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Firozabad News: अस्पताल में 7 बच्चों के पिता को देख ठिठके डीएम, परिवार नियोजन का पाठ पढ़ाया
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:54 PM IST
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शिकोहाबाद। संयुक्त चिकित्सालय का रविवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा ने निरीक्षण किया। एक-एक वार्ड की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों के पास जाकर उनसे सीधे बात की। इस दौरान दो मरीजों के बच्चों की संख्या सुनकर डीएम चौंक गए और उन्होंने मौके पर ही उन्हें परिवार नियोजन का पाठ पढ़ा डाला।
जनरल वार्ड के निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर वहां भर्ती दो पुरुष मरीजों पर पड़ी। बातचीत के दौरान जब डीएम ने उनके परिवार के बारे में पूछा, तो एक मरीज ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं, जबकि दूसरे ने बताया कि उसके सात बच्चे हैं। यह सुनकर डीएम बेहद गंभीर हो गए। उन्होंने दोनों मरीजों को पास बैठाकर बढ़ती आबादी के नुकसान और परिवार नियोजन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सीमित परिवार से ही बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य दिया जा सकता है। डीएम ने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले ऐसे बड़े परिवारों के मरीजों की अनिवार्य रूप से काउंसलिंग की जाए।
बिना ड्रेस कोड मिले सफाईकर्मी, बेडशीट बदलने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को और सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान यह बात सामने आई कि सफाई व्यवस्था संभाल रही प्राइवेट सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं थे, जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। डीएम ने निर्देश दिए कि मरीजों के बेड की चादरें प्रतिदिन बदली जाएं और सफाई से कोई समझौता न हो।
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डॉक्टरों से मौसमी बीमारियों के फीडबैक पर चर्चा की, तो डॉक्टरों ने बताया कि इस समय मुख्य रूप से इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग, मौसमी बुखार और डायरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। राहत की बात यह रही कि वर्तमान में अस्पताल के डेंगू अथवा लू वार्ड में एक भी मरीज भर्ती नहीं है।
जनरल वार्ड के निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर वहां भर्ती दो पुरुष मरीजों पर पड़ी। बातचीत के दौरान जब डीएम ने उनके परिवार के बारे में पूछा, तो एक मरीज ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं, जबकि दूसरे ने बताया कि उसके सात बच्चे हैं। यह सुनकर डीएम बेहद गंभीर हो गए। उन्होंने दोनों मरीजों को पास बैठाकर बढ़ती आबादी के नुकसान और परिवार नियोजन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सीमित परिवार से ही बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य दिया जा सकता है। डीएम ने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले ऐसे बड़े परिवारों के मरीजों की अनिवार्य रूप से काउंसलिंग की जाए।
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बिना ड्रेस कोड मिले सफाईकर्मी, बेडशीट बदलने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को और सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान यह बात सामने आई कि सफाई व्यवस्था संभाल रही प्राइवेट सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं थे, जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। डीएम ने निर्देश दिए कि मरीजों के बेड की चादरें प्रतिदिन बदली जाएं और सफाई से कोई समझौता न हो।
डॉक्टरों से मौसमी बीमारियों के फीडबैक पर चर्चा की, तो डॉक्टरों ने बताया कि इस समय मुख्य रूप से इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग, मौसमी बुखार और डायरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। राहत की बात यह रही कि वर्तमान में अस्पताल के डेंगू अथवा लू वार्ड में एक भी मरीज भर्ती नहीं है।