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Farrukhabad News: लजीज व्यंजन में मसालों की महंगाई का तड़का
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फोटो-3 कमालगंज में मसालों की लगी दुकानें। संवाद
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फर्रुखाबाद/कमालगंज। खाद्य पदार्थों की महंगाई में मसाले भी शामिल हो गए हैं। धनिया के भाव भी आसमान पर हैं। कुछ दिनों पहले तक सौ रुपये किलो बिकने वाला धनिया अब 200 रुपये पहुंच गया है। हल्दी और मिर्च का भी भाव सुर्ख है। हालत यह है कि लजीज व्यंजन में मसालों की महंगाई का तड़का लग रहा है।
आम तौर पर अप्रैल में सूखे धनिया की फसल बाजार में आ जाती है। इस बार नई फसल आने पर धनिया का भाव 100 रुपये किलो खुला लेकिन, धीरे-धीरे भाव बढ़ने का सिलसिला चला तो अब धनिया दोगुनी कीमत पर पहुंच गया। इस समय 180 से 210 रुपये किलो तक धनिया बिक रहा है। बाजार में लंबी वाली नागपुरी हल्दी व गोल वाली हल्दी उपलब्ध है। नागपुरी हल्दी 140 रुपये किलो बिक रही थी, अब भाव 190 रुपये पहुंच गया है। गोल वाली हल्दी 180 रुपये में है। जिले में तेजा मिर्चा की कड़ुवाहट खास पसंद की जाती है। मसालों के साथ तेजा मिर्चा का भाव 190 चल रहा था, अब तेजा ने ऊंची चाल पकड़कर 240 रुपये किलो भाव पा लिया।
उड़द की दाल भी हुई मंहगी, चीनी-चावल के दाम भी बढ़े
- काली उड़द दाल के साथ ही चाट के आइटमों में भी उपयोग में आती है। 80 रुपये किलो बिक रही उड़द 100 रुपये पहुंच गई है। चीनी के दाम काफी दिन तक 40 से 45 रुपये किलो रहे। अब चीनी भी 50 रुपये किलो बिक रही है। चावल के दाम भी पांच से 10 रुपये किलो के हिसाब से बढ़े हैं।
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खराब मौसम से फसल को हुआ था नुकसान
- शेखपुर के किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता कहते हैं कि खराब मौसम, बेमौसम पानी व ओला आदि से धनिया की 50 प्रतिशत फसल खराब हो गई थी। मसालों की महंगाई व आलू का भाव पिटने से बिक्री आधी रह गई है। जो लोग एक किलो धनिया ले जाते थे, वह अब आधा किलो ही लेते हैं। (संवाद)
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आम तौर पर अप्रैल में सूखे धनिया की फसल बाजार में आ जाती है। इस बार नई फसल आने पर धनिया का भाव 100 रुपये किलो खुला लेकिन, धीरे-धीरे भाव बढ़ने का सिलसिला चला तो अब धनिया दोगुनी कीमत पर पहुंच गया। इस समय 180 से 210 रुपये किलो तक धनिया बिक रहा है। बाजार में लंबी वाली नागपुरी हल्दी व गोल वाली हल्दी उपलब्ध है। नागपुरी हल्दी 140 रुपये किलो बिक रही थी, अब भाव 190 रुपये पहुंच गया है। गोल वाली हल्दी 180 रुपये में है। जिले में तेजा मिर्चा की कड़ुवाहट खास पसंद की जाती है। मसालों के साथ तेजा मिर्चा का भाव 190 चल रहा था, अब तेजा ने ऊंची चाल पकड़कर 240 रुपये किलो भाव पा लिया।
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उड़द की दाल भी हुई मंहगी, चीनी-चावल के दाम भी बढ़े
- काली उड़द दाल के साथ ही चाट के आइटमों में भी उपयोग में आती है। 80 रुपये किलो बिक रही उड़द 100 रुपये पहुंच गई है। चीनी के दाम काफी दिन तक 40 से 45 रुपये किलो रहे। अब चीनी भी 50 रुपये किलो बिक रही है। चावल के दाम भी पांच से 10 रुपये किलो के हिसाब से बढ़े हैं।
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खराब मौसम से फसल को हुआ था नुकसान
- शेखपुर के किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता कहते हैं कि खराब मौसम, बेमौसम पानी व ओला आदि से धनिया की 50 प्रतिशत फसल खराब हो गई थी। मसालों की महंगाई व आलू का भाव पिटने से बिक्री आधी रह गई है। जो लोग एक किलो धनिया ले जाते थे, वह अब आधा किलो ही लेते हैं। (संवाद)