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Ghazipur News: गोदाम से सिलिंडर लेने पर भी लिया जा रहा डिलीवरी शुल्क
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गोपालपुर गांव के खाली प्लॉट में गैस एजेंसी के वाहन से सिलिंडर लेने पहुंचे ग्रामीण। संवाद
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गाजीपुर। रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच अब उपभोक्ताओं पर डिलीवरी चार्ज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है। आरोप है कि गैस एजेंसी संचालक होम डिलीवरी का शुल्क उपभोक्ताओं से वसूल तो रहे हैं, लेकिन गोदाम से सिलिंडर लेने पर भी यह राशि वापस नहीं की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है और एजेंसी संचालक हर महीने लाखों रुपये कमा रहे हैं।
एक घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमत करीब 960 रुपये है, जिसमें 27.60 रुपये डिलीवरी चार्ज शामिल होता है। नियम के मुताबिक यदि उपभोक्ता स्वयं गैस गोदाम से सिलिंडर लेता है तो उसे यह डिलीवरी चार्ज वापस मिलना चाहिए, लेकिन अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं हो रहा है। जानकारी के अभाव में उपभोक्ता अपना हक नहीं मांग पा रहे हैं।
जिले में विभिन्न कंपनियों की 66 गैस एजेंसियां संचालित हैं। यहां करीब 7.70 लाख सामान्य और 3.17 लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं। शहरी क्षेत्र के करीब 20 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 65 फीसदी उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलिंडर लेते हैं। इसके बावजूद डिलीवरी चार्ज की वसूली जारी है। इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं का आरोप है कि घर तक सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारी 30 से 50 रुपये तक अतिरिक्त वसूली भी करते हैं। हालांकि इसकी कोई रसीद नहीं देते है। कुछ उपभोक्ताओं ने सिलिंडर में घटतौली की भी शिकायत की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी उपभोक्ताओं से डिलीवरी चार्ज की वसूली का हिसाब लगाया जाए तो एजेंसी संचालक हर महीने करीब दो करोड़ रुपये से अधिक तक की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
हम लोग खुद गैस गोदाम जाकर सिलिंडर लाते हैं, फिर भी डिलीवरी चार्ज वापस नहीं मिलता। पहले तो हमें नियम की जानकारी ही नहीं थी, अब पता चला तो लगता है कि हमसे गलत तरीके से पैसा लिया जा रहा है।-- लाडल सिंह, भड़सर।
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घर तक सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारी अलग से पैसे मांगते हैं। मना करने पर देर से डिलीवरी करते हैं। सरकार को इस पर सख्ती करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। -मंजीत कुमार, अविसहन।
डिलीवरी चार्ज तो बिल में पहले से जुड़ा होता है, लेकिन जब हम खुद गोदाम से सिलिंडर लेते हैं तो भी पैसा नहीं लौटाया जाता। यह सीधा-सीधा उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। -लीलावती,गोपालपुर।
सिलिंडर की कीमत पहले ही बहुत ज्यादा है, ऊपर से डिलीवरी चार्ज और अतिरिक्त वसूली से परेशानी बढ़ जाती है। अगर नियम है कि पैसा वापस मिलेगा, तो उसका पालन जरूर होना चाहिए। -वंदना राय, रेवतीपुर।
अभी तक इस तरह की कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
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एक घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमत करीब 960 रुपये है, जिसमें 27.60 रुपये डिलीवरी चार्ज शामिल होता है। नियम के मुताबिक यदि उपभोक्ता स्वयं गैस गोदाम से सिलिंडर लेता है तो उसे यह डिलीवरी चार्ज वापस मिलना चाहिए, लेकिन अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं हो रहा है। जानकारी के अभाव में उपभोक्ता अपना हक नहीं मांग पा रहे हैं।
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जिले में विभिन्न कंपनियों की 66 गैस एजेंसियां संचालित हैं। यहां करीब 7.70 लाख सामान्य और 3.17 लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं। शहरी क्षेत्र के करीब 20 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 65 फीसदी उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलिंडर लेते हैं। इसके बावजूद डिलीवरी चार्ज की वसूली जारी है। इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं का आरोप है कि घर तक सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारी 30 से 50 रुपये तक अतिरिक्त वसूली भी करते हैं। हालांकि इसकी कोई रसीद नहीं देते है। कुछ उपभोक्ताओं ने सिलिंडर में घटतौली की भी शिकायत की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी उपभोक्ताओं से डिलीवरी चार्ज की वसूली का हिसाब लगाया जाए तो एजेंसी संचालक हर महीने करीब दो करोड़ रुपये से अधिक तक की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
हम लोग खुद गैस गोदाम जाकर सिलिंडर लाते हैं, फिर भी डिलीवरी चार्ज वापस नहीं मिलता। पहले तो हमें नियम की जानकारी ही नहीं थी, अब पता चला तो लगता है कि हमसे गलत तरीके से पैसा लिया जा रहा है।
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घर तक सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारी अलग से पैसे मांगते हैं। मना करने पर देर से डिलीवरी करते हैं। सरकार को इस पर सख्ती करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। -मंजीत कुमार, अविसहन।
डिलीवरी चार्ज तो बिल में पहले से जुड़ा होता है, लेकिन जब हम खुद गोदाम से सिलिंडर लेते हैं तो भी पैसा नहीं लौटाया जाता। यह सीधा-सीधा उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। -लीलावती,गोपालपुर।
सिलिंडर की कीमत पहले ही बहुत ज्यादा है, ऊपर से डिलीवरी चार्ज और अतिरिक्त वसूली से परेशानी बढ़ जाती है। अगर नियम है कि पैसा वापस मिलेगा, तो उसका पालन जरूर होना चाहिए। -वंदना राय, रेवतीपुर।
अभी तक इस तरह की कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।