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Ghazipur News: बाढ़ में फंसे 12 लोगों और पशुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
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शहर के पोस्ता घाट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का चल रहा मॉर्क ड्रिल। स्रोत- सूचना विभाग
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रेवतीपुर। स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र में बृहस्पतिवार को बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों के क्रम में मॉक एक्सरसाइज और अभ्यास किया गया। राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से चार घंटे तक चले अभ्यास में राहत एवं बचाव दलों ने बाढ़ प्रभावित बताए गए 12 लोगों और पशुओं को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
उपजिलाधिकारी की अगुवाई में आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ जैसी आपात स्थिति का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें नेहरू विद्यापीठ इंटर काॅलेज, सोनवल के पास डीटी ब्रांच रेल रूट और मेदिनीपुर क्षेत्र में एनएच-24 गाजीपुर-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग की बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर विभिन्न विभागों ने प्रदर्शन किया। यह अभ्यास आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों की क्षमता को परखने के लिए किया गया था।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आमजन को यह विश्वास दिलाना है कि प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियां किसी भी संभावित बाढ़ अथवा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राकृतिक आपदाओं के दौरान और उसके बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, उपचार और स्वच्छता संबंधी आवश्यक उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान एसडीएम संजय कुमार, तहसीलदार रामनारायण वर्मा, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार पंकज कुमार, अरुण कुमार सिंह, लेखपाल विकास सिंह, कानूनगो रामराज, राजकुमार, मंतोष राय आदि लोग उपस्थित रहे।
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उपजिलाधिकारी की अगुवाई में आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ जैसी आपात स्थिति का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें नेहरू विद्यापीठ इंटर काॅलेज, सोनवल के पास डीटी ब्रांच रेल रूट और मेदिनीपुर क्षेत्र में एनएच-24 गाजीपुर-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग की बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर विभिन्न विभागों ने प्रदर्शन किया। यह अभ्यास आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों की क्षमता को परखने के लिए किया गया था।
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इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आमजन को यह विश्वास दिलाना है कि प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियां किसी भी संभावित बाढ़ अथवा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राकृतिक आपदाओं के दौरान और उसके बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, उपचार और स्वच्छता संबंधी आवश्यक उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान एसडीएम संजय कुमार, तहसीलदार रामनारायण वर्मा, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार पंकज कुमार, अरुण कुमार सिंह, लेखपाल विकास सिंह, कानूनगो रामराज, राजकुमार, मंतोष राय आदि लोग उपस्थित रहे।

शहर के पोस्ता घाट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का चल रहा मॉर्क ड्रिल। स्रोत- सूचना विभाग