{"_id":"6984dd4a2164658eed0616de","slug":"fir-against-youth-and-unknown-policemen-for-extorting-rs-17-lakh-gonda-news-c-100-1-slko1028-151646-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: 17 लाख जबरन वसूलने में युवक व अज्ञात पुलिसकर्मियों पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: 17 लाख जबरन वसूलने में युवक व अज्ञात पुलिसकर्मियों पर एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:41 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एक युवक और कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि जमीन के बैनामे के बाद पुलिस की मिलीभगत से 17 लाख रुपये की जबरन वसूली की गई।
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के हैदराबाद गांव निवासी अकरामउल्ला ने न्यायालय में अर्जी दाखिल की। इसमें बताया कि उनके भाई की पत्नी शरीफुलनिशा व नाजिया तथा भाई अहमद उल्ला और एहसान उल्ला के नाम नवाबगंज के सरायहर्रा गांव में जमीन थी। इस जमीन की बिक्री के लिए कनकपुर निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ विपिन से 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। 10 लाख रुपये बयाना मिला और पांच लाख चार हजार रुपये भाभी के खाते में ट्रांसफर किए गए। जून 2024 में शरीफुलनिशा और नाजिया ने राघवेंद्र के पक्ष में बैनामा कर दिया। शेष 20 लाख रुपये राघवेंद्र ने हैदराबाद निवासी उनके परिचित अजीज अहमद के खाते में जमा किए। इसके बाद अगस्त 2024 में अहमद उल्ला व एहसान उल्ला ने भी अपने हिस्से की जमीन का बैनामा कर दिया।
आरोप है कि स्टांप शुल्क बचाने के लिए बैनामा में जमीन का मूल्य कम दिखाया गया। अक्तूबर 2024 में राघवेंद्र ने पुलिस से मिलीभगत कर अजीज अहमद को थाने बुलवाया और 20 लाख रुपये वापस करने का दबाव बनाया। रकम न देने पर रातभर थाने में बैठाए रखा गया और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि पुलिस के भय से अजीज ने ढाई लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये का चेक दे दिया। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर दबाव बनाकर कुल 17 लाख रुपये की वसूली कर ली गई। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचना शुरू कर दी गई है।
Trending Videos
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के हैदराबाद गांव निवासी अकरामउल्ला ने न्यायालय में अर्जी दाखिल की। इसमें बताया कि उनके भाई की पत्नी शरीफुलनिशा व नाजिया तथा भाई अहमद उल्ला और एहसान उल्ला के नाम नवाबगंज के सरायहर्रा गांव में जमीन थी। इस जमीन की बिक्री के लिए कनकपुर निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ विपिन से 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। 10 लाख रुपये बयाना मिला और पांच लाख चार हजार रुपये भाभी के खाते में ट्रांसफर किए गए। जून 2024 में शरीफुलनिशा और नाजिया ने राघवेंद्र के पक्ष में बैनामा कर दिया। शेष 20 लाख रुपये राघवेंद्र ने हैदराबाद निवासी उनके परिचित अजीज अहमद के खाते में जमा किए। इसके बाद अगस्त 2024 में अहमद उल्ला व एहसान उल्ला ने भी अपने हिस्से की जमीन का बैनामा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि स्टांप शुल्क बचाने के लिए बैनामा में जमीन का मूल्य कम दिखाया गया। अक्तूबर 2024 में राघवेंद्र ने पुलिस से मिलीभगत कर अजीज अहमद को थाने बुलवाया और 20 लाख रुपये वापस करने का दबाव बनाया। रकम न देने पर रातभर थाने में बैठाए रखा गया और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि पुलिस के भय से अजीज ने ढाई लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये का चेक दे दिया। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर दबाव बनाकर कुल 17 लाख रुपये की वसूली कर ली गई। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचना शुरू कर दी गई है।
