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Farrukhabad News: दो नंबर बोगी में बंद कर स्टेशन पर लाए गए आरोपी
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फर्रुखाबाद। स्थानीय स्टेशन से कासगंज की ओर पहली हरसिंहपुर गोवा हाल्ट स्टेशन पर करीब दो घंटे चले बवाल में गनीमत रही कि आरोपी किन्नर और उसका सहयोगी ग्रामीणों के हाथ नहीं लगे। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ने का भरसक प्रयास किया। जीआरपी व आरपीएफ भी बेहद गोपनीय तरीके से उन्हें इंजन से दूसरे नंबर की बोगी में लेकर पहुंची। बोगी में आग बुझाने वाले सिलिंडर समेत अन्य सामान भी बिखरा पड़ा था।
कासगंज से फर्रुखाबाद आ रही पैसेंजर ट्रेन में किन्नर के हमले के बाद बड़ा बवाल हो गया। रेलवे स्टेशन पर 500 से अधिक ग्रामीणों ने ट्रेन की घेराबंदी कर ली थी। ट्रेन में मौजूद यात्री दहशत में आ गए। कई डिब्बों को यात्रियों ने अंदर से बंद कर लिया था। कुछ युवकों ने डिब्बों को खोल दिया। ग्रामीणों को खासकर जिस बोगी में किन्नर और उसके सहयोगी थे, उन्हीं की तलाश थी। इसीलिए वह तीन-चार बोगी को ही घेरे रहे। आरपीएफ, जीआरपी ने ट्रेन के इंजन से दूसरी बोगी को खाली करवाया। इसके बाद घेराबंदी करके किन्नर और उसके सहयोगी को खाली कराई गई बोगी में ले जाया गया। सीटों पर सफेद गैस दिख रही थी। इससे साफ है कि अग्निशामक संयंत्रों को चलाया गया था। आशंका है कि विवाद के समय यात्रियों ने उन्हें चला दिया होगा।
वहां से सीधे जीआरपी थाने में बंद कर दिया गया। देर रात तक पुलिस लिखापढ़ी करने में जुटी रही। पीड़ित परिवार के कई लोग थाने में पहुंचे। किन्नर के हमले में सुनील कुमार, उसका साथी सौरभ और पथराव में सुनील का भाई अनिल कुमार और एक अन्य ग्रामीण घायल हुआ है।
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ग्रामीणों के हत्थे चढ़ते आरोपी तो हो जाती बड़ी घटना : हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन पर ग्रामीणों में इस कदर आक्रोश था कि वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। ट्रेनों पर किन्नरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों का कहना था कि पैसेंजर ट्रेन पर कामकाज करके लोग घर आते हैं और उनसे जबरन अधिक रुपये ऐंठने के लिए अभद्रता की जाती है। किन्नरों के इस कृत्य को ट्रेन में चलने वाली स्कॉर्ट भी जानती है, मगर जान बूझ कर उन पर कार्रवाई नहीं करती।
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ट्रेन की कई बोगियों के शीशे भी हुए क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों ने इस कदर पथराव किया कि कई बोगियों के शीशे तक टूट गए। रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। पथराव में कई यात्री भी चोटिल हुए। यात्रा कर रहे लोगों ने अपने घर पर फोन करके चौरसिया मझोला तक परिजनों को वाहनों से बुला लिया। हरसिंहपुर गोवा निवासी एक ग्रामीण ने बताया कि एक महिला के सिर में चोट लगी थी। वह अपने परिजन के साथ कार में बैठकर चली गई।
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किन्नर की वास्तविकता पर भी उठ रहे सवाल
जीआरपी की हिरासत में मौजूद किन्नर कासगंज जिले के गंजडुंडवारा के गणेशपुर निवासी नैना (21) और उसका सहयोगी मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला तिकोना वैजनाथ स्ट्रीट निवासी हर्ष गुप्ता बताया जाता है। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ कर रही है।
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बहता रहा खून, लिखापढ़ी करती रही जीआरपी
आढ़त कर्मी सुनील कुमार के हाथ में काफी गहरा चाकू लगा था। घटना के तीन घंटे बाद भी उसे इलाज नहीं मिल सका। वह जिस स्थान से खून निकल रहा था,उसे पॉलिथीन से दबाए रहा। रात पौने 11 बजे जीआरपी थाने ले आई। इसके बाद लिखापढ़ी में लगी रही, मगर उसे फर्स्ट एड तक नहीं दिलाई गई।
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कासगंज से फर्रुखाबाद आ रही पैसेंजर ट्रेन में किन्नर के हमले के बाद बड़ा बवाल हो गया। रेलवे स्टेशन पर 500 से अधिक ग्रामीणों ने ट्रेन की घेराबंदी कर ली थी। ट्रेन में मौजूद यात्री दहशत में आ गए। कई डिब्बों को यात्रियों ने अंदर से बंद कर लिया था। कुछ युवकों ने डिब्बों को खोल दिया। ग्रामीणों को खासकर जिस बोगी में किन्नर और उसके सहयोगी थे, उन्हीं की तलाश थी। इसीलिए वह तीन-चार बोगी को ही घेरे रहे। आरपीएफ, जीआरपी ने ट्रेन के इंजन से दूसरी बोगी को खाली करवाया। इसके बाद घेराबंदी करके किन्नर और उसके सहयोगी को खाली कराई गई बोगी में ले जाया गया। सीटों पर सफेद गैस दिख रही थी। इससे साफ है कि अग्निशामक संयंत्रों को चलाया गया था। आशंका है कि विवाद के समय यात्रियों ने उन्हें चला दिया होगा।
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वहां से सीधे जीआरपी थाने में बंद कर दिया गया। देर रात तक पुलिस लिखापढ़ी करने में जुटी रही। पीड़ित परिवार के कई लोग थाने में पहुंचे। किन्नर के हमले में सुनील कुमार, उसका साथी सौरभ और पथराव में सुनील का भाई अनिल कुमार और एक अन्य ग्रामीण घायल हुआ है।
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ग्रामीणों के हत्थे चढ़ते आरोपी तो हो जाती बड़ी घटना : हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन पर ग्रामीणों में इस कदर आक्रोश था कि वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। ट्रेनों पर किन्नरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों का कहना था कि पैसेंजर ट्रेन पर कामकाज करके लोग घर आते हैं और उनसे जबरन अधिक रुपये ऐंठने के लिए अभद्रता की जाती है। किन्नरों के इस कृत्य को ट्रेन में चलने वाली स्कॉर्ट भी जानती है, मगर जान बूझ कर उन पर कार्रवाई नहीं करती।
ट्रेन की कई बोगियों के शीशे भी हुए क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों ने इस कदर पथराव किया कि कई बोगियों के शीशे तक टूट गए। रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। पथराव में कई यात्री भी चोटिल हुए। यात्रा कर रहे लोगों ने अपने घर पर फोन करके चौरसिया मझोला तक परिजनों को वाहनों से बुला लिया। हरसिंहपुर गोवा निवासी एक ग्रामीण ने बताया कि एक महिला के सिर में चोट लगी थी। वह अपने परिजन के साथ कार में बैठकर चली गई।
किन्नर की वास्तविकता पर भी उठ रहे सवाल
जीआरपी की हिरासत में मौजूद किन्नर कासगंज जिले के गंजडुंडवारा के गणेशपुर निवासी नैना (21) और उसका सहयोगी मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला तिकोना वैजनाथ स्ट्रीट निवासी हर्ष गुप्ता बताया जाता है। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ कर रही है।
बहता रहा खून, लिखापढ़ी करती रही जीआरपी
आढ़त कर्मी सुनील कुमार के हाथ में काफी गहरा चाकू लगा था। घटना के तीन घंटे बाद भी उसे इलाज नहीं मिल सका। वह जिस स्थान से खून निकल रहा था,उसे पॉलिथीन से दबाए रहा। रात पौने 11 बजे जीआरपी थाने ले आई। इसके बाद लिखापढ़ी में लगी रही, मगर उसे फर्स्ट एड तक नहीं दिलाई गई।