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Ghazipur News: गंगा का जलस्तर स्थिर, फिर भी बाढ़ और बिजली गिरने का अलर्ट
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गाजीपुर। जिले में बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 53.930 मीटर दर्ज किया गया। दिन में जलस्तर चार घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा था, लेकिन शाम तक यह स्थिर हो गया। हालांकि नदी अभी सामान्य जलस्तर से नीचे बह रही है, फिर भी मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। विभाग ने तेज हवा, मेघगर्जन, बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आपदा विभाग के अनुसार जिले में सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर, चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर, खतरा बिंदु 63.105 मीटर और उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में जलस्तर 62.770 मीटर यानि चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंचने से सदर, सैदपुर, सेवराई, मुहम्मदाबाद और जमानिया तहसील के करीब 160 गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे थे। इस बार जलस्तर अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ रहा है और नदी फिलहाल घाटों तक ही सीमित है। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह से बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
उधर, बृहस्पतिवार को दिनभर बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी का दौर चला। शाम को हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। अधिकतम तापमान 31 से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि मौसम विभाग ने जिले में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, मेघगर्जन, वज्रपात और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा जलभराव वाले रास्तों और नदियों-नालों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में 112, 1070 और 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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आपदा विभाग के अनुसार जिले में सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर, चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर, खतरा बिंदु 63.105 मीटर और उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में जलस्तर 62.770 मीटर यानि चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंचने से सदर, सैदपुर, सेवराई, मुहम्मदाबाद और जमानिया तहसील के करीब 160 गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे थे। इस बार जलस्तर अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ रहा है और नदी फिलहाल घाटों तक ही सीमित है। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह से बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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उधर, बृहस्पतिवार को दिनभर बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी का दौर चला। शाम को हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। अधिकतम तापमान 31 से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि मौसम विभाग ने जिले में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, मेघगर्जन, वज्रपात और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा जलभराव वाले रास्तों और नदियों-नालों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में 112, 1070 और 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।