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Farrukhabad News: नवजात को भर्ती न करने पर एसएनसीयू में विवाद, पहुंची पुलिस
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फर्रुखाबाद। निजी अस्पताल में जन्मे नवजात को लोहिया महिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराने को लेकर रविवार देर रात जमकर विवाद हुआ। पिता ने डीएम और पुलिस को सूचना दी। सीएमएस ने भर्ती कराने के प्रयास किए, मगर 16 बेड पर 31 नवजात भर्ती होने के चलते बात नहीं बन सकी। डॉक्टरों के असमर्थता जताने पर पिता शिशु को लेकर चला गया।
शहर के रेलवे रोड निवासी जितेंद्र की पत्नी ने निजी अस्पताल में छह अगस्त को बेटी को जन्म दिया था। उसकी हालत खराब होने पर जितेंद्र रविवार रात लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू अनुभाग में बच्चे को लेकर पहुंचे। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. शिवम गुप्ता ने 16 बेड पर पहले से ही 31 बच्चे भर्ती होने की बात कही। कहा कि सरकारी अस्पताल से रेफर होने वाले बच्चे को उन्हें हर हाल में भर्ती करना पड़ेगा। लिहाजा निजी अस्पताल से आए बच्चे को भर्ती करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने जितेंद्र से वार्ड में चलकर हालत देखने की बात भी कही।
बच्चा भर्ती न होने पर जितेंद्र ने यूपी 112 को सूचना दी। उन्होंने डीएम को भी फोन कर मामले की जानकारी दी। इसकी सूचना सीएमएस डॉ. धीर सिंह को मिली तो उन्होंने यूनिट की स्थिति से डीएम को अवगत कराया। पुलिस भी यूनिट में पहुंची, फिर भी बच्चे को भर्ती नहीं किया जा सका। डॉक्टर ने रेफर करके एंबुलेंस दिलाने का आश्वासन दिया। देर रात तक विवाद के बाद भी बच्चा भर्ती नहीं होने पर जितेंद्र चले गए।
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डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि यूनिट में सभी बच्चे गंभीर थे। किस बच्चे को हटा देता। हर बच्चे का जीवन उनके लिए महत्वपूर्ण है। सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि बच्चे अधिक आ रहे और बेड कम हैं। डीएम को उन्होंने स्थिति से अवगत करा दिया था। बच्चे को भर्ती न कर पाना उनकी मजबूरी थी। इस समय बेड और स्टाफ बढ़ाने की जरूरत है।
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शहर के रेलवे रोड निवासी जितेंद्र की पत्नी ने निजी अस्पताल में छह अगस्त को बेटी को जन्म दिया था। उसकी हालत खराब होने पर जितेंद्र रविवार रात लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू अनुभाग में बच्चे को लेकर पहुंचे। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. शिवम गुप्ता ने 16 बेड पर पहले से ही 31 बच्चे भर्ती होने की बात कही। कहा कि सरकारी अस्पताल से रेफर होने वाले बच्चे को उन्हें हर हाल में भर्ती करना पड़ेगा। लिहाजा निजी अस्पताल से आए बच्चे को भर्ती करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने जितेंद्र से वार्ड में चलकर हालत देखने की बात भी कही।
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बच्चा भर्ती न होने पर जितेंद्र ने यूपी 112 को सूचना दी। उन्होंने डीएम को भी फोन कर मामले की जानकारी दी। इसकी सूचना सीएमएस डॉ. धीर सिंह को मिली तो उन्होंने यूनिट की स्थिति से डीएम को अवगत कराया। पुलिस भी यूनिट में पहुंची, फिर भी बच्चे को भर्ती नहीं किया जा सका। डॉक्टर ने रेफर करके एंबुलेंस दिलाने का आश्वासन दिया। देर रात तक विवाद के बाद भी बच्चा भर्ती नहीं होने पर जितेंद्र चले गए।
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डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि यूनिट में सभी बच्चे गंभीर थे। किस बच्चे को हटा देता। हर बच्चे का जीवन उनके लिए महत्वपूर्ण है। सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि बच्चे अधिक आ रहे और बेड कम हैं। डीएम को उन्होंने स्थिति से अवगत करा दिया था। बच्चे को भर्ती न कर पाना उनकी मजबूरी थी। इस समय बेड और स्टाफ बढ़ाने की जरूरत है।