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Fatehpur News: आत्मविश्वास से निकलता तनावमुक्त परीक्षा का रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Fri, 30 Jan 2026 01:33 AM IST
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मोहम्मदाबाद। किसी भी परीक्षा के लिए मैदान में उतरने से पहले खुद में आत्मविश्वास की जरूरत है। मेहनत और लगन बनाएं रखें तो लक्ष्य जरूर हासिल होगा। तनाव मुक्त होकर पाठ्यक्रम को अच्छे से दोहराकर तैयारी करेंगे तो बेहतर अंक भी मिलेंगे। यह बात क्षेत्र के पिपरगांव स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की तनाव मुक्त परीक्षा कार्यशाला में मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद अजय वर्मा ने कहीं।
उन्होंने छात्रों से भी बातचीत करते हुए कहा कि तनाव मुक्त परीक्षा ही नहीं बल्कि तना मुक्त जीवन भी जीना चाहिए। जीवन में तनाव जरूर होगा लेकिन उससे निपटने के लिए सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से रास्ता निकालना चाहिए। तनावमुक्त जीवन जीने की आदत से तनाव रहित परीक्षा का रास्ता भी निकल सकता है। सभी के समझने व सोचने की क्षमता अलग होती है। आप खुद तय करेंगे कि जीवन में क्या करना है। परीक्षा में कम अंक आने पर निराश नहीं होना है, बल्कि आगे की तैयारी को बेहतर तरीके से करने की आवश्यकता है।
पाठ्यक्रम को अच्छे से दोहराकर तैयारी करें, इससे अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे। किसी भी परीक्षा के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास बहुत जरूरी। परीक्षा के समय घबराएं नहीं, शांत मन से पाठ्यक्रम का दोहराव करें। 18 वर्ष की आयु तक अपने अंदर सुधार लाने की आवश्यकता है।
इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि पुलिस से डरना नहीं है। पुलिस आपकी सुरक्षा, सहयोग और सम्मान के लिए है। पुलिस से सहयोग लेने के साथ सहयोग करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन में हर दिन-हर क्षण एक परीक्षा है। इस लिए तनाव में नहीं रहना है। तनाव से पढ़ने और समझने की शक्ति कम हो जाती है और मानसिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। चिंता, चिता के समान होती है। तनाव से शरीर में कई प्रकार को बीमारी जन्म लेती हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि सभी शपथ लें कि तनाव नहीं लेना है और अपना ध्यान लक्ष्य पर रखें।
प्रधानाचार्य जयदेव शर्मा ने सीओ व इंस्पेक्टर को अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया। संचालन विवेक दीक्षित ने किया। अनिल सिंह, रामवीर सिंह, गौरव सिंह, डॉ. बिंदू शाहू, इंकलाब अहमद खान आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
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सुबह बेहतर हो सकती पढ़ाई
कक्षा 12 के छात्र देव ने सीओ से पूछा कि किस समय की पढ़ाई अधिक उपयोगी हो सकती है। इसके जवाब में सीओ ने कहा कि दिन भर की थकान के कारण रात के समय नींद आती है और उस समय याद करने की क्षमता कुछ कम हो सकती है। वहीं, सुबह उठने के बाद दिमाग शांत होता है और शोर नहीं होता। सुबह का पढ़ा हुआ अधिक समय तक दिमाग में रहता है। पढ़ने के बाद उसे लिखें भी। किसी चीज को बार-बार लिखने से अधिक याद होता है।
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उन्होंने छात्रों से भी बातचीत करते हुए कहा कि तनाव मुक्त परीक्षा ही नहीं बल्कि तना मुक्त जीवन भी जीना चाहिए। जीवन में तनाव जरूर होगा लेकिन उससे निपटने के लिए सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से रास्ता निकालना चाहिए। तनावमुक्त जीवन जीने की आदत से तनाव रहित परीक्षा का रास्ता भी निकल सकता है। सभी के समझने व सोचने की क्षमता अलग होती है। आप खुद तय करेंगे कि जीवन में क्या करना है। परीक्षा में कम अंक आने पर निराश नहीं होना है, बल्कि आगे की तैयारी को बेहतर तरीके से करने की आवश्यकता है।
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पाठ्यक्रम को अच्छे से दोहराकर तैयारी करें, इससे अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे। किसी भी परीक्षा के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास बहुत जरूरी। परीक्षा के समय घबराएं नहीं, शांत मन से पाठ्यक्रम का दोहराव करें। 18 वर्ष की आयु तक अपने अंदर सुधार लाने की आवश्यकता है।
इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि पुलिस से डरना नहीं है। पुलिस आपकी सुरक्षा, सहयोग और सम्मान के लिए है। पुलिस से सहयोग लेने के साथ सहयोग करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन में हर दिन-हर क्षण एक परीक्षा है। इस लिए तनाव में नहीं रहना है। तनाव से पढ़ने और समझने की शक्ति कम हो जाती है और मानसिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। चिंता, चिता के समान होती है। तनाव से शरीर में कई प्रकार को बीमारी जन्म लेती हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि सभी शपथ लें कि तनाव नहीं लेना है और अपना ध्यान लक्ष्य पर रखें।
प्रधानाचार्य जयदेव शर्मा ने सीओ व इंस्पेक्टर को अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया। संचालन विवेक दीक्षित ने किया। अनिल सिंह, रामवीर सिंह, गौरव सिंह, डॉ. बिंदू शाहू, इंकलाब अहमद खान आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
सुबह बेहतर हो सकती पढ़ाई
कक्षा 12 के छात्र देव ने सीओ से पूछा कि किस समय की पढ़ाई अधिक उपयोगी हो सकती है। इसके जवाब में सीओ ने कहा कि दिन भर की थकान के कारण रात के समय नींद आती है और उस समय याद करने की क्षमता कुछ कम हो सकती है। वहीं, सुबह उठने के बाद दिमाग शांत होता है और शोर नहीं होता। सुबह का पढ़ा हुआ अधिक समय तक दिमाग में रहता है। पढ़ने के बाद उसे लिखें भी। किसी चीज को बार-बार लिखने से अधिक याद होता है।
