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Ghazipur News: हर महीने 95 लाख खर्च फिर भी भूसा ही खा रहे मवेशी
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परजीपाह स्थित गो आश्रय स्थल में सूखा भूसा खाते गोवंश। संवाद
- फोटो : बंदी की मौत के बाद जिला अस्पताल में पुलिसकर्मी से घटना की जानकारी लेते परिजन।
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गाजीपुर। जिले के सैदपुर अग्निशमन केंद्र की तस्वीर अब बदलने जा रही है। शासन ने आवासीय और कार्यालय के भवनों के निर्माण के लिए 3.38 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की स्वीकृति दे दी है।
इस केंद्र के बनने से सैदपुर नगर क्षेत्र सहित करीब 40 से 50 गांवों में आग लगने, सड़क दुर्घटना, गैस रिसाव और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
शासन के विशेष सचिव अन्रावि दिनेश कुमार ने तीन जनवरी को अपर पुलिस महानिदेशक को जारी पत्र में उल्लेख किया है कि इस परियोजना को वर्ष 2014 में 473.26 लाख रुपये की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिली थी, जिसमें से 186.21 लाख रुपये पहले ही खर्च हो चुके हैं। बाद में पुनरीक्षित आगणन के बाद परियोजना की कुल लागत 677.60 लाख रुपये (करीब 6.77 करोड़) निर्धारित की गई। शेष धनराशि के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में 3.38 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इससे पहले प्रथम चरण में 1.86 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
भवनों के निर्माण से अग्निशमन कर्मियों को रहने, प्रशिक्षण और उपकरणों के रखरखाव में सहूलियत मिलेगी। साथ ही आग और अन्य आपात स्थितियों में तेज रिस्पांस टाइम सुनिश्चित हो सकेगा।
शासन ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यदायी संस्था द्वारा लागत में किसी भी प्रकार का पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा।
सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां, पर्यावरण क्लीयरेंस और तकनीकी अनुमोदन के बाद ही कार्य प्रारंभ होगा। परियोजना की प्रगति की नियमित प्रविष्टि सीएमआईएस पोर्टल पर की जाएगी। ssकिसी भी प्रकार की अनियमितता की जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय और कार्यदायी संस्था की होगी। शासन ने निर्देश दिया कि यह धनराशि 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से खर्च कर ली जाए।
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इस केंद्र के बनने से सैदपुर नगर क्षेत्र सहित करीब 40 से 50 गांवों में आग लगने, सड़क दुर्घटना, गैस रिसाव और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
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शासन के विशेष सचिव अन्रावि दिनेश कुमार ने तीन जनवरी को अपर पुलिस महानिदेशक को जारी पत्र में उल्लेख किया है कि इस परियोजना को वर्ष 2014 में 473.26 लाख रुपये की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिली थी, जिसमें से 186.21 लाख रुपये पहले ही खर्च हो चुके हैं। बाद में पुनरीक्षित आगणन के बाद परियोजना की कुल लागत 677.60 लाख रुपये (करीब 6.77 करोड़) निर्धारित की गई। शेष धनराशि के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में 3.38 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इससे पहले प्रथम चरण में 1.86 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
भवनों के निर्माण से अग्निशमन कर्मियों को रहने, प्रशिक्षण और उपकरणों के रखरखाव में सहूलियत मिलेगी। साथ ही आग और अन्य आपात स्थितियों में तेज रिस्पांस टाइम सुनिश्चित हो सकेगा।
शासन ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यदायी संस्था द्वारा लागत में किसी भी प्रकार का पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा।
सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां, पर्यावरण क्लीयरेंस और तकनीकी अनुमोदन के बाद ही कार्य प्रारंभ होगा। परियोजना की प्रगति की नियमित प्रविष्टि सीएमआईएस पोर्टल पर की जाएगी। ssकिसी भी प्रकार की अनियमितता की जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय और कार्यदायी संस्था की होगी। शासन ने निर्देश दिया कि यह धनराशि 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से खर्च कर ली जाए।