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Fatehpur News: नाग पंचमी पर गूंजे लोकगीत, तालाब किनारे सजी परंपरा
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फोटो-38- गुडिया पीटते बच्चे। संवाद
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फतेहपुर। सावन मास के तीसरे सोमवार को नाग पंचमी का त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विशेष संयोग के चलते श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक कर नाग देवता को दूध अर्पित किया।
शहर से लेकर गांवों तक पर्व की धूम रही। पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत बहनों ने चौक-चौराहों और तालाबों के निकट कपड़े की गुड़िया डालीं जिन्हें भाइयों ने डंडों से पीटकर वर्षों पुरानी परंपरा निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में लोकगीतों के बीच पर्व का उल्लास देखते ही बना।
बम अखाड़ा में बच्चों ने दिखाए कुश्ती के दांवपेच
जहानाबाद। कस्बे के साढ़ रोड स्थित प्राचीन बम बाबा मंदिर परिसर में नाग पंचमी पर बाल पहलवानों ने अखाड़े में कुश्ती के दांवपेच दिखाए। अमर जीत और कैफ के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें कैफ ने अमर को हराकर दंगल अपने नाम किया। अरशद और अभिषेक के मुकाबले में अभिषेक विजयी रहे। आहिल और दीपक के बीच हुई कुश्ती में आहिल ने बाजी मारी। आशू और एशू के मुकाबले में आशू ने जीत दर्ज की। बच्चियों में किंजा और जोबिया के बीच भी जोरदार मुकाबला हुआ। इसमें किंजा विजयी रहीं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दंगल का आयोजन राजेश लोधी, अकील पहलवान, सुमित, राजेश और मिर्ची की देखरेख में हुआ।
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खेतों से मिट्टी लाकर बोई कजरिया
धाता। क्षेत्र में सोमवार सुबह लोगों ने गाय के दूध और हरी दूब (घास) से खेतों तथा देवी-देवताओं के स्थानों पर छिड़काव कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने घरों में नाग देवता की आकृति बनाकर उसे दूध से स्नान कराया और तरह-तरह के पकवान तैयार किए। इसके बाद गुड़िया बनाकर रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाईं और समूह में गांव के बाहर, चौराहों व निर्धारित स्थानों पर पहुंचीं। यहां युवकों ने रंग-बिरंगे डंडों से गुड़िया पीटने की पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं के लोकगीतों से माहौल गूंजता रहा। इसके बाद महिलाओं ने कजरिया बोने की परंपरा निभाई।
तालाब किनारे उमड़ी बच्चों की भीड़, निभाई परंपरा
विजयीपुर। क्षेत्र में सोमवार को ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार गुड़िया का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों में उत्साह रहा। महिलाओं ने लोकगीत गाते हुए पर्व की रस्में निभाईं। कई स्थानों पर बच्चे समूह में गुड़िया लेकर तालाब तक पहुंचे और परंपरा का निर्वहन किया। तालाब किनारे बच्चों की भीड़ जुटी रही। बदलते समय के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में यह परंपरा आज भी उत्साह के साथ निभाई जा रही है।
नाग पंचमी पर बच्चों ने निभाई परंपरा
असोथर। नगर पंचायत असोथर सहित क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बच्चों ने पारंपरिक रूप से गुड़िया पीटने की रस्म निभाई। सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। लोगों ने नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बुजुर्गों ने बताया कि नाग पंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही है। बच्चे इस पर्व का पूरे साल इंतजार करते हैं।
दंगल में बाल पहलवानों ने दिखाए दांवपेच
अमौली। क्षेत्र के न्योरी जलालपुर में नाग पंचमी पर बाल पहलवानों का दंगल आयोजित किया गया। इसमें 17 कुश्तियां हुईं। अंकुश ने रवि को जोर आजमाइश के बाद पटखनी दी। शिव और अमन के बीच रोमांचक मुकाबले में कड़ी मशक्कत के बाद शिव ने जीत दर्ज की। अंकित ने अमित को पटक दिया। श्यामू व प्रताप, ज्ञान व शानू, रमेश व निर्मल, सुनील व महेश समेत अन्य कुश्तियां निर्णायक न होने पर बराबरी पर छूट गईं। आयोजक धर्मपाल सिंह ने सभी बाल पहलवानों को पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर प्रेम कुमार, सुशील, शीतल, धर्मराज, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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शहर से लेकर गांवों तक पर्व की धूम रही। पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत बहनों ने चौक-चौराहों और तालाबों के निकट कपड़े की गुड़िया डालीं जिन्हें भाइयों ने डंडों से पीटकर वर्षों पुरानी परंपरा निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में लोकगीतों के बीच पर्व का उल्लास देखते ही बना।
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बम अखाड़ा में बच्चों ने दिखाए कुश्ती के दांवपेच
जहानाबाद। कस्बे के साढ़ रोड स्थित प्राचीन बम बाबा मंदिर परिसर में नाग पंचमी पर बाल पहलवानों ने अखाड़े में कुश्ती के दांवपेच दिखाए। अमर जीत और कैफ के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें कैफ ने अमर को हराकर दंगल अपने नाम किया। अरशद और अभिषेक के मुकाबले में अभिषेक विजयी रहे। आहिल और दीपक के बीच हुई कुश्ती में आहिल ने बाजी मारी। आशू और एशू के मुकाबले में आशू ने जीत दर्ज की। बच्चियों में किंजा और जोबिया के बीच भी जोरदार मुकाबला हुआ। इसमें किंजा विजयी रहीं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दंगल का आयोजन राजेश लोधी, अकील पहलवान, सुमित, राजेश और मिर्ची की देखरेख में हुआ।
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खेतों से मिट्टी लाकर बोई कजरिया
धाता। क्षेत्र में सोमवार सुबह लोगों ने गाय के दूध और हरी दूब (घास) से खेतों तथा देवी-देवताओं के स्थानों पर छिड़काव कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने घरों में नाग देवता की आकृति बनाकर उसे दूध से स्नान कराया और तरह-तरह के पकवान तैयार किए। इसके बाद गुड़िया बनाकर रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाईं और समूह में गांव के बाहर, चौराहों व निर्धारित स्थानों पर पहुंचीं। यहां युवकों ने रंग-बिरंगे डंडों से गुड़िया पीटने की पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं के लोकगीतों से माहौल गूंजता रहा। इसके बाद महिलाओं ने कजरिया बोने की परंपरा निभाई।
तालाब किनारे उमड़ी बच्चों की भीड़, निभाई परंपरा
विजयीपुर। क्षेत्र में सोमवार को ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार गुड़िया का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों में उत्साह रहा। महिलाओं ने लोकगीत गाते हुए पर्व की रस्में निभाईं। कई स्थानों पर बच्चे समूह में गुड़िया लेकर तालाब तक पहुंचे और परंपरा का निर्वहन किया। तालाब किनारे बच्चों की भीड़ जुटी रही। बदलते समय के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में यह परंपरा आज भी उत्साह के साथ निभाई जा रही है।
नाग पंचमी पर बच्चों ने निभाई परंपरा
असोथर। नगर पंचायत असोथर सहित क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बच्चों ने पारंपरिक रूप से गुड़िया पीटने की रस्म निभाई। सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। लोगों ने नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बुजुर्गों ने बताया कि नाग पंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही है। बच्चे इस पर्व का पूरे साल इंतजार करते हैं।
दंगल में बाल पहलवानों ने दिखाए दांवपेच
अमौली। क्षेत्र के न्योरी जलालपुर में नाग पंचमी पर बाल पहलवानों का दंगल आयोजित किया गया। इसमें 17 कुश्तियां हुईं। अंकुश ने रवि को जोर आजमाइश के बाद पटखनी दी। शिव और अमन के बीच रोमांचक मुकाबले में कड़ी मशक्कत के बाद शिव ने जीत दर्ज की। अंकित ने अमित को पटक दिया। श्यामू व प्रताप, ज्ञान व शानू, रमेश व निर्मल, सुनील व महेश समेत अन्य कुश्तियां निर्णायक न होने पर बराबरी पर छूट गईं। आयोजक धर्मपाल सिंह ने सभी बाल पहलवानों को पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर प्रेम कुमार, सुशील, शीतल, धर्मराज, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।

फोटो-38- गुडिया पीटते बच्चे। संवाद

फोटो-38- गुडिया पीटते बच्चे। संवाद

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