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Farrukhabad News: अधिकारी के जेल जाते ही जागा प्रशासन, अवैध खनन की जांच शुरू
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फोटो-43 गांव बिरसिंपुर में अवैध खनन स्थाल पर खड़ा मिट्टी भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली और फीता डालकर हो र
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अमृतपुर। अवैध बालू व मिट्टी खनन की शिकायतों पर लंबे समय तक कार्रवाई न करने के बाद अब रिश्वत लेने के मामले में खनन अधिकारी के जेल जाने के पश्चात प्रशासन हरकत में आया है। गांव बिरसिंहपुर में कानूनगाे व लेखपाल जांच करने पहुंचे तो उन्हें मौके पर खनन होते मिल गया। करीब तीन बीघा भूमि पर अवैध खनन होने की पुष्टि होने की बात कही जा रही है।
तहसील क्षेत्र के गांव बिरसिंहपुर के लोगों ने 10 अक्तूबर 2025 को गांव में अवैध खनन होने की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की थी। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। दो फरवरी 2026 को भी अवैध खनन की शिकायत हुई थी। पर कार्रवाई शून्य रही। इसके बाद गांव के गौरव सिंह ने छह जून को संपूर्ण समाधान दिवस में फिर शिकायत की। कहा कि गांव दौलतपुर चकई के एक पूर्व प्रधान अवैध रूप से मिट्टी एवं बालू का खनन करा रहे हैं। इसकी जांच खनन अधिकारी संजय प्रताप को सौंप दी गई थी। जबकि शिकायत में खनन अधिकारी की मिलीभगत से ही खनन होने का आरोप लगाया गया था। खनन अधिकारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इसी बीच 19 जून को विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी संजय प्रताप को 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शिकायत लंबित रहने पर एडीएम ने मामले की जांच एसडीएम के पास भेज दी। रविवार को कानूनगो अतुल कुमार व लेखपाल रवींद्र कुमार गांव में अवैध खनन की जांच करने पहुंचे। कानून गो को देखते ही खनन माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गए। जांच के दौरान करीब साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि पर खनन पाया गया। लगभग दो मीटर गहराई तक हाइड्रा से मिट्टी खोदी गई है। आसपास के कुछ किसानों की भूमि से भी मिट्टी का खनन किया गया है। लोगों का कहना है कि थाना राजेपुर और अमृतपुर क्षेत्र में रात के समय अवैध बालू और मिट्टी का कारोबार खुलेआम होता है।
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एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तहसील क्षेत्र के गांव बिरसिंहपुर के लोगों ने 10 अक्तूबर 2025 को गांव में अवैध खनन होने की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की थी। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। दो फरवरी 2026 को भी अवैध खनन की शिकायत हुई थी। पर कार्रवाई शून्य रही। इसके बाद गांव के गौरव सिंह ने छह जून को संपूर्ण समाधान दिवस में फिर शिकायत की। कहा कि गांव दौलतपुर चकई के एक पूर्व प्रधान अवैध रूप से मिट्टी एवं बालू का खनन करा रहे हैं। इसकी जांच खनन अधिकारी संजय प्रताप को सौंप दी गई थी। जबकि शिकायत में खनन अधिकारी की मिलीभगत से ही खनन होने का आरोप लगाया गया था। खनन अधिकारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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इसी बीच 19 जून को विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी संजय प्रताप को 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शिकायत लंबित रहने पर एडीएम ने मामले की जांच एसडीएम के पास भेज दी। रविवार को कानूनगो अतुल कुमार व लेखपाल रवींद्र कुमार गांव में अवैध खनन की जांच करने पहुंचे। कानून गो को देखते ही खनन माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गए। जांच के दौरान करीब साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि पर खनन पाया गया। लगभग दो मीटर गहराई तक हाइड्रा से मिट्टी खोदी गई है। आसपास के कुछ किसानों की भूमि से भी मिट्टी का खनन किया गया है। लोगों का कहना है कि थाना राजेपुर और अमृतपुर क्षेत्र में रात के समय अवैध बालू और मिट्टी का कारोबार खुलेआम होता है।
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।