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Fatehpur News: 5.49 करोड़ की सड़क पर फिसल रही जिंदगी
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फोटो-02-अधबनी सड़क पर पहिए में चिपकी मिट्टी निकालता युवक। संवाद
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खागा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 5.49 करोड़ से बन रहे मददअलीपुर-थुरियानी संपर्क मार्ग पर वाहन चालकों की जिंदगी फिसल रही है। पढ़कर थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन सच यही है। पहली ही बारिश में निर्माण की पोल खुल गई है।
क्योंकि करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क पर गिट्टी और पत्थर बिछाने के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इससे मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। दोपहिया वाहनों के पहिए मिट्टी में फंस रहे हैं और फिसलकर लोग चोटिल हो रहे हैं।
यह सड़क मददअलीपुर, शिवप्रसाद का डेरा, थुरियानी, बहियापुर, रघुबर डेरा और घटवारिन डेरा समेत कई गांवों की करीब आठ हजार आबादी को जोड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने पत्थर बिछाने के बाद बजरी, बालू और डामर की परत नहीं डाली। बारिश होने पर सड़क की काली मिट्टी पहियों में चिपक जाती है। इससे वाहन आगे नहीं बढ़ पाते। वहीं उखड़ी गिट्टियां हादसों का कारण बन रही हैं।
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रामराज निषाद, महेश निषाद और पंकज प्रजापति ने बताया कि हल्की बारिश के बाद भी सड़क पर चलना जोखिम भरा हो जाता है। बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों को भी खेतों तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क निर्माण छह दिसंबर 2025 तक पूरा होना था लेकिन अब तक कार्य अधूरा पड़ा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके शील ने बताया कि सड़क निर्माण में देरी और अधूरे कार्य की जांच कराई जाएगी। निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
छह गांवों की लाइफलाइन बनी मुसीबत
मददअलीपुर-थुरियानी संपर्क मार्ग क्षेत्र के छह गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। सड़क अधूरी होने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, किसानों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
जल्द निर्माण नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीण राजेश दीक्षित का कहना है कि ठेकेदार ने सिर्फ गिट्टी डालकर खानापूरी कर दी है। बारिश होते ही सड़क जानलेवा बन जाती है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। समय रहते निर्माण पूरा नहीं हुआ तो ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
किसान नेता धर्मेंद्र दीक्षित का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिल रही है। यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो ग्रामीण चक्काजाम कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
क्योंकि करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क पर गिट्टी और पत्थर बिछाने के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इससे मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। दोपहिया वाहनों के पहिए मिट्टी में फंस रहे हैं और फिसलकर लोग चोटिल हो रहे हैं।
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यह सड़क मददअलीपुर, शिवप्रसाद का डेरा, थुरियानी, बहियापुर, रघुबर डेरा और घटवारिन डेरा समेत कई गांवों की करीब आठ हजार आबादी को जोड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने पत्थर बिछाने के बाद बजरी, बालू और डामर की परत नहीं डाली। बारिश होने पर सड़क की काली मिट्टी पहियों में चिपक जाती है। इससे वाहन आगे नहीं बढ़ पाते। वहीं उखड़ी गिट्टियां हादसों का कारण बन रही हैं।
रामराज निषाद, महेश निषाद और पंकज प्रजापति ने बताया कि हल्की बारिश के बाद भी सड़क पर चलना जोखिम भरा हो जाता है। बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों को भी खेतों तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क निर्माण छह दिसंबर 2025 तक पूरा होना था लेकिन अब तक कार्य अधूरा पड़ा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके शील ने बताया कि सड़क निर्माण में देरी और अधूरे कार्य की जांच कराई जाएगी। निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
छह गांवों की लाइफलाइन बनी मुसीबत
मददअलीपुर-थुरियानी संपर्क मार्ग क्षेत्र के छह गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। सड़क अधूरी होने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, किसानों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
जल्द निर्माण नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीण राजेश दीक्षित का कहना है कि ठेकेदार ने सिर्फ गिट्टी डालकर खानापूरी कर दी है। बारिश होते ही सड़क जानलेवा बन जाती है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। समय रहते निर्माण पूरा नहीं हुआ तो ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
किसान नेता धर्मेंद्र दीक्षित का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिल रही है। यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो ग्रामीण चक्काजाम कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

फोटो-02-अधबनी सड़क पर पहिए में चिपकी मिट्टी निकालता युवक। संवाद

फोटो-02-अधबनी सड़क पर पहिए में चिपकी मिट्टी निकालता युवक। संवाद

फोटो-02-अधबनी सड़क पर पहिए में चिपकी मिट्टी निकालता युवक। संवाद