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मेडिकल कॉलेज में कह दिया बच्चा ठीक है, दो घंटे बाद हो गई मौत
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फिरोजाबाद। डेंगू और वायरल के प्रकोप को सरकारी आंकड़ों में कम करने की कवायद बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। सौ शैय्या अस्पताल में बच्चों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इसकी शिकायत परिजन आए दिन कर रहे हैं। रविवार को सौ शैय्या अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे बच्चों को देखकर चिकित्सक ने ठीक कह दिया। परिजन घर पर बच्चे को ले आए तो दो घंटे के बाद मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सौ शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या 504 हो गई थी। करीब तीन सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी प्रशासन डेंगू और वायरल को काबू में नहीं कर पाया था। जिला प्रशासन का दवाब अधिक होने के कारण मरीजों को इधर-उधर अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है।
रविवार को सती नगर निवासी अंशु पुत्र अजय सौ शैय्या अस्पताल में पहुंचा। अंशु के दादा सुरेश राठौर का आरोप है कि बच्चे को तेज बुखार था। मगर चिकित्सक ने भर्ती करने से मना कर दिया। पहले पलंग खाली न होने की बात कही। बाद में कह दिया कि बच्चा ठीक है, इसे घर ले जाओ। बच्चे को घर पर लाए तो दो घंटे के बाद अंशु ने दम तोड़ दिया।
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सौ शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या 504 हो गई थी। करीब तीन सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी प्रशासन डेंगू और वायरल को काबू में नहीं कर पाया था। जिला प्रशासन का दवाब अधिक होने के कारण मरीजों को इधर-उधर अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है।
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रविवार को सती नगर निवासी अंशु पुत्र अजय सौ शैय्या अस्पताल में पहुंचा। अंशु के दादा सुरेश राठौर का आरोप है कि बच्चे को तेज बुखार था। मगर चिकित्सक ने भर्ती करने से मना कर दिया। पहले पलंग खाली न होने की बात कही। बाद में कह दिया कि बच्चा ठीक है, इसे घर ले जाओ। बच्चे को घर पर लाए तो दो घंटे के बाद अंशु ने दम तोड़ दिया।
