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Etawah News: टीईटी के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, आरटीई एक्ट में संशोधन की मांग
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इटावा। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपकर आरटीई एक्ट में संशोधन कर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की।
महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी और जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त और कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उनके नियुक्ति समय की सेवा शर्तों और प्रावधानों का उल्लंघन है। ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रेणुका दीक्षित ने प्राप्त किया। प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना न्यायोचित नहीं है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए संगठन ने केंद्र सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। कार्यकारी अध्यक्ष देशदीपक तिवारी ने कहा कि शिक्षक विभागीय टीईटी के लिए तैयार नहीं हैं और इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। वहीं संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। मंडल महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा। कार्यक्रम का संचालन मंत्री नगेंद्र प्रताप सिंह ने किया, जबकि आभार संगठन मंत्री नवनीत कुमार पांडेय ने व्यक्त किया। संजीव ऋषीश्वर, पवन दीक्षित, उपेंद्र यादव, इंद्रजीत सिंह, मनोज वर्मा, राजीव तिवारी, संजय मिश्रा, सत्य वर्मा, जितेन्द्र कुशवाह, विवेक कुमार, अनुराग पचौरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी और जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त और कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उनके नियुक्ति समय की सेवा शर्तों और प्रावधानों का उल्लंघन है। ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रेणुका दीक्षित ने प्राप्त किया। प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना न्यायोचित नहीं है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए संगठन ने केंद्र सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। कार्यकारी अध्यक्ष देशदीपक तिवारी ने कहा कि शिक्षक विभागीय टीईटी के लिए तैयार नहीं हैं और इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। वहीं संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। मंडल महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा। कार्यक्रम का संचालन मंत्री नगेंद्र प्रताप सिंह ने किया, जबकि आभार संगठन मंत्री नवनीत कुमार पांडेय ने व्यक्त किया। संजीव ऋषीश्वर, पवन दीक्षित, उपेंद्र यादव, इंद्रजीत सिंह, मनोज वर्मा, राजीव तिवारी, संजय मिश्रा, सत्य वर्मा, जितेन्द्र कुशवाह, विवेक कुमार, अनुराग पचौरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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