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Farrukhabad News: 37 गांव व पीएचसी में भरा पानी, बैलगाड़ी से भेजी गईं दवाएं

Mon, 03 Aug 2026 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:23 AM IST
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Water inundated 37 villages and the PHC; medicines were sent via bullock carts.
फोटो-29 प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरने से बैल गाड़ी से सुर​क्षित स्थान
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से 37 गांवों में पानी घुस गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर का परिसर जलमग्न हो गया है। फार्मासिस्ट ने बैलगाड़ी में दवाएं भरकर सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया। तीसराम मड़ैया के ग्रामीणों ने नाव न चलाए जाने का आरोप लगाया है।
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रविवार को गंगा जलस्तर 136.80 से बढ़कर 136.90 मीटर पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर दूर रह गया है। नरौरा बांध से गंगा में 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर को जाने वाले मार्ग व परिसर में ढाई फीट से अधिक पानी भर गया है। बाढ़ का पानी तेजी से आने के चलते फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने अन्य कर्मचारियों के साथ लगकर तीन बैलगाड़ियों में दवाएं भरकर गांव के बाहर इमादपुर सोमवंशी मार्ग पर स्थित मुन्नू सिंह की चक्की पर रखवाई है। फार्मासिस्ट ने बताया कि शेष बची दवा व अन्य सामान को सुरक्षित रखवा दिया है। पानी और बढ़ेगा तो अस्पताल को खाली करना पड़ेगा। यह समस्या हर साल होती है।
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तहसील अमृतपुर के गांव करनपुर घाट माखन नगला, कुड़री सारंगपुर, मंझा, तीसराम की मड़ैया सहित 18 गांव व शमसाबाद विकास खंड के 12 व सदर के सात गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। बाढ़ का पानी गांव में भरने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होने लगी है। तीसराम की मड़ैया के अमिताब, रिंकू, रमेश, गरिमा का कहना है कि सड़क बन जाती तो बाढ़ आने पर परेशानी नहीं होती। बाढ़ आने से पहले प्रशासन ने एक नाव, एक मोटर बोट भेज दी थी। जब बाढ़ आई तो अब चलाने वाला नहीं है। जिनके पास खुद की नाव है, वे लोग अपना काम होने पर लाते हैं जिनके पास नाव नहीं है वह जान जोखिम में डाल कर पानी में घुसकर आते-जाते हैं। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि अभी तक बाढ़ से 18 गांव प्रभावित हुए हैं। आठ गांव में नाव लगाई गई है। सभी लेखपालों को क्षेत्र में सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।
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दुकान का सामान समेट कर ले गए बंधे पर
सावन शुरू होते ही पांचाल घाट व इटावा-बरेली हाईवे पर दुकानें सज गई हैं। रात में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से दुकानों में पानी भर गया। दुकानदार सामान उठाकर बंधे पर ले जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पानी आ जाने से बड़ा नुकसान हुआ है। -------------

बिलावलपुर डिप पर डेढ़ फीट धार, नाव से निकल रहे लोग
फर्रुखाबाद। सदर तहसील के गांवों में पानी तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार शाम तक कटरी धर्मपुर, पंखियन की मड़ैया, दिलीप की मड़ैया, वीर सहाय की मड़ैया, दौली की मड़ैया, गयादीन की मड़ैया समेत सात गांवों में पानी घुस गया। बिलावलपुर के चारों तरफ खेत जलमग्न हो गए। गांव में बनी डिप पर डेढ़ फीट पानी की तेज धार चल रही है। पैदल, साइकिल और बाइक सवारों का निकलना बंद हो गया है। यहां तीन नाव लगाई गई हैं। छोटे-बड़े करीब 15 गांवों के लोग नावों से निकल रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, बैलगाड़ियों का निकलना जारी है। इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो कई अन्य गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

फोटो-29 प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरने से बैल गाड़ी से सुरक्षित स्थान

फोटो-29 प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरने से बैल गाड़ी से सुरक्षित स्थान

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