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फसल बीमा घोटाला : 34 किसानों से 23.33 लाख वसूलकर जमा कराए
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:13 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनों में फर्जी भूमि का ब्योरा भरकर 88 किसानों को 1.38 करोड़ भुगतान कर घोटाला कर लिया गया। बैंक प्रबंधकों की आईडी पर बीमा कर्मियों ने खेल कर दिया। अधिकारियों की गले की फांस बनने से अब किसानों पर दबाव बनाकर घोटाले की धनराशि वसूली जा रही है। 34 किसानों से 23.33 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों से सेटिंग कर बीमा व बैंक कर्मियों ने खेल कर दिया। जिले के 232 किसानों कों वर्ष 2024 में फसल बीमा का 2.38 करोड़ रुपये मुआवजा बांट दिया गया। महोबा में फसल बीमा घोटाला से पर्दा उठा तो जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कमेटी से जांच कराई। पहले चरण की जांच में 32 किसानों को फर्जी भूमि का ब्योरा भरकर करीब 68 लाख रुपये अनियमित भुगतान का खुलासा हुआ। इस पर उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने 32 किसान, तीन बीमा कर्मचारी व 9 बैंक के प्रबंधकों के खिलाफ थाना जहानगंज व अमृतपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दूसरे चरण की जांच में 56 किसानों को करीब 70 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान होने का खुलासा हुआ। इन किसानों की भूमि मौके पर मिली हीं नहीं, जिस भूमि पर फसल का मुआवजा दिया गया। इसमें उपकृषि निदेशक ने बैंक प्रबंधकों को नोटिस देकर जवाब मांगा। इस पर बैंक प्रबंधकों ने खुद को बचाकर बीमा कर्मियों के सिर घोटाला का ठीकरा फोड़ दिया। उनका कहना है कि बीमा कर्मियों ने बैंक प्रबंधकों की आईडी व पासवर्ड लेकर अपने लैपटाॅप से गलत फीडिंग की।
कर्मचारियों की कमी के चलते बीमा कर्मियों ने सहयोग करने के नाम पर खेल कर लिया। फिलहाल दूसरे चरण के पकड़े गए घोटाले में अभी तक प्राथमिकी तो दर्ज नहीं कराई, लेकिन मुआवजा लेने वाले किसानों पर दबाव बनाकर दी गई मुआवजा धनराशि वसूलकर बीमा कंपनी के खाते में जमा कराई जा रही है।
इन किसानों ने जमा की मुआवजा धनराशि
भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर किसानों को बांटा गया मुआवजा अब वसूला जा रहा है। इसमें गांव कटरी गंगपुर निवासी अहिवरन सिंह से 41535 रुपये, नरेश चंद्र से 196000 रुपये, मंझना निवासी रामबरन से 160637 रुपये, रघुवीर से 198740 रुपये, लटूरी से 194142 रुपये, मनीष कुमार गंगवार से 172468 रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा गांव गांव अजमतपुर निवासी शुभम शाक्य से 135000 रुपये, बलीपट्टी रानीगांव निवासी नीलम देवी से 81090 रुपये, चंद्रप्रकाश से 86576 रुपये व जावित्री देवी से 87434 रुपये जमा कराए जा चुके हैं। उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि जिन किसानों को गलत तरीके से मुआवजा दिया गया है, उन किसानों से बैंकों द्वारा धनराशि वापस कर बीमा कंपनी के खाते में जमा कराई जा रही है। अब तक 34 किसानों से 23 लाख 33 हजार रुपये रिकवरी होने की जानकारी बैंकों द्वारा मिली है।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों से सेटिंग कर बीमा व बैंक कर्मियों ने खेल कर दिया। जिले के 232 किसानों कों वर्ष 2024 में फसल बीमा का 2.38 करोड़ रुपये मुआवजा बांट दिया गया। महोबा में फसल बीमा घोटाला से पर्दा उठा तो जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कमेटी से जांच कराई। पहले चरण की जांच में 32 किसानों को फर्जी भूमि का ब्योरा भरकर करीब 68 लाख रुपये अनियमित भुगतान का खुलासा हुआ। इस पर उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने 32 किसान, तीन बीमा कर्मचारी व 9 बैंक के प्रबंधकों के खिलाफ थाना जहानगंज व अमृतपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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दूसरे चरण की जांच में 56 किसानों को करीब 70 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान होने का खुलासा हुआ। इन किसानों की भूमि मौके पर मिली हीं नहीं, जिस भूमि पर फसल का मुआवजा दिया गया। इसमें उपकृषि निदेशक ने बैंक प्रबंधकों को नोटिस देकर जवाब मांगा। इस पर बैंक प्रबंधकों ने खुद को बचाकर बीमा कर्मियों के सिर घोटाला का ठीकरा फोड़ दिया। उनका कहना है कि बीमा कर्मियों ने बैंक प्रबंधकों की आईडी व पासवर्ड लेकर अपने लैपटाॅप से गलत फीडिंग की।
कर्मचारियों की कमी के चलते बीमा कर्मियों ने सहयोग करने के नाम पर खेल कर लिया। फिलहाल दूसरे चरण के पकड़े गए घोटाले में अभी तक प्राथमिकी तो दर्ज नहीं कराई, लेकिन मुआवजा लेने वाले किसानों पर दबाव बनाकर दी गई मुआवजा धनराशि वसूलकर बीमा कंपनी के खाते में जमा कराई जा रही है।
इन किसानों ने जमा की मुआवजा धनराशि
भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर किसानों को बांटा गया मुआवजा अब वसूला जा रहा है। इसमें गांव कटरी गंगपुर निवासी अहिवरन सिंह से 41535 रुपये, नरेश चंद्र से 196000 रुपये, मंझना निवासी रामबरन से 160637 रुपये, रघुवीर से 198740 रुपये, लटूरी से 194142 रुपये, मनीष कुमार गंगवार से 172468 रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा गांव गांव अजमतपुर निवासी शुभम शाक्य से 135000 रुपये, बलीपट्टी रानीगांव निवासी नीलम देवी से 81090 रुपये, चंद्रप्रकाश से 86576 रुपये व जावित्री देवी से 87434 रुपये जमा कराए जा चुके हैं। उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि जिन किसानों को गलत तरीके से मुआवजा दिया गया है, उन किसानों से बैंकों द्वारा धनराशि वापस कर बीमा कंपनी के खाते में जमा कराई जा रही है। अब तक 34 किसानों से 23 लाख 33 हजार रुपये रिकवरी होने की जानकारी बैंकों द्वारा मिली है।