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Farrukhabad News: कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स खाली तो कई में लगे ही नहीं
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फोटो-10 दिल्ली की बस में चालक के ऊपर खुला पड़ा फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद
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फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम के नियम में यात्रियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के नाम पर बस में एक गोली तक नहीं है। ऐसा नहीं कि निगम इस मद में खर्च न करता हो, मगर क्षेत्रीय स्तर पर भारी-भरकम रकम से फर्स्ट एड की सामान खरीद दिखाने के बावजूद यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिल रही। शनिवार को बसों की पड़ताल की गई तो एक भी बस में प्राथमिक उपचार किट नहीं मिली।
एक चालक ने अपने व्यक्तिगत बैग में रखी पॉलिथीन से 10-15 ग्राम रुई (कॉटन) और दो-तीन मीटर पट्टी दिखाई। बताया कि एक ट्यूब भी कहीं रखा है। ऐसे में साफ है कि यात्रा के दौरान किसी भी दुर्घटना अथवा अन्य वजह से यात्री को दिक्कत होने पर बस में कुछ भी नहीं मिलेगा। इससे उनका जीवन भगवान भरोसे ही चल रहा है। इसको लेकर जिम्मेदार बेखबर हैं।
रोडवेज बसों में यात्रा यात्रियों से जो किराया लिया जाता है उसमें उसमें टोल कर और दुर्घटना बीमा का 0.50 रुपये से लेकर 2.50 रुपये तक जुड़ा होता है। फर्स्ट एड यानी प्राथमिक उपचार का टिकट में कोई अंश नहीं होता फिर भी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और दवाइयां रखना परिवहन निगम के नियमों में शामिल है। इस पर आने वाला खर्च निगम के प्रशासनिक या संचालन बजट से किया जाता है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि बसों के फर्स्ट एड की व्यवस्था क्षेत्रीय कार्यालय से की जाती है, मगर यहां कई साल से एक दवा तक उपलब्ध नहीं कराई गई। बड़े अफसरों के स्तर का मामला होने से कोई बोलने को तैयार नहीं है। इस संबंध में पूछने पर एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हरदोई बसें गई थीं। तब 70 किटें खरीदी गई थीं। वो किटें कहां गई, इसकी जांच कराई जाएगी।
केस-एक-स्थानीय डिपो की बस दिल्ली जाने के लिए बस अड्डे पर खड़ी थी। चालक श्रीनिवास की सीट के ऊपर लगा फर्स्ट एड बॉक्स खुला पड़ा था। बताया कि पहले इसमें कुछ दवाएं होती थीं। मगर पिछले महीनों दुर्घटना होने के बाद से किट की व्यवस्था नहीं है।
केस-दो-बस अड्डा पर खड़ी एक बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं था। चालक मोहम्मद तस्कीम से जब पूछा गया तो बताया कि उनके बैग में कुछ दवाएं रखी हैं। बैग से निकाली एक पॉलिथीन में 10-15 ग्राम रुई, थोड़ी पट्टी दिखाई। बताया कि एक ट्यूब भी कहीं रखा था। दुर्घटना में बॉक्स टूट गया था।
केस-तीन-दिल्ली जाने वाली एक बस में दो फर्स्ट एड बॉक्स लगे थे। दोनों को चालक श्यामवीर यादव से खुलवा कर देखा गया, तो खाली पड़े थे। बताया कि जैसे ही उन्हें दवाएं मिलेंगी, वह उसमें रखकर चलेंगी। आमतौर पर अपने स्तर से रखकर चलते हैं।
एक चालक ने अपने व्यक्तिगत बैग में रखी पॉलिथीन से 10-15 ग्राम रुई (कॉटन) और दो-तीन मीटर पट्टी दिखाई। बताया कि एक ट्यूब भी कहीं रखा है। ऐसे में साफ है कि यात्रा के दौरान किसी भी दुर्घटना अथवा अन्य वजह से यात्री को दिक्कत होने पर बस में कुछ भी नहीं मिलेगा। इससे उनका जीवन भगवान भरोसे ही चल रहा है। इसको लेकर जिम्मेदार बेखबर हैं।
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रोडवेज बसों में यात्रा यात्रियों से जो किराया लिया जाता है उसमें उसमें टोल कर और दुर्घटना बीमा का 0.50 रुपये से लेकर 2.50 रुपये तक जुड़ा होता है। फर्स्ट एड यानी प्राथमिक उपचार का टिकट में कोई अंश नहीं होता फिर भी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और दवाइयां रखना परिवहन निगम के नियमों में शामिल है। इस पर आने वाला खर्च निगम के प्रशासनिक या संचालन बजट से किया जाता है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि बसों के फर्स्ट एड की व्यवस्था क्षेत्रीय कार्यालय से की जाती है, मगर यहां कई साल से एक दवा तक उपलब्ध नहीं कराई गई। बड़े अफसरों के स्तर का मामला होने से कोई बोलने को तैयार नहीं है। इस संबंध में पूछने पर एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हरदोई बसें गई थीं। तब 70 किटें खरीदी गई थीं। वो किटें कहां गई, इसकी जांच कराई जाएगी।
केस-एक-स्थानीय डिपो की बस दिल्ली जाने के लिए बस अड्डे पर खड़ी थी। चालक श्रीनिवास की सीट के ऊपर लगा फर्स्ट एड बॉक्स खुला पड़ा था। बताया कि पहले इसमें कुछ दवाएं होती थीं। मगर पिछले महीनों दुर्घटना होने के बाद से किट की व्यवस्था नहीं है।
केस-दो-बस अड्डा पर खड़ी एक बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं था। चालक मोहम्मद तस्कीम से जब पूछा गया तो बताया कि उनके बैग में कुछ दवाएं रखी हैं। बैग से निकाली एक पॉलिथीन में 10-15 ग्राम रुई, थोड़ी पट्टी दिखाई। बताया कि एक ट्यूब भी कहीं रखा था। दुर्घटना में बॉक्स टूट गया था।
केस-तीन-दिल्ली जाने वाली एक बस में दो फर्स्ट एड बॉक्स लगे थे। दोनों को चालक श्यामवीर यादव से खुलवा कर देखा गया, तो खाली पड़े थे। बताया कि जैसे ही उन्हें दवाएं मिलेंगी, वह उसमें रखकर चलेंगी। आमतौर पर अपने स्तर से रखकर चलते हैं।

फोटो-10 दिल्ली की बस में चालक के ऊपर खुला पड़ा फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो-10 दिल्ली की बस में चालक के ऊपर खुला पड़ा फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद