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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी दूर, विद्यालयों में भरा पानी
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फोटो-10 गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर भरा पानी। संवाद
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर शनिवार को चेतावनी बिंदु 136.60 को पारकर 136.80 मीटर पर पहुंच गया। इससे खतरे का निशान 137.10 मीटर महज 30 सेंटीमीटर दूर है। बाढ़ का पानी घुसने से तीन प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं। तीसराम की मड़ैया की कटी सड़क पर पानी भरने से रास्ता बंद हो गया।
पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते बांध से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। नरौरा बांध से 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हरिद्वार बांध से 1,14,192 व बिजनौर से 1,81,216 क्यूसेक पानी पास किया गया है। नरौरा बांध से अधिक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
पांचाल घाट बंधा पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे विद्यालय बंद हो गया है। तीसराम की मड़ैया और मंझा के प्राथमिक विद्यालयों को भी बाढ़ के पानी की वजह से बंद कर दिया गया है। गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क पिछले साल बाढ़ में कट गई थी। तालाब बनी सड़क में पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया है।
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गांव मंझा की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग पर दो पुलिया बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण पूरा न होने से अब रास्ता बंद हो गया है। गांव गौटिया, करनपुर घाट, माखन नगला, जटपुरा, कुड़री सारंगपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, हरिसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, रामपुर, जोगराजपुर, लायककपुर आदि गांव के पास पानी पहुंच गया है। पानी आने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। रामगंगा का जलस्तर बिलोगेज पर है। खो हरेली रामनगर बैराज से 2624 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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डीएम ने परखी बाढ़ की तैयारियां :
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ से प्रभावित गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है। घरों में पानी भरने पर सभी को बाढ़ शरणालय में भेजने के आदेश एसडीएम को दिए हैं। बाढ़ शरणालय गंगापार महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में की गई व्यवस्था के बारे में जाना। आईटीआई में माडल शरणालय बनाए जाने के आदेश दिए हैं। बाढ़ से राहत एवं बचाव व्यवस्था का जायजा लिया।
तीसराम की मड़ैया के लोगों ने बताया कि बाढ़ से कटी सड़क नहीं बन पाई है। आने जाने में दिक्कत हो रही है। आशा की मड़ैया, रामपुर जोगराजपुर, इमादपुर सोमवंशी व बदायूं मार्ग को भी देखा। डीएम ने कहा कि खाद्यान्न, पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ जल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गांव मंझा की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर पुलिया निर्माणाधीन होने व बाढ़ का पानी सड़क पर भरा होने से जिलाधिकारी व एसपी वहां तक नहीं पहुंच पाईं। पुलिया के आसपास बाढ़ का पानी गहरा होने पर चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते बांध से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। नरौरा बांध से 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हरिद्वार बांध से 1,14,192 व बिजनौर से 1,81,216 क्यूसेक पानी पास किया गया है। नरौरा बांध से अधिक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
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पांचाल घाट बंधा पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे विद्यालय बंद हो गया है। तीसराम की मड़ैया और मंझा के प्राथमिक विद्यालयों को भी बाढ़ के पानी की वजह से बंद कर दिया गया है। गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क पिछले साल बाढ़ में कट गई थी। तालाब बनी सड़क में पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया है।
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गांव मंझा की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग पर दो पुलिया बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण पूरा न होने से अब रास्ता बंद हो गया है। गांव गौटिया, करनपुर घाट, माखन नगला, जटपुरा, कुड़री सारंगपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, हरिसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, रामपुर, जोगराजपुर, लायककपुर आदि गांव के पास पानी पहुंच गया है। पानी आने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। रामगंगा का जलस्तर बिलोगेज पर है। खो हरेली रामनगर बैराज से 2624 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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डीएम ने परखी बाढ़ की तैयारियां :
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ से प्रभावित गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है। घरों में पानी भरने पर सभी को बाढ़ शरणालय में भेजने के आदेश एसडीएम को दिए हैं। बाढ़ शरणालय गंगापार महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में की गई व्यवस्था के बारे में जाना। आईटीआई में माडल शरणालय बनाए जाने के आदेश दिए हैं। बाढ़ से राहत एवं बचाव व्यवस्था का जायजा लिया।
तीसराम की मड़ैया के लोगों ने बताया कि बाढ़ से कटी सड़क नहीं बन पाई है। आने जाने में दिक्कत हो रही है। आशा की मड़ैया, रामपुर जोगराजपुर, इमादपुर सोमवंशी व बदायूं मार्ग को भी देखा। डीएम ने कहा कि खाद्यान्न, पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ जल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गांव मंझा की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर पुलिया निर्माणाधीन होने व बाढ़ का पानी सड़क पर भरा होने से जिलाधिकारी व एसपी वहां तक नहीं पहुंच पाईं। पुलिया के आसपास बाढ़ का पानी गहरा होने पर चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।

फोटो-10 गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर भरा पानी। संवाद