{"_id":"6a0621069b20d8c429069c99","slug":"over-500-poles-broken-in-the-storm-212-villages-plunged-into-darkness-fatehpur-news-c-217-1-ham1014-154731-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: आंधी में 500 से अधिक खंभे टूटे, 212 गांवों में अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: आंधी में 500 से अधिक खंभे टूटे, 212 गांवों में अंधेरा
विज्ञापन
फोटाे-22-हथगाम क्षेत्र के भुनयी का पुरवा में गिरे नीम के पेड़। संवाद
- फोटो : परिजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फतेहपुर। जिले में बुधवार शाम अचानक आई आंधी ने भारी तबाही मचाई। कई क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी के चलते बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और 35 फीडर अभी भी ठप पड़े हैं। विद्युत निगम की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं लेकिन व्यवस्था को सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
विद्युत निगम के अनुसार आंधी में जिले भर में 500 से अधिक पोल टूट गए हैं। 13 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए और 1,265 इंसुलेटर पंक्चर हो गए हैं। इससे महिचा मंदिर, सुल्तानपुर घोष, पलिया, हथगाम, किशनपुर, सिठौरा और गढा समेत कई उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे करीब 212 गांव प्रभावित हैं।
पलिया गांव के सीताराम ने बताया कि बिजली न होने से मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम कर रहे हैं। बिजली कब आए कोई भरोसा नहीं है। गांव में एक घर में लगे सोलर पैनल से मोबाइल चार्ज कर लिया था। पानी के लिए भी मोटर नहीं चल सकी तो कुएं व हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा।
राधानगर में गुमटी लगाने वाले सोमनाथ गुप्ता ने बताया कि आंधी की वजह से गुमटी के ऊपर लकड़ी के जाल में बंधा तिरपाल उड़ गया था। तीन हजार रुपये खर्च करके दोबारा लगाया है। इसी तरह क्षेत्र के कई घरों के बाहर लगी टिनशेड उड़ गए। बृहस्पतिवार दोपहर लोगों ने लोहे के एंगल खोलकर दोबारा से टिनशेड लगवाने का काम शुरू कराया।
थरियांव में 24 घंटे से ब्लैकआउट जैसे हालात
थरियांव। हसवा विकासखंड के रामपुर थरियांव स्थित विद्युत उपकेंद्र में आंधी के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तेज हवा से कई पोल टूट गए और इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे मंडा सराय, ब्राह्मणपुर, असोथर और हसवा फीडर पूरी रात बंद रहे। बृहस्पतिवार दोपहर तक भी बिजली न आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगह दशकों पुराने जर्जर पोल और तारों से आपूर्ति की जा रही है। इससे खतरा बना रहता है। बिजली न होने से पेयजल संकट और दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है। भीषण गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर पोल टूटने से आपूर्ति बाधित हुई है। मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही बिजली बहाल कर दी जाएगी।
आंधी में केले की फसल जमींदोज, स्कूल की गिरी बाउंड्रीवॉल
हुसैनगंज। क्षेत्र में आई आंधी से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक केला की अगैती फसल प्रभावित हुई है। जिन पौधों में फलियां लग चुकी थीं उन्हें ज्यादा क्षति पहुंची है। मुस्तफापुर के किसान उमेश विश्वकर्मा ने बताया कि करीब तीन बीघे खेत में लगभग 1500 केला के पौधे लगे थे। इनमें से करीब 350 पेड़ जमींदोज हो गए। भगला का पुरवा में भी कई किसानों की केले की फसल बर्बाद हुई है। भिटौरा ब्लॉक के हसऊपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गश्तीपुर के पश्चिमी छोर की करीब 70 फीट लंबी बाउंड्रीवाॅल भी गिर गई। प्रधानाध्यापिका अंजू देवी ने घटना की जानकारी बीईओ को दी है।
बिजली के खंभे गिरे, 200 घरों की आपूर्ति ठप
असोथर। आंधी के चलते जमलामऊ गांव के किनारे तीन बिजली के पोल टूटकर गिर गए। इससे करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। गर्मी में बिजली न मिलने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीण राहुल सिंह, राजू तिवारी, शिवपूजन तिवारी, राजकुमार और गंगासागर ने बताया कि अभी तक टूटे पोल नहीं बदले गए हैं। इससे गांव में अंधेरा छाया है। सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति की बनी हुई है और लोग उमस भरी गर्मी में रातें जागकर गुजार रहे हैं। अवर अभियंता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पोल बदलने का काम चल रहा है और जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
तीन उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर गिरे
हथगाम। आंधी के कारण सिठौरा, पलिया और हथगाम बिजली उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर नीचे गिर गए। इसके साथ ही क्षेत्र में सैकड़ों पोल भी टूट गए हैं। सिठौरा में राजू गौतम के घर के पास रखा ट्रांसफॉर्मर पोल सहित गिर गया। इससे कई गांवों में ब्लैक आउट हो गया। सबसे अधिक नुकसान केला फसल को हुआ है। राजापुर गांव के बैजनाथ मौर्य की करीब तीन बीघे में लगी केला फसल पूरी तरह जमींदोज हो गई। राजापुर, अचका पुर, बड़हा और आंबी गांवों में बड़े पैमाने पर केला की खेती होती है। किसानों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। वहीं चक अब्दुल्लापुर निवासी मुकेश सिंह के मुर्गी फार्म की दीवार गिरने से मलबे में दबकर कई मुर्गियों की मौत हो गई।
नीम की डाल गिरने से छात्रा का पैर टूटा
हुसैनगंज। थाना क्षेत्र के नयानी में बुधवार को आई आंधी में घर के सामने खड़े नीम के पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। इसकी चपेट में आने से सपना (13) पुत्री हरिप्रकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में उसका पैर टूट गया। परिजन ने बताया कि किशोरी शहर के एक निजी विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा है।
आंधी से विद्युत निगम को भारी नुकसान हुआ है और इससे कई गांवों में व्यवस्था प्रभावित हुई है। मरम्मत का काम कराया जा रहा है। दो दिन में पूरी आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।
- अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता।
-- -- -- -- -- -- -- -
Trending Videos
विद्युत निगम के अनुसार आंधी में जिले भर में 500 से अधिक पोल टूट गए हैं। 13 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए और 1,265 इंसुलेटर पंक्चर हो गए हैं। इससे महिचा मंदिर, सुल्तानपुर घोष, पलिया, हथगाम, किशनपुर, सिठौरा और गढा समेत कई उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे करीब 212 गांव प्रभावित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पलिया गांव के सीताराम ने बताया कि बिजली न होने से मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम कर रहे हैं। बिजली कब आए कोई भरोसा नहीं है। गांव में एक घर में लगे सोलर पैनल से मोबाइल चार्ज कर लिया था। पानी के लिए भी मोटर नहीं चल सकी तो कुएं व हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा।
राधानगर में गुमटी लगाने वाले सोमनाथ गुप्ता ने बताया कि आंधी की वजह से गुमटी के ऊपर लकड़ी के जाल में बंधा तिरपाल उड़ गया था। तीन हजार रुपये खर्च करके दोबारा लगाया है। इसी तरह क्षेत्र के कई घरों के बाहर लगी टिनशेड उड़ गए। बृहस्पतिवार दोपहर लोगों ने लोहे के एंगल खोलकर दोबारा से टिनशेड लगवाने का काम शुरू कराया।
थरियांव में 24 घंटे से ब्लैकआउट जैसे हालात
थरियांव। हसवा विकासखंड के रामपुर थरियांव स्थित विद्युत उपकेंद्र में आंधी के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तेज हवा से कई पोल टूट गए और इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे मंडा सराय, ब्राह्मणपुर, असोथर और हसवा फीडर पूरी रात बंद रहे। बृहस्पतिवार दोपहर तक भी बिजली न आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगह दशकों पुराने जर्जर पोल और तारों से आपूर्ति की जा रही है। इससे खतरा बना रहता है। बिजली न होने से पेयजल संकट और दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है। भीषण गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर पोल टूटने से आपूर्ति बाधित हुई है। मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही बिजली बहाल कर दी जाएगी।
आंधी में केले की फसल जमींदोज, स्कूल की गिरी बाउंड्रीवॉल
हुसैनगंज। क्षेत्र में आई आंधी से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक केला की अगैती फसल प्रभावित हुई है। जिन पौधों में फलियां लग चुकी थीं उन्हें ज्यादा क्षति पहुंची है। मुस्तफापुर के किसान उमेश विश्वकर्मा ने बताया कि करीब तीन बीघे खेत में लगभग 1500 केला के पौधे लगे थे। इनमें से करीब 350 पेड़ जमींदोज हो गए। भगला का पुरवा में भी कई किसानों की केले की फसल बर्बाद हुई है। भिटौरा ब्लॉक के हसऊपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गश्तीपुर के पश्चिमी छोर की करीब 70 फीट लंबी बाउंड्रीवाॅल भी गिर गई। प्रधानाध्यापिका अंजू देवी ने घटना की जानकारी बीईओ को दी है।
बिजली के खंभे गिरे, 200 घरों की आपूर्ति ठप
असोथर। आंधी के चलते जमलामऊ गांव के किनारे तीन बिजली के पोल टूटकर गिर गए। इससे करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। गर्मी में बिजली न मिलने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीण राहुल सिंह, राजू तिवारी, शिवपूजन तिवारी, राजकुमार और गंगासागर ने बताया कि अभी तक टूटे पोल नहीं बदले गए हैं। इससे गांव में अंधेरा छाया है। सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति की बनी हुई है और लोग उमस भरी गर्मी में रातें जागकर गुजार रहे हैं। अवर अभियंता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पोल बदलने का काम चल रहा है और जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
तीन उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर गिरे
हथगाम। आंधी के कारण सिठौरा, पलिया और हथगाम बिजली उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर नीचे गिर गए। इसके साथ ही क्षेत्र में सैकड़ों पोल भी टूट गए हैं। सिठौरा में राजू गौतम के घर के पास रखा ट्रांसफॉर्मर पोल सहित गिर गया। इससे कई गांवों में ब्लैक आउट हो गया। सबसे अधिक नुकसान केला फसल को हुआ है। राजापुर गांव के बैजनाथ मौर्य की करीब तीन बीघे में लगी केला फसल पूरी तरह जमींदोज हो गई। राजापुर, अचका पुर, बड़हा और आंबी गांवों में बड़े पैमाने पर केला की खेती होती है। किसानों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। वहीं चक अब्दुल्लापुर निवासी मुकेश सिंह के मुर्गी फार्म की दीवार गिरने से मलबे में दबकर कई मुर्गियों की मौत हो गई।
नीम की डाल गिरने से छात्रा का पैर टूटा
हुसैनगंज। थाना क्षेत्र के नयानी में बुधवार को आई आंधी में घर के सामने खड़े नीम के पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। इसकी चपेट में आने से सपना (13) पुत्री हरिप्रकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में उसका पैर टूट गया। परिजन ने बताया कि किशोरी शहर के एक निजी विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा है।
आंधी से विद्युत निगम को भारी नुकसान हुआ है और इससे कई गांवों में व्यवस्था प्रभावित हुई है। मरम्मत का काम कराया जा रहा है। दो दिन में पूरी आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।
- अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता।