफी प्रयास के बाद भी सुधा हाउस नंबर एक में लगाए गए पिंजरे में नहीं गई।
रोहतक जू से सफारी पार्क में लाई गई शेरनी सुधा की क्वारंटाइन अवधि पूरी हो जाने के बाद सफारी प्रशासन ने उसे बब्बर शेर सिंबा के पास वाले बाड़े में शिफ्ट करने के लिए रविवार को सुबह पिंजरा लगाया था। सुबह से शाम तक पिंजरा लगे रहने के बाद भी शेरनी सुधा पिंजरे में नहीं पहुंची थी। माना जा रहा था कि रात के सन्नाटे में सुधा पिंजरे में मीट खाने के लिए पहुंच सकती है। जिससे उसे बाड़े में शिफ्ट किया जा सके लेकिन इसके बाद भी सुधा न तो रात के समय हाउस में लगे पिंजरे में पहुंची और न ही पूरे दिन उसने पिंजरे की ओर जाने का रुख किया। इसके बाद पिंजरे में दिए गए मीट को सुधा को खिला दिया गया और दोबारा नया मीट पिंजरे में लगाया गया है। सुधा की गतिविधियों पर लगातार सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। कीपर आसिफ लगातार प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह से सुधा पिंजरे में पहुंचे, जिससे उसे दूसरे बाड़े में शिफ्ट किया जा सके।
हाउस नंबर एक में रह रही सुधा को शिफ्ट करने के लिए रविवार को पिंजरा लगाया गया था, लेकिन सोमवार शाम तक शेरनी सुधा पिंजरे में नहीं आई है। यह आम बात है वन्यजीव कई बार तीन चार दिनों तक पिंजरे में नहीं जाते हैं। जैसे ही वह पिंजरे में पहुंचेगी उसे बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा।
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-विनय कुमार सिंह,उप निदेशक, सफारी पार्क
रोहतक जू से सफारी पार्क में लाई गई शेरनी सुधा की क्वारंटाइन अवधि पूरी हो जाने के बाद सफारी प्रशासन ने उसे बब्बर शेर सिंबा के पास वाले बाड़े में शिफ्ट करने के लिए रविवार को सुबह पिंजरा लगाया था। सुबह से शाम तक पिंजरा लगे रहने के बाद भी शेरनी सुधा पिंजरे में नहीं पहुंची थी। माना जा रहा था कि रात के सन्नाटे में सुधा पिंजरे में मीट खाने के लिए पहुंच सकती है। जिससे उसे बाड़े में शिफ्ट किया जा सके लेकिन इसके बाद भी सुधा न तो रात के समय हाउस में लगे पिंजरे में पहुंची और न ही पूरे दिन उसने पिंजरे की ओर जाने का रुख किया। इसके बाद पिंजरे में दिए गए मीट को सुधा को खिला दिया गया और दोबारा नया मीट पिंजरे में लगाया गया है। सुधा की गतिविधियों पर लगातार सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। कीपर आसिफ लगातार प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह से सुधा पिंजरे में पहुंचे, जिससे उसे दूसरे बाड़े में शिफ्ट किया जा सके।
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हाउस नंबर एक में रह रही सुधा को शिफ्ट करने के लिए रविवार को पिंजरा लगाया गया था, लेकिन सोमवार शाम तक शेरनी सुधा पिंजरे में नहीं आई है। यह आम बात है वन्यजीव कई बार तीन चार दिनों तक पिंजरे में नहीं जाते हैं। जैसे ही वह पिंजरे में पहुंचेगी उसे बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा।
-विनय कुमार सिंह,उप निदेशक, सफारी पार्क