गाजीपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने एक अधिवक्ता सहित दो के खिलाफ गला दबाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। कोतवाली पुलिस ने बुधवार को आरोपी अधिवक्ता विजय शंकर पांडेय और उसके जूनियर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज मामले की छानबीन में जुट गई।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि, पीड़ित रविकांत पांडेय ने तहरीर देकर बताया कि पाॅक्सो एक्ट में सैदपुर कोतवाली क्षेत्र की एक वादी की न्यायालय में मुख्य परीक्षा 15 मार्च 2021 को हुई थी। 10 जून को आरोपी के अधिवक्ता विजय शंकर पांडेय ने जिरह की थी। इसमें वादिनी ने अपने पूर्व के बयान से विपरीत तथा विरोधाभासी बयान दिया था। इससे अभियोजन पक्ष पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। इसे देखते हुए मेरी तरफ से वादिनी के पुनः परीक्षा के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया गया। इसकी जानकारी होते ही 12 जून को आरोपी के अधिवक्ता विजय शंकर पांडेय गुस्से में आग-बबूला होते हुए अपने जूनियरों के साथ सुबह करीब 10:30 बजे पर न्यायालय कक्ष में पहुंचकर मुझे पुनः परीक्षा के प्रार्थना पत्र को वापस लेने को लेकर दबाव बनाने लगे। मना करने पर विजय शंकर पांडेय गाली-गलौज कर मेरे पास मौजूद लंबित जमानत प्रार्थना पत्र की फाइल को छीनकर फाड़ते हुए थप्पड़ मारने लगे। साथ ही न्यायालय के कक्ष में ही जान से मारने कि नियत से गला दबाने लगे। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर जान बचाई। कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्जकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।