UP: मुख्तार की पत्नी सहित तीन पर प्राथमिकी दर्ज, जानिए क्या है मामला; आफ्शा अंसारी पर दर्ज हैं कुल 13 मामले
पुलिस ने एक प्रमुख व्यक्ति की पत्नी समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज के गायब होने से संबंधित है। एक आरोपी का निधन हो चुका है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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मुख्तार अंसारी की पत्नी व 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी सहित तीन पर पुलिस ने क्रय-विक्रय की गई रिवाल्वर की पत्रावली अभिलेखागार से गायब कराने के आरोप में बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली। इसमें एक आरोपी तत्काल पटल सहायक बृजनारायण राम का निधन हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 1995 में आफ्शा अंसारी को शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था। इस पर पहली बार रिवाल्वर खरीदी गई थी, इसके बाद उसकी बिक्री कर दूसरा शस्त्र लाइसेंस पर खरीदा गया था। ऐसे में पहली बार खरीद और बिक्री की गई रिवाल्वर की पत्रावली अभिलेखागार से गायब है।
मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों, परिजनों एवं उनके गिरोह आईएस- 191 के सदस्यों व सहयोगियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस शस्त्रों का दुरुपयोग करने वालों पर लगातार शिकंजा कसती जा रही है। एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि मुख्तार अंसारी एवं उसके परिजनों द्वारा लिए गए शस्त्रों की वर्तमान स्थिति, गैंग आईएस 191 के सदस्यो एवं सहयोगियों द्वारा लिए गए 51 शस्त्र लाइसेंसों पर क्रय विक्रय किये गए विभिन्न शस्त्रों की भौतिक सत्यापन एवं जांच कराई जा रही है। इस दौरान क्रम- विक्रय किए गए कुछ शस्त्रों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल सका और अनियमितता के तथ्य प्रकाश में आए हैं।
शस्त्र लिपिकों को अपने आपराधिक कृत्यों से प्रभाव में लेकर उनके साथ मिलीभगत व आपराधिक षड़यंत्र कर शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल पत्रावली व क्रय-विक्रय पत्रावली को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब करा दिया गया है। एसपी सिटी ने बताया कि मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी ने वर्ष 1995 में शस्त्र लाइसेंस लिया था। इसकी संख्या- 1054/पी 11 है। इस लाइसेंस पर खरीदे गए शस्त्र पत्रावली व क्रय विक्रय संबंधी पत्रावली आफ्शा अंसारी ने शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत व षडयंत्र करते हुए अभिलेखागार से गायब करा देने का तथ्य प्रकाश में आया है।
उक्त लाइसेंस पर क्रय किये गए एनपीबी रिवाल्वर संख्या- एबीएम 4299 की वर्तमान स्थिति ज्ञात न होने के संबंध में शस्त्र लाइसेंसी धारक आफ्शा अंसारी, तत्कालीन पटल सहायक बृजनारायण राम और भीष्म सिंह यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें एक आरोपी सेवानिवृत्त बृजनारायण राम का निधन हो चुका है।
अपराधकारित किया गया है, ऐसे में तत्कालीन सेवानिवृत्त पटल सहायक बृजनारायण राम पर भी प्राथमिकी दर्ज किया गया है। विवेचना के प्रारंभिक दौर में जैसे ही पुष्टि होगी की बृजनारायण राम मृत है तो उसके खिलाफ विवेचना बंद हो जाएगी। जबकि दो आरोपियों आफ्शा अंसारी व तत्कालीन पटल सहायक भीष्म सिंह यादव के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी। - डॉ. ईरज राजा, एसपी गाजीपुर
पत्रावली गायब कर आसानी से वारदात को दे सके अंजाम
एसपी सिटी ने बताया कि आईएस- 191 गिरोह के सक्रिय सदस्यों और सहयोगियों ने शस्त्र लाइसेंस लिया और लाइसेंस पर क्रय- विक्रय किया। इसके बाद शस्त्र लिपिकों से मिलीभगत करके अभिलेखागार से पत्रावली गायब करा दी, जिससे उन शस्त्रों का प्रयोग आईएस- 191 गैंग के सदस्य आसानी से वारदात को अंजाम दे सके।
आफ्शा अंसारी पर दर्ज हैं 13 मामले, मऊ में गैंगस्टर का भी मुकदमा
एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी पर जनपद के विभिन्न थानों में संगीन धाराओं में 13 मामले दर्ज हैं। इसमें मऊ में गैंगस्टर एक्ट का भी मामला दर्ज है। आफ्शा अंसारी पर 50 हजार का इनाम भी घोषित है। यहीं नहीं पुलिस भगोड़ा भी घोषित कर चुकी है। पुलिस आफ्शा अंसारी की तलाश में जुटी हुई है।