मनिहारी। शादियाबाद क्षेत्र के शाहपुर शमशेरखा गांव निवासी सेना के जवान हरिकेश यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही उनके पैतृक आवास पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। तिरंगे में लिपटे बेटे का शव देखते ही मां, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ हरिकेश यादव को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी।
पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण और नवयुवक भारत माता की जय और शहीद हरिकेश यादव अमर रहें के नारों के साथ उनके घर पहुंच गए। जैसे ही ताबूत खोला गया और लोगों ने उनका चेहरा देखा, अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
उनकी पत्नी मधु यादव का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार यही कह रही थीं कि अब उनकी दुनिया उजड़ गई। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि 17 वर्षीय बेटे अंकित यादव और 11 वर्षीय बेटी अर्पिता यादव को अब किसके सहारे छोड़कर चले गए। वहीं मां मुखिया देवी का दर्द देख लोगों का कलेजा फट रहा था। वह रोते हुए बार-बार पूछ रही थीं कि मेरा बेटा कहां चला गया, दिखाई क्यों नहीं दे रहा है। बड़े भाई अशोक यादव ने बताया कि अप्रैल में घर में एक और शादी तय है। हरिकेश ने छुट्टी लेकर आने का वादा किया था, लेकिन आज का दृश्य पूरे परिवार को झकझोर देने वाला है। द्धांजलि देने वालों में जखनिया विधायक बेदी राम, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, उपजिलाधिकारी अतुल कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार, क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा शुभम वर्मा, थाना प्रभारी पवन कुमार उपाध्याय, लेखपाल कुलदीप पांडे आदि मौजूद रहे।बता दें कि सोमवार को सैन्य अभ्यास से लौट रही सेना की टुकड़ी का ट्रक झांसी के बबीना क्षेत्र के खैलार गांव के पास एक पिकअप से टकरा गया था। इस हादसे में ट्रक में सवार नायक सूबेदार हरिकेश यादव (42) की मौत हो गई थी।