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Fatehpur News: ग्राम पंचायत सदस्य समेत दो महिलाओं की ट्रेन से कटकर मौत
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फाइल फोटो-29-शोभा देवी। स्रोत परिजन
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हसवा (फतेहपुर)। दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पार करते समय बृहस्पतिवार शाम ग्राम पंचायत सदस्य समेत दो महिलाओं की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्रामीण और परिजन को शव कई टुकड़े में 50 मीटर के दायरे में बिखरे पड़े मिले। हादसे के पीछे पुलिस मान रही कि महिलाएं सिर पर पल्लू ओढ़कर आती-जाती हैं। इसी वजह से महिलाएं हावड़ा की ओर जा रही यात्री ट्रेन को देख नहीं सकीं और हादसा हो गया।
थरियांव थाना क्षेत्र के एकारी गांव निवासी रामभवन रैदास व उनकी पत्नी शोभा देवी (38) ग्राम पंचायत सदस्य हैं। गांव से शोभा, श्यामकली (45) पत्नी स्व. अर्जुन पासवान समेत पांच महिलाएं रेलवे ट्रैक पार जंगल में करीब पांच बजे शाम को लकड़ी लेने गई थीं।
वह शाम करीब सात बजे लकड़ियां लेकर लौट रही थीं। कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन संख्या 04109 समर स्पेशल की चपेट में आ गईं। ट्रेन के लोको पायलट की सूचना पर ट्रैक मैन संजय सिंह व रामबरन पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से करीब 20 मिनट में शव हटवाए और ट्रैक बहाल कराया।
प्रधान के पति कमल साहू ने बताया कि ट्रैक मैन से पता लगा है कि हादसा समर स्पेशल से हुआ है। हादसे के बाद महिलाओं के साथ रहीं अन्य तीन महिलाएं गांव पहुंच गईं। मौके पर हसवा चौकी प्रभारी अरुण मौर्या पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए हैं।
पति की जगह श्यामकली को मिलनी थी रेलवे में नौकरी
दोनों ही परिवार खाने-कमाने वाले हैं। उनकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। दोनों परिवारों में चीखों से गांव में मातम छाया है। एकारी गांव की ग्राम पंचायत सदस्य शोभा देवी के पति रामभवन शहर में फल का ठेला लगाते हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा शिवम पंजाब में प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा बेटा छोटू घर पर रहकर पढ़ाई करता है। वह कक्षा 10 का छात्र है। दूसरे परिवार की श्यामकली के पति अर्जुन पासवान रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। करीब एक साल पहले अर्जुन भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। एक माह बाद श्यामकली को अपने पति के स्थान पर रेलवे में नौकरी भी मिलनी थी। श्यामकली के छत्रपाल, अजय, लवकुश हैं। एक बेटी शादीशुदा हैं।
एक बार बोझ रखकर दोबारा उठाने गईं थी
ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं एक बार लकड़ी का बोझ रेलवे ट्रैक पार कर दूसरी ओर रख आईं थीं। इसके बाद दोबारा बोझ सिर पर रखकर आ रही थीं।
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थरियांव थाना क्षेत्र के एकारी गांव निवासी रामभवन रैदास व उनकी पत्नी शोभा देवी (38) ग्राम पंचायत सदस्य हैं। गांव से शोभा, श्यामकली (45) पत्नी स्व. अर्जुन पासवान समेत पांच महिलाएं रेलवे ट्रैक पार जंगल में करीब पांच बजे शाम को लकड़ी लेने गई थीं।
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वह शाम करीब सात बजे लकड़ियां लेकर लौट रही थीं। कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन संख्या 04109 समर स्पेशल की चपेट में आ गईं। ट्रेन के लोको पायलट की सूचना पर ट्रैक मैन संजय सिंह व रामबरन पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से करीब 20 मिनट में शव हटवाए और ट्रैक बहाल कराया।
प्रधान के पति कमल साहू ने बताया कि ट्रैक मैन से पता लगा है कि हादसा समर स्पेशल से हुआ है। हादसे के बाद महिलाओं के साथ रहीं अन्य तीन महिलाएं गांव पहुंच गईं। मौके पर हसवा चौकी प्रभारी अरुण मौर्या पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए हैं।
पति की जगह श्यामकली को मिलनी थी रेलवे में नौकरी
दोनों ही परिवार खाने-कमाने वाले हैं। उनकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। दोनों परिवारों में चीखों से गांव में मातम छाया है। एकारी गांव की ग्राम पंचायत सदस्य शोभा देवी के पति रामभवन शहर में फल का ठेला लगाते हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा शिवम पंजाब में प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा बेटा छोटू घर पर रहकर पढ़ाई करता है। वह कक्षा 10 का छात्र है। दूसरे परिवार की श्यामकली के पति अर्जुन पासवान रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। करीब एक साल पहले अर्जुन भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। एक माह बाद श्यामकली को अपने पति के स्थान पर रेलवे में नौकरी भी मिलनी थी। श्यामकली के छत्रपाल, अजय, लवकुश हैं। एक बेटी शादीशुदा हैं।
एक बार बोझ रखकर दोबारा उठाने गईं थी
ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं एक बार लकड़ी का बोझ रेलवे ट्रैक पार कर दूसरी ओर रख आईं थीं। इसके बाद दोबारा बोझ सिर पर रखकर आ रही थीं।

फाइल फोटो-29-शोभा देवी। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-29-शोभा देवी। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-29-शोभा देवी। स्रोत परिजन
