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Ghazipur News: नियुक्ति पत्र के बाद भी नहीं मिली जॉइनिंग, धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप
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गाजीपुर। जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कार्यभार ग्रहण न कराने का मामला तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को चयनित शिक्षक प्रिया मुखर्जी जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंचीं और सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालय प्रबंधन पर जॉइनिंग न कराने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सोनभद्र की शिक्षिका प्रिया मुखर्जी ने बताया कि उनका चयन गणित-विज्ञान विषय के सहायक अध्यापक पद पर हुआ है और उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से रसूलपुर स्थित सहायता प्राप्त विद्यालय में नियुक्ति पत्र जारी किया गया। आरोप है कि कई बार विद्यालय पहुंचने के बावजूद प्रबंधन ने कार्यभार ग्रहण नहीं कराया। उनका दावा है कि प्रबंधन ने अल्पसंख्यक संस्थान होने का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह ईसाई धर्म स्वीकार कर लें तो नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। प्रिया के साथ पहुंचे कोलकाता निवासी राहुल चटर्जी ने बताया कि दो महीने से वे बीएसए कार्यालय, लखनऊ और प्रयागराज तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन संबंधित विद्यालय प्रबंधन नियुक्ति नहीं दे रहा। शिक्षिका ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन की ओर से फादर दिलीप ने का कहना है कि वो किसी प्रिया मुखर्जी को नहीं जानते हैं। धर्म परिवर्तन करने पर नियुक्ति कराने का आरोप निराधार है। विद्यालय की छवि धूमिल करने के लिए आरोप लगाया जा रहा है।
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शिक्षक चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को नियमानुसार नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। संबंधित विद्यालयों का दायित्व है कि उन्हें कार्यभार ग्रहण कराएं। यदि कोई विद्यालय अनावश्यक विलंब करता है तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे आरोप गंभीर हैं। इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - प्रकाश सिंह, प्रभारी बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। प्रकरण की विभागीय जांच कराई जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी गाजीपुर।
पांच साल बाद भी 10 शिक्षक नियुक्ति के इंतजार में
जिले में वर्ष 2021 की जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती के तहत अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 15 अभ्यर्थियों का चयन किया था। इनमें 13 सहायक अध्यापक और दो प्रधानाध्यापक हैं। अब तक केवल एक प्रधानाध्यापक और चार सहायक अध्यापकों को ही कार्यभार ग्रहण कराया जा सका है जबकि नौ सहायक अध्यापक और एक प्रधानाध्यापक सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंध तंत्र की ओर से नियुक्ति न दिए जाने के कारण जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं।
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सोनभद्र की शिक्षिका प्रिया मुखर्जी ने बताया कि उनका चयन गणित-विज्ञान विषय के सहायक अध्यापक पद पर हुआ है और उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से रसूलपुर स्थित सहायता प्राप्त विद्यालय में नियुक्ति पत्र जारी किया गया। आरोप है कि कई बार विद्यालय पहुंचने के बावजूद प्रबंधन ने कार्यभार ग्रहण नहीं कराया। उनका दावा है कि प्रबंधन ने अल्पसंख्यक संस्थान होने का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह ईसाई धर्म स्वीकार कर लें तो नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। प्रिया के साथ पहुंचे कोलकाता निवासी राहुल चटर्जी ने बताया कि दो महीने से वे बीएसए कार्यालय, लखनऊ और प्रयागराज तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन संबंधित विद्यालय प्रबंधन नियुक्ति नहीं दे रहा। शिक्षिका ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
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इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन की ओर से फादर दिलीप ने का कहना है कि वो किसी प्रिया मुखर्जी को नहीं जानते हैं। धर्म परिवर्तन करने पर नियुक्ति कराने का आरोप निराधार है। विद्यालय की छवि धूमिल करने के लिए आरोप लगाया जा रहा है।
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शिक्षक चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को नियमानुसार नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। संबंधित विद्यालयों का दायित्व है कि उन्हें कार्यभार ग्रहण कराएं। यदि कोई विद्यालय अनावश्यक विलंब करता है तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे आरोप गंभीर हैं। इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - प्रकाश सिंह, प्रभारी बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। प्रकरण की विभागीय जांच कराई जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी गाजीपुर।
पांच साल बाद भी 10 शिक्षक नियुक्ति के इंतजार में
जिले में वर्ष 2021 की जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती के तहत अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 15 अभ्यर्थियों का चयन किया था। इनमें 13 सहायक अध्यापक और दो प्रधानाध्यापक हैं। अब तक केवल एक प्रधानाध्यापक और चार सहायक अध्यापकों को ही कार्यभार ग्रहण कराया जा सका है जबकि नौ सहायक अध्यापक और एक प्रधानाध्यापक सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंध तंत्र की ओर से नियुक्ति न दिए जाने के कारण जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं।