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Firozabad News: दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति समेत तीन बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:16 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
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फिरोजाबाद। एडीजे कोर्ट ने दहेज हत्या से जुड़े एक मामले में साक्ष्यों के अभाव में मृतका के पति, जेठ और जेठानी को दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही अदालत में झूठी गवाही देने और अपने ही बयान से पलटने पर मृतका के पिता के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
यह मामला थाना रामगढ़ क्षेत्र के ग्राम मिलिक भीकनपुर का है। मध्य प्रदेश के भिंड निवासी बृजेन्द्र सिंह ने 18 मई 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री विनीता की शादी 2004 में ओमवीर सिंह के साथ हुई थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर विनीता के साथ मारपीट करते थे। 18 मई 2016 को विनीता की जलकर संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद पति ओमवीर, जेठ देव द्विप्रताप उर्फ अवधेश और जेठानी अनीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। ट्रायल के दौरान मृतका के पिता, मां और भाई समेत सभी मुख्य गवाह अपने बयानों से पलट गए। वादी ने अदालत में कहा कि उनकी बेटी ससुराल में खुश थी और उसकी मृत्यु खाना बनाते समय कपड़ों में अचानक आग लगने से हुई थी। इस आधार पर कोर्ट ने देव द्विप्रताप, ओमवीर और अनीता को दोषमुक्त करने का आदेश दिया। वहीं, वादी मुकदमा द्वारा अदालत में पहले दिए गए हलफनामे के विपरीत और मिथ्या साक्ष्य देने पर न्यायाधीश ने मृतका के पिता के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।
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यह मामला थाना रामगढ़ क्षेत्र के ग्राम मिलिक भीकनपुर का है। मध्य प्रदेश के भिंड निवासी बृजेन्द्र सिंह ने 18 मई 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री विनीता की शादी 2004 में ओमवीर सिंह के साथ हुई थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर विनीता के साथ मारपीट करते थे। 18 मई 2016 को विनीता की जलकर संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद पति ओमवीर, जेठ देव द्विप्रताप उर्फ अवधेश और जेठानी अनीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। ट्रायल के दौरान मृतका के पिता, मां और भाई समेत सभी मुख्य गवाह अपने बयानों से पलट गए। वादी ने अदालत में कहा कि उनकी बेटी ससुराल में खुश थी और उसकी मृत्यु खाना बनाते समय कपड़ों में अचानक आग लगने से हुई थी। इस आधार पर कोर्ट ने देव द्विप्रताप, ओमवीर और अनीता को दोषमुक्त करने का आदेश दिया। वहीं, वादी मुकदमा द्वारा अदालत में पहले दिए गए हलफनामे के विपरीत और मिथ्या साक्ष्य देने पर न्यायाधीश ने मृतका के पिता के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।
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