सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Children are making 'dangerous journeys' in 142 school vehicles

Gonda News: 142 स्कूली वाहनों से बच्चे कर रहे ‘खतरे का सफर’

संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 06 Apr 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
Children are making 'dangerous journeys' in 142 school vehicles
अदम गोंडवी मैदान के सामने खड़ी स्कूल वैन के दरवाजे की टूटी कुंडी। -संवाद
विज्ञापन
गोंडा। सुबह बच्चों को स्कूल भेजते समय अभिभावक जिस भरोसे के साथ उन्हें वाहन में बैठाते हैं, वही भरोसा जिले में टूटता नजर आ रहा है। परिवहन और शिक्षा विभाग की खींचतान के बीच स्कूली वाहनों की हकीकत बेहद चिंताजनक होकर सामने आई है। जिले के 510 स्कूलों में चल रहे 830 वाहनों में से 142 वाहन पूरी तरह अनफिट या मानक विहीन पाए गए हैं।
Trending Videos

सोमवार को अभियान के पहले दिन ही कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। स्टेशन रोड पर एक नामी स्कूल की बस का इंश्योरेंस समाप्त होने के बावजूद वह सड़कों पर दौड़ती मिली। बस में न सीसीटीवी था और न ही अग्निशमन यंत्र। वहीं, अदम गोंडवी मैदान के पास खड़ा एक स्कूली वाहन जुगाड़ के सहारे चल रहा था, जिसका दरवाजा तक सुरक्षित नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सालभर डाटा तक नहीं जुटा पाए जिम्मेदार
संभागीय परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग के डीवीए (डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर) सुशील कुमार भट्ट ने कहा कि व्यस्तता के कारण स्कूली वाहनों की फिटनेस और अन्य जरूरी आंकड़े एकत्र नहीं किए जा सके। जल्द ही डाटा जुटाने की बात कही।
जिम्मेदारी से बचते विभाग
प्राविधिक निरीक्षक बृजेश कुमार ने कहा कि ड्राइवर का सत्यापन और फिटनेस सुनिश्चित कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने कहा कि स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर सभी को निर्देश दिए जा चुके हैं। परिवहन विभाग को भी वाहन मालिकों से संपर्क कर कार्रवाई करनी चाहिए।
चलती स्कूली वैन में लगी थी आग
बीते 12 नवंबर को डुमरियाडीह से बनघुसरा जा रही 10 बच्चों से भरी स्कूल वैन में स्पार्किंग से आग लग गई थी। इसमें तीन बच्चे मामूली रूप से झुलस गए थे। ड्राइवर ने खिड़की का शीशा तोड़कर बच्चों की जान बचाई। इस घटना की वजह चालक की सीट के नीचे इंजन में स्पार्किंग होना बताया गया था।

सवाल तो वाजिब हैं
-क्या आप स्कूल से बस की फिटनेस रिपोर्ट नहीं मांग सकते?


-कॉपी-किताबें स्कूलों से ही तो बस या वैन बाहरी क्यों?



-स्कूल व बाहरी वैन की दर में इतना अंतर क्यों?


-क्या इनमें स्कूलों के कमीशन का खेल है?


-आखिर बसों का किराया कौन तय करता है?


-बच्चों को ई रिक्शे से क्यों स्कूल भेजते हैं?


-एलपीजी से चलने वाली वैन में बच्चों को क्यों बैठाते हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed