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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Dilip's Hamlet: Six more houses collapsed; the current is battering 12 others.

दिलीप की मड़ैया : छह और मकान गिरे, 12 से टकरा रही धार

Tue, 11 Aug 2026 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:33 AM IST
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Dilip's Hamlet: Six more houses collapsed; the current is battering 12 others.
फर्रुखाबाद। सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया में अब मात्र 12 मकान ही बचे हैं। सोमवार सुबह से शाम तक छह मकान गंगा की तेज धार में समा गए। जो मकान बचे हैं, उनमें तेज धार की सीधी टक्कर लग रही है। ऐसे में चंद दिन में ही पूरा गांव खत्म होना तय है। गांव में बचे लोगों की रातें जाग कर कट रही हैं। लोग मकानों को तोड़ने और सामान निकालने में लगे हैं।
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गंगा में बाढ़ दिन-ब-दिन विकराल हो रही है। सबसे ज्यादा कहर दिलीप की मड़ैया पर बरपा है। अब तक 31 मकान गंगा में समा चुके हैं। तहसील प्रशासन रविवार देर रात से सोमवार शाम तक छह और मकान कटने की बात कह रहा है। अब गांव में सिर्फ 12-13 घर ही बचे हैं। सोमवार को गांव में लेखपाल से लेकर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। जिन ग्रामीणों के मकान बचे हैं, वे मकानों को तोड़ने और सामान निकालने में लगे हैं।
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गांव के मचले ने बताया कि वह घर में अकेले हैं। पिछली साल एक मकान गंगा में कट गया था। उन्होंने दूसरा मकान कुछ दूरी पर खेतों में बना लिया था। सोचा था कि यहां जीवन कट जाएगा, मगर सोमवार शाम को गंगा का कटान मकान के पीछे 25 मीटर और सामने 50 मीटर दूरी पर हो रहा है। यदि इसी तरह कटान हुआ तो दो-तीन दिन में गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
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नाम बताने से कतरा रहे जिम्मेदार : तहसील प्रशासन के जिम्मेदार दिलीप की मड़ैया में कितने मकान कटे, इसकी संख्या की रोजाना पुष्टि कर देते हैं, मगर किन लोगों के मकान कटे, नाम बताने से कतराते हैं।
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कहीं सामान समेटने की तैयारी तो कहीं मकानों पर चल रहे हथौड़े
शमसाबाद। गंगा में तेजी से बढ़ते जलस्तर और कटान से कटरी क्षेत्र के कई गांवों में दहशत है। कहीं ग्रामीण अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं, तो कहीं मकान तोड़ने में व्यस्त हैं।
कटरी तौफीक निवासी जोधराम और विनोद के मकानों के पास कई दिनों से गंगा का पानी पहुंच रहा था। कटान तेज होने पर दोनों ने मकान गंगा में समाने के डर से अपने मकान तोड़ना शुरू कर दिया। मकान पर हथौड़े चलाते समय उनकी आंखों से आंसू निकल रहे हैं। अचानकपुर, कटरी तौफीक, चंपतपुर, भुलबुलापुर, अजीजाबाद, नगरिया जेतपुर, कैलियाई, समैचीपुर और पैलानी दक्षिण समेत 20 से 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कटरी तौफीक और समैचीपुर में हालत सबसे खराब है। ग्रामीणों के अनुसार कटान इसी तरह जारी रहा तो कटरी तौफीक में 10 मकान इसकी जद में आ सकते हैं।

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शमसाबाद मार्ग पर डेढ़ फीट तक भरा पानी
शमसाबाद। शाहजहांपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर गुटैटी दक्षिण गांव के सामने रोड पर एक से डेढ़ फीट तक फिर पानी भर गया है। इससे राहगीर जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। इन दिनों कावड़ यात्रा भी चल रही है। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर बाढ़ के पानी से निकल रहे हैं। (संवाद)
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