{"_id":"6a68f4776ed9f9a9370de268","slug":"reagent-shortage-tests-for-kidney-liver-and-blood-sugar-stalled-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-111226-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: रीजेंट का सूखा...किडनी, लिवर, शुगर की जांचें ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: रीजेंट का सूखा...किडनी, लिवर, शुगर की जांचें ठप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। रीजेंट की कमी से किडनी, लिवर, शुगर, खून की कमी, संक्रमण, प्लेटलेट्स आदि की जांच लगभग सभी सीएचसी पर ठप हो गई है। आंकड़ों के अनुसार यहां औसतन हर रोज 300 मरीजों की जांचें होती हैं। अब इसी काम के लिए उन्हें निजी लैबों में एक हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है।
सिलेक्ट्रा यानी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की सुविधा जिले की सभी सातों सीएचसी पर उपलब्ध है। लेकिन, मोहम्मदाबाद सीएचसी को छोड़ राजेपुर, शमसाबाद, कमालगंज, कायमगंज, नवाबगंज, कंपिल में सीबीसी पार्ट-3, पार्ट-5 और सिलेक्ट्रा में से कहीं दोनों तो कहीं एक मशीन का रीजेंट कई दिन से खत्म है। लिहाजा जांचें बंद पड़ी हैं। दोनों मशीनों से करीब 40 प्रकार की जांचें होती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार रीजेंट के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही एक करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए थे। इसके बाद भी अब तक रीजेंट की खरीद नहीं हो सकी। इस बारे में ड्रग वेयर हाउस प्रभारी चक्र सिंह यादव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अभी धन शो नहीं कर रहा है। इसके चलते खरीदारी नहीं की जा सकी। रीजेंट खरीद के लिए पत्रावली तैयार है। स्टेट बजट से कुछ रीजेंट मंगा लिया था, उसे सीएचसी पर भेजा गया था। एनएचएम वाला धन नहीं आया है, तीन-चार दिन में रीजेंट खरीद लिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का दावा है कि उन्हें किसी भी सीएचसी प्रभारी ने इस संदर्भ में जानकारी नहीं दी और न ही लिखित में शिकायत की, जबकि वह रोज सीएचसी का निरीक्षण करते हैं। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे जल्द दूर कराया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
फोटो-16 नवाबगंज सीएचसी पर रीजेंट के अभाव में बंद मशीनें। संवाद
सीबीसी जांच के लिए निजी लैबों का सहारा
नवाबगंज।
सीएचसी पर सीबीसी का रीजेंट खत्म हो चुका है। हर रोज औसतन 25 मरीजों की जांच होती है, ऐसे में बीमार लोगों को निजी लैबों से जांच करानी पड़ रही है, जिसके लिए 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। लैब टेक्नीशियन सुनील शुक्ला ने बताया कि रीजेंट खत्म होने से पहले ही मांग पत्र भेज दिया गया था। आने पर जांचें शुरू होंगी।
-- -- -- -- -- -- -- -
फोटो-17 कमालगंज सीएचसी की लैब में जांच कराने को लगी मरीजों की भीड़। संवाद
रीजेंट के अभाव में सिलेक्ट्रा व सीबीसी पार्ट-5 मशीन बंद
कमालगंज। 118 ग्राम पंचायतों वाले ब्लॉक की सीएचसी में चार दिन से रीजेंट खत्म होने से सिलेक्ट्रा व सीबीसी पार्ट-5 मशीन बंद पड़ी है। यहां हर रोज लैब में 150 से अधिक जांचें होती हैं। सीबीसी और सिलेक्ट्रा से जांच के लिए 20 से अधिक मरीज आते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल सीबीसी पार्ट-3 मशीन से जांच हो रही है। रीजेंट का मांग पत्र भेजा है। संवाद
-- -- -- -- -- -- --
फोटो-18 शमसाबाद सीएचसी पर खराब सिलेक्ट्रा मशीन। संवाद
सिलेक्ट्रा मशीन व हेल्थ एटीएम खराब :
शमसाबाद सीएचसी पर सिलेक्ट्रा मशीन और हेल्थ एटीएम कई महीने से खराब हैं। इन मशीनों से होने वाली जांचों के लिए निजी लैबों में एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। फिलहाल सीबीसी पार्ट-3 मशीन से ही चंद जांचें हो रही हैं। लैब टेक्नीशियन राजन राव और लोकेंद्र कुमार ने मंगलवार को 85 मरीजों के नमूने लिए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीम अंसारी ने बताया कि खराब मशीनों को सही कराने के लिए पत्र लिखा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
सिलेक्ट्रा का रीजेंट नहीं, फिर भी जांचों का दावा :
कायमगंज सीएचसी के लैब टेक्नीशियन ने मंगलवार को कई तरह की जांचों की सुविधा होने का दावा किया। सीएचसी में सिलेक्ट्रा मशीन का रीजेंट काफी दिनों से नहीं है, फिर भी वह बायोकेमिस्ट्री की जांचों का दावा करते दिखे। यहां रोजाना 150 से अधिक मरीजों की जांचें होती हैं।
-- -- -- -- -
सीएचसी में दो माह का रीजेंट उपलब्ध : मोहम्मदाबाद सीएचसी में इस समय दोनों ही मशीनों का करीब दो माह का रीजेंट उपलब्ध है। यहां हर रोज करीब 30 मरीजों की जांचें की जाती हैं। लैब टेक्नीशियन महेश ने बताया कि रीजेंट की यहां कोई दिक्कत नहीं है।
विज्ञापन
सिलेक्ट्रा यानी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की सुविधा जिले की सभी सातों सीएचसी पर उपलब्ध है। लेकिन, मोहम्मदाबाद सीएचसी को छोड़ राजेपुर, शमसाबाद, कमालगंज, कायमगंज, नवाबगंज, कंपिल में सीबीसी पार्ट-3, पार्ट-5 और सिलेक्ट्रा में से कहीं दोनों तो कहीं एक मशीन का रीजेंट कई दिन से खत्म है। लिहाजा जांचें बंद पड़ी हैं। दोनों मशीनों से करीब 40 प्रकार की जांचें होती हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार रीजेंट के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही एक करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए थे। इसके बाद भी अब तक रीजेंट की खरीद नहीं हो सकी। इस बारे में ड्रग वेयर हाउस प्रभारी चक्र सिंह यादव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अभी धन शो नहीं कर रहा है। इसके चलते खरीदारी नहीं की जा सकी। रीजेंट खरीद के लिए पत्रावली तैयार है। स्टेट बजट से कुछ रीजेंट मंगा लिया था, उसे सीएचसी पर भेजा गया था। एनएचएम वाला धन नहीं आया है, तीन-चार दिन में रीजेंट खरीद लिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का दावा है कि उन्हें किसी भी सीएचसी प्रभारी ने इस संदर्भ में जानकारी नहीं दी और न ही लिखित में शिकायत की, जबकि वह रोज सीएचसी का निरीक्षण करते हैं। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे जल्द दूर कराया जाएगा।
फोटो-16 नवाबगंज सीएचसी पर रीजेंट के अभाव में बंद मशीनें। संवाद
सीबीसी जांच के लिए निजी लैबों का सहारा
नवाबगंज।
सीएचसी पर सीबीसी का रीजेंट खत्म हो चुका है। हर रोज औसतन 25 मरीजों की जांच होती है, ऐसे में बीमार लोगों को निजी लैबों से जांच करानी पड़ रही है, जिसके लिए 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। लैब टेक्नीशियन सुनील शुक्ला ने बताया कि रीजेंट खत्म होने से पहले ही मांग पत्र भेज दिया गया था। आने पर जांचें शुरू होंगी।
फोटो-17 कमालगंज सीएचसी की लैब में जांच कराने को लगी मरीजों की भीड़। संवाद
रीजेंट के अभाव में सिलेक्ट्रा व सीबीसी पार्ट-5 मशीन बंद
कमालगंज। 118 ग्राम पंचायतों वाले ब्लॉक की सीएचसी में चार दिन से रीजेंट खत्म होने से सिलेक्ट्रा व सीबीसी पार्ट-5 मशीन बंद पड़ी है। यहां हर रोज लैब में 150 से अधिक जांचें होती हैं। सीबीसी और सिलेक्ट्रा से जांच के लिए 20 से अधिक मरीज आते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल सीबीसी पार्ट-3 मशीन से जांच हो रही है। रीजेंट का मांग पत्र भेजा है। संवाद
फोटो-18 शमसाबाद सीएचसी पर खराब सिलेक्ट्रा मशीन। संवाद
सिलेक्ट्रा मशीन व हेल्थ एटीएम खराब :
शमसाबाद सीएचसी पर सिलेक्ट्रा मशीन और हेल्थ एटीएम कई महीने से खराब हैं। इन मशीनों से होने वाली जांचों के लिए निजी लैबों में एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। फिलहाल सीबीसी पार्ट-3 मशीन से ही चंद जांचें हो रही हैं। लैब टेक्नीशियन राजन राव और लोकेंद्र कुमार ने मंगलवार को 85 मरीजों के नमूने लिए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीम अंसारी ने बताया कि खराब मशीनों को सही कराने के लिए पत्र लिखा है।
सिलेक्ट्रा का रीजेंट नहीं, फिर भी जांचों का दावा :
कायमगंज सीएचसी के लैब टेक्नीशियन ने मंगलवार को कई तरह की जांचों की सुविधा होने का दावा किया। सीएचसी में सिलेक्ट्रा मशीन का रीजेंट काफी दिनों से नहीं है, फिर भी वह बायोकेमिस्ट्री की जांचों का दावा करते दिखे। यहां रोजाना 150 से अधिक मरीजों की जांचें होती हैं।
सीएचसी में दो माह का रीजेंट उपलब्ध : मोहम्मदाबाद सीएचसी में इस समय दोनों ही मशीनों का करीब दो माह का रीजेंट उपलब्ध है। यहां हर रोज करीब 30 मरीजों की जांचें की जाती हैं। लैब टेक्नीशियन महेश ने बताया कि रीजेंट की यहां कोई दिक्कत नहीं है।