{"_id":"6a5fd0db7856bf69d10861ab","slug":"no-toilet-or-water-facilities-for-950-lakh-shiva-devotees-across-35-ghats-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-156450-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: 35 घाटों पर 9.50 लाख शिवभक्तों के लिए न शौचालय न पानी की व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: 35 घाटों पर 9.50 लाख शिवभक्तों के लिए न शौचालय न पानी की व्यवस्था
विज्ञापन
कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। 30 जुलाई से महादेव के पवित्र महीना सावन का आगाज होगा। इसमें केवल आठ दिन शेष रह गए हैं। अनुमान के मुताबिक जिले के 35 गंगा घाटों पर सावन में 9.50 लाख शिवभक्त जलाभिषेक के लिए जल लेने आएंगे। लेकिन अधिकांश गंगा घाटों पर शौचालय व पेयजल की व्यवस्था नहीं है। गंगा घाटों पर पूरी तरह से अव्यवस्था का बोलबाला है। गंगा घाट जाने वाले रास्तों पर कूड़े का ढेर व मवेशियों का झुंड नजर आता है।
गंगा घाटों पर शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए कोई कवायद होती नहीं दिख रही है। अधिकारियों की कवायद सिर्फ गंगा घाटों के निरीक्षण व निर्देश तक सीमित है। जिले में प्रमुख गंगा घाटों में ददरीघाट, कलक्टर घाट, रामेश्वर घाट, गोलाघाट, स्टीमरघाट, चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, पोस्ता घाट, खिड़की घाट, महादेवा, सिकंदरपुर, पत्थरघाट, सैदपुर में बूढ़ेनाथ, रंगमहल, औड़िहार में वराह घाट, गहमर में नरवा घाट मौजूद हैं। शहर के गंगा घाटों पर सामान्य दिनों की तरह केवल एक-एक चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। जबकि सावन की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त चेंजिंग रूम की अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
गंगा घाट पर गिट्टी व बालू
केस-एक
-ददरीघाट की सीढ़ियों पर बालू, गिट्टी के रूप में निर्माण सामग्री रखी हुई है। ददरीघाट पर केवल एक चेंजिंग रूम है। जबकि सावन महिला श्रद्धालुओं की भी भीड़ उमड़ती है। इसको देखते हुए एक से अधिक चेंजिंग रूम की व्यवस्था होनी चाहिए। घाट जाने वाले मार्ग के किनारे नाला खुला है। इससे हादसे का हमेशा भय बना रहेगा।
विज्ञापन
चेंजिंग रूम का दरवाजा गायब
केस-दो
औड़िहार स्थित वराह गंगा घाट पर स्थायी चेंजिंग रूम बना हुआ है। तीन महीने से इसका दरवाजा गायब है। इस कारण महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इसको अभी तक नहीं लगाया गया। सावन को देखते हुए भी चेंजिंग रूम को लेकर कोई पहल होती नहीं दिख रही है।
किसी भी गंगा घाट पर नहीं है तीसरी आंख की नजर
गाजीपुर। जनपद में 35 गंगा घाट हैं। लेकिन किसी भी गंगा घाट पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। सामान्य दिनों की बात छोड़िए सावन की तैयारी को लेकर भी इसकी कवायद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि कांवड़ियों संग कोई आपराधिक वारदात होती है, तो उसकी निगरानी कैसे हो पाएगी।
सिर्फ पांच घाटों पर चेतावनी बोर्ड, वाटरफ्लोटिंग नहीं लगाए
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने करीब 24 दिन पहले निर्देश दिया था कि गंगा घाटों, पोखरों, तालाब आदि जगहों पर गहरे पानी को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाया जाए। शहर में केवल पांच गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाकर कर्तव्यों की इति श्री कर ली गई। इसी तरह गंगा घाटों पर वाटरफ्लोटिंग लगाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जनपद के किसी भी गंगा घाट पर वाटरफ्लोटिंग नहीं लगाया गया। गहमर के नरवा गंगा घाट जाने वाले मार्ग के किनारे खुले में ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है।
गंगा घाट जाने वाली सड़क पर कूड़े का ढेर
झुन्नूलाल चौराहा से कलक्टर घाट जाने वाले मार्ग पर कूड़े का ढेर है। इसके कारण गंगा घाट जाने वाले श्रद्धालुओं को कूड़े के दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। साथ ही कूड़े के ढेर पर मवेशियों का झुंड हमेशा मंडराता रहता है। जब मवेशी आपस में लड़ते हैं, तो इससे आवागमन करने वाले राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। कई बार मवेशी हिंसक होकर हमला करने की नीयत से राहगीरों की ओर लपकते हैं।
एक चूक बन जाएगी जानलेवा
कलक्टरघाट की सीढ़ियों के दाहिने ओर एक गहरा नाला है। नाला व कलक्टरघाट की सीढ़ियों के बीच कोई रेलिंग नहीं लगाई गई है। अगर यह नाला इसी तरह खुला रहा, तो सावन में कोई भी शिवभक्त असंतुलित होकर गहरे नाले में गिर सकता है।
यहां नहीं है शौचालय व वाटर कूलर
-चीतनाथ
-रामघाट
-अंजनी घाट
खिड़की घाट
-रामेश्वर घाट
-महादेवा घाट
-पत्थर घाट
बूढ़े महादेव घाट सैदपुर
नरवा घाट, गहमर
घाटों का जायजा लिया जा रहा है। साथ ही घाटों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मंगलवार को जिलास्तरीय बैठक होनी है, जिसमें जरूरी निर्णय लिए जाएंगे।-वेद सिंह चौहान, अपर जिलाधिकारी।
विज्ञापन
गंगा घाटों पर शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए कोई कवायद होती नहीं दिख रही है। अधिकारियों की कवायद सिर्फ गंगा घाटों के निरीक्षण व निर्देश तक सीमित है। जिले में प्रमुख गंगा घाटों में ददरीघाट, कलक्टर घाट, रामेश्वर घाट, गोलाघाट, स्टीमरघाट, चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, पोस्ता घाट, खिड़की घाट, महादेवा, सिकंदरपुर, पत्थरघाट, सैदपुर में बूढ़ेनाथ, रंगमहल, औड़िहार में वराह घाट, गहमर में नरवा घाट मौजूद हैं। शहर के गंगा घाटों पर सामान्य दिनों की तरह केवल एक-एक चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। जबकि सावन की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त चेंजिंग रूम की अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
गंगा घाट पर गिट्टी व बालू
केस-एक
-ददरीघाट की सीढ़ियों पर बालू, गिट्टी के रूप में निर्माण सामग्री रखी हुई है। ददरीघाट पर केवल एक चेंजिंग रूम है। जबकि सावन महिला श्रद्धालुओं की भी भीड़ उमड़ती है। इसको देखते हुए एक से अधिक चेंजिंग रूम की व्यवस्था होनी चाहिए। घाट जाने वाले मार्ग के किनारे नाला खुला है। इससे हादसे का हमेशा भय बना रहेगा।
विज्ञापन
चेंजिंग रूम का दरवाजा गायब
केस-दो
औड़िहार स्थित वराह गंगा घाट पर स्थायी चेंजिंग रूम बना हुआ है। तीन महीने से इसका दरवाजा गायब है। इस कारण महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इसको अभी तक नहीं लगाया गया। सावन को देखते हुए भी चेंजिंग रूम को लेकर कोई पहल होती नहीं दिख रही है।
किसी भी गंगा घाट पर नहीं है तीसरी आंख की नजर
गाजीपुर। जनपद में 35 गंगा घाट हैं। लेकिन किसी भी गंगा घाट पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। सामान्य दिनों की बात छोड़िए सावन की तैयारी को लेकर भी इसकी कवायद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि कांवड़ियों संग कोई आपराधिक वारदात होती है, तो उसकी निगरानी कैसे हो पाएगी।
सिर्फ पांच घाटों पर चेतावनी बोर्ड, वाटरफ्लोटिंग नहीं लगाए
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने करीब 24 दिन पहले निर्देश दिया था कि गंगा घाटों, पोखरों, तालाब आदि जगहों पर गहरे पानी को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाया जाए। शहर में केवल पांच गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाकर कर्तव्यों की इति श्री कर ली गई। इसी तरह गंगा घाटों पर वाटरफ्लोटिंग लगाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जनपद के किसी भी गंगा घाट पर वाटरफ्लोटिंग नहीं लगाया गया। गहमर के नरवा गंगा घाट जाने वाले मार्ग के किनारे खुले में ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है।
गंगा घाट जाने वाली सड़क पर कूड़े का ढेर
झुन्नूलाल चौराहा से कलक्टर घाट जाने वाले मार्ग पर कूड़े का ढेर है। इसके कारण गंगा घाट जाने वाले श्रद्धालुओं को कूड़े के दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। साथ ही कूड़े के ढेर पर मवेशियों का झुंड हमेशा मंडराता रहता है। जब मवेशी आपस में लड़ते हैं, तो इससे आवागमन करने वाले राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। कई बार मवेशी हिंसक होकर हमला करने की नीयत से राहगीरों की ओर लपकते हैं।
एक चूक बन जाएगी जानलेवा
कलक्टरघाट की सीढ़ियों के दाहिने ओर एक गहरा नाला है। नाला व कलक्टरघाट की सीढ़ियों के बीच कोई रेलिंग नहीं लगाई गई है। अगर यह नाला इसी तरह खुला रहा, तो सावन में कोई भी शिवभक्त असंतुलित होकर गहरे नाले में गिर सकता है।
यहां नहीं है शौचालय व वाटर कूलर
-चीतनाथ
-रामघाट
-अंजनी घाट
खिड़की घाट
-रामेश्वर घाट
-महादेवा घाट
-पत्थर घाट
बूढ़े महादेव घाट सैदपुर
नरवा घाट, गहमर
घाटों का जायजा लिया जा रहा है। साथ ही घाटों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मंगलवार को जिलास्तरीय बैठक होनी है, जिसमें जरूरी निर्णय लिए जाएंगे।-वेद सिंह चौहान, अपर जिलाधिकारी।

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद

कलक्ट घाट को जाने वाले मार्ग पर फैले कूड़े में भोजन की तलाश करते मवेशी। संवाद