{"_id":"69b0748d14fbe76fcf028831","slug":"villagers-create-ruckus-over-construction-of-mining-route-through-bhumidhari-land-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-150696-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: भूमिधरी जमीन से खदान का रास्ते बनाने पर ग्रामीणों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: भूमिधरी जमीन से खदान का रास्ते बनाने पर ग्रामीणों का हंगामा
विज्ञापन
विज्ञापन
ललौली। थानाक्षेत्र के अढ़ावल खदान के रास्ता विवाद सुलझाने गई राजस्व टीम का मंगलवार को ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमिधरी जमीन को कब्रिस्तान की जगह दिखाकर खदान का रास्ता बनाया गया है। इस दाैरान ग्रामीणों ने हंगामा किया। हालांकि तहसीलदार ने पैमाइश के लिए जांच टीम गठित की है।
अढ़ावल खदान में आने-जाने के रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। राजस्व विभाग की ओर से कुछ दिन पहले मार्ग की पैमाइश की गई थी। हालांकि इस पैमाइश पर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों ने खनन कार्य में मार्ग से आने-जाने वाहनों पर रोक लगा रखी थी। इसे लेकर राजस्व विभाग की टीम पहुंची। टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया।
लेखपाल धर्मवीर ने बताया कि सरकारी भूमि पर राजस्व विभाग का अधिकार होता है। उनके अनुसार भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। विभाग आवश्यकतानुसार उसका उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। भूमि मंदिर, मस्जिद या कब्रिस्तान से संबंधित क्यों न हो।
सदर तहसीलदार अमरीश सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। कब्रिस्तान की जमीन से रास्ता दिए जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि जांच में ऐसा पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
अढ़ावल खदान में आने-जाने के रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। राजस्व विभाग की ओर से कुछ दिन पहले मार्ग की पैमाइश की गई थी। हालांकि इस पैमाइश पर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों ने खनन कार्य में मार्ग से आने-जाने वाहनों पर रोक लगा रखी थी। इसे लेकर राजस्व विभाग की टीम पहुंची। टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
लेखपाल धर्मवीर ने बताया कि सरकारी भूमि पर राजस्व विभाग का अधिकार होता है। उनके अनुसार भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। विभाग आवश्यकतानुसार उसका उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। भूमि मंदिर, मस्जिद या कब्रिस्तान से संबंधित क्यों न हो।
सदर तहसीलदार अमरीश सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। कब्रिस्तान की जमीन से रास्ता दिए जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि जांच में ऐसा पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।