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Farrukhabad News: कागज में पशु टीकाकरण पूरा, ग्रामीण बोले- नहीं पहुंची टीम

Mon, 03 Aug 2026 12:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:26 AM IST
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Livestock vaccination completed on paper; villagers say the team never arrived.
फोटो-1 राजकीय पशु चिकित्सालय नवाबगंज में इलाज के लिए बकरी लिए खड़ा किसान। संवाद
फर्रुखाबाद/कमालगंज। पशुओं को संक्रामक रोग (गला घोंटू) से बचाने के लिए चलाया गया टीकाकरण अभियान का लक्ष्य कागजों में पूरा हो गया लेकिन कई गांवों में टीमें ही नहीं पहुंचीं। अब 22 जुलाई से खुरपका-मुंहपका टीकाकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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टीकाकरण जानवरों में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और दूध उत्पादन में गिरावट रोकता है। इसलिए सरकार हर वर्ष टीकाकरण अभियान चलाती है। 15 जुलाई तक एचएस (गला घोंटू) टीकाकरण अभियान की समय सीमा पूरी हो गई। 22 जुलाई से एफएमडी यानी खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण शुरू किया गया है।
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सियांपुर ग्राम पंचायत के मजरा पसई नगला निवासी जागेश्वर प्रसाद का कहना है कि उनके पांच पशु हैं, लेकिन गला घोंटू का टीका लगाने कोई नहीं आया। खुरपका व मुंहपका का टीका लगाने भी अभी तक टीम नहीं आई। पंचूलाल ने कहा कि उनके पास दो भैंस, एक पड़िया व दो बैल हैं। न ही इस साल और न ही पिछले साल कोई टीका लगाने आया। सुल्तानपुर के आदर्श ने बताया कि पिछले साल रामसनेही शाक्य व अनूप दुबे के पशु की मौत हो गई थी। उनकी गाय भी बीमार थी। जब मीडिया में बात आई तो टीम गांव में पहुंची थी। इस बार भी टीका नहीं लगा।
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खुदागंज, जरारी, ताजपुर पशु सेवा केंद्र में ताले
कमालगंज ब्लॉक के तीनों पशु सेवा केंद्रों पर ताले पड़े हैं। खुदागंज में वर्ष 2024 में पशुधन प्रसार अधिकारी अनिल कांत की सेवानिवृत्ति के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। ताजपुर में सतेंद्र यादव के वर्ष 2023 में रिटायर होने के बाद केंद्र बंद है। जरारी में अमरदीप फरवरी में कार्यमुक्त होकर चले गए। कमालगंज चिकित्सालय में चिकित्सक तो हैं, लेकिन फार्मासिस्ट, ड्रेसर व दो अन्य कर्मचारियों के पद खाली हैं।
कटरी इलाके में पहले लगवा रहे टीका
- कमालगंज के पशु चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र सिंह का कहना है कि हो सकता है कि किसी गांव में गला घोंटू टीका की टीम न पहुंच पाई हो, इसकी जांच करेंगे। एफएमडी टीका के लिए आठ टीमें लगी हैं। पहले कटरी क्षेत्र में टीका लगवाया जा रहा है। कमालगंज बड़ा ब्लाक है, यहां 18 पशु मित्र काम कर रहे हैं। उन्हें पांच रुपये प्रति टीका व 50 रुपये कृत्रिम गर्भाधान के मिलते हैं। उनकी कुछ मांगें हैं, इसलिए कुछ पशु मित्र तेजी से काम नहीं कर रहे हैं।

एक साल से टीका लगाने नहीं पहुंची टीम
शमसाबाद क्षेत्र के गांव नगलाल नान, असगरपुर, बेला सराय गजा, फरीदपुर मंगलीपुर, बैरमपुर व गांव सुतहड़ी में पशुओं को टीका लगाने कोई टीम नहीं पहुंची। बेला सराय गजा निवासी भोला पाल ने बताया कि उनके पास दो भैंस हैं। अभी तक न तो गलाघोंटू का टीका लगाने कोई कर्मचारी आया और न ही मुंहपका व खुरपका का। फरीदपुर मंगलीपुर निवासी कलक्टर सिंह का कहना कि एक वर्ष से पशुओं का टीकाकरण करने कोई टीम नहीं आई।
राजवीर का कहना है कि 15 दिन पूर्व पशुओं में खुरपका व मुंहपका बीमारी फैली थी, लेकिन टीका लगाने कोई कर्मचारी नहीं आया। पशुधन प्रसार अधिकारी अखिलेश कुमार ने बताया कि गला घोंटू टीका के 16000 डोज मिले थे, वह लगा दिए गए। मुंहपका व खुरपका टीका लगाने के लिए 53 हजार डोज मिली है। 16 टीमें 25 गांव में टीकाकरण पूरा कर चुकी हैं।
ग्रामीणों का दावा- नहीं हुआ टीकाकरण
फोटो-25 रफी मोहम्मद। संवाद
फोटो-26 धीरेंद्र। संवाद
फोटो-27 यूनुस खान। संवाद
नवाबगंज। क्षेत्र के गांव चंदनी निवासी मो. रफी ने बताया कि उनके पास चार पशु हैं, लेकिन एक का भी टीकाकरण नहीं किया गया। धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उनके पांच पशुओं में किसी को टीका नहीं लगाया गया। यूनुस खान ने भी टीकाकरण न होने का दावा किया। मोहल्ला बरतल निवासी जितेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि शनिवार को वह खुरपका रोग से ग्रसित बकरी को पशु चिकित्सालय लेकर गए, वहां कर्मचारियों ने 20 रुपये लेकर इंजेक्शन लगाया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र वर्मा ने बताया कि यदि कोई पशु छूटा है तो उसका टीकाकरण कराया जाएगा।

पशुओं के इलाज में खेल
फर्रुखाबाद। राजकीय पशु चिकित्सालय फतेहगढ़ में दोपहर एक बजे पशु चिकित्सक सुनील कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी कौशलेंद्र सिंह मौजूद थे। वहां कोई पशुपालक मौजूद नहीं था। पूछने पर बताया कि तीन पशुपालक दवा लेकर चले गए। रजिस्टर में पशुपालकों के मोबाइल नंबर अंकित न होने से दवाओं की खपत पर भी सवाल उठ रहे हैं। डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि पूरी रिपोर्ट सीवीओ को भेजी जाती है।



--------- तीन लाख 21 हजार 900 पशुओं को गला घोंटू का टीका लगाकर लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। यदि कोई पशु छूटा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। खुरपका व मुंहपका टीकाकरण अभियान चल रहा है। पहले बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लक्ष्य पूरा होगा। इसके बाद अन्य गांवों में टीकाकरण किया जाएगा। 3.97 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 98 हजार टीके लगाए जा चुके हैं।-डॉ. धीरज शर्मा, सीवीओ




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