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Gonda News: सात गांवों के 15 मजरों में आई बाढ़
Mon, 17 Aug 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:49 PM IST
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बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद
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करनैलगंज/उमरी बेगमगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं। सोमवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.460 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 39 सेंटीमीटर ऊपर है। कुल डिस्चार्ज 3,77,759 क्यूसेक रहा, हालांकि इसमें कमी आई है। तरबगंज तहसील के सात गांवों के पांच मजरों के घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। 10 अन्य मजरों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित करीब 1200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने कई नावें लगाई हैं।
नवाबगंज में सरयू खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सोमवार शाम जलस्तर 92.790 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है। गिरिजा बैराज से 2,29,667, शारदा से 1,35,054 और सरयू बैराज से 13,038 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है।
उमरी बेगमगंज के ऐली परसौली क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। दो मजरों के कई घरों में पानी भरने लगा है। लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में परेशानी हो रही है। प्राथमिक विद्यालय गोड़ियाना भी जलमग्न हो गया है। गोड़ियाना, तेलमहन पुरवा, नौबस्तन पुरवा और लोनियन पुरवा के रास्तों तक पानी भर गया है। गढ़ी, जबरनगर, परास और बहादुरपुर के 10 मजरे भी बाढ़ की चपेट में हैं। खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है।
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सीआरओ रिंकी जायसवाल ने अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया। प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन उपलब्ध कराई जा रही है। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि टीमें गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है। इधर, उमरी के सोनौली मोहम्मदपुर गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। एसओ पवन कुमार ने माइक से एलान कर ग्रामीणों को सतर्क किया।
विश्नोहरपुर में सरयू का जलस्तर बढ़ने से दत्तनगर, साकीपुर, ब्योंदा माझा, गोकुला, माझाराठ और दुर्गागंज समेत दर्जनभर गांवों के दो दर्जन से अधिक मजरों में पानी फैल रहा है। साकीपुर के बाड़ी माझा में कटान से तीन परिवार पलायन कर चुके हैं। अंबर, रामफेर और नंदलाल के छप्पर और खेत कटान में बह चुके हैं। गम्मा यादव एक छप्पर के सहारे वहीं रुके हैं, जबकि उनका परिवार पलायन कर चुका है। दत्तनगर के बाड़ी माझा निवासी फूलचंद यादव ने बताया कि दो दिन से कटान रुकी है।
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निशुल्क स्टीमर के बावजूद नावों से वसूली का आरोप
ढेमवा घाट पर निशुल्क स्टीमर संचालन के बावजूद निजी नावों से यात्रियों से वसूली के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर वसूली के वीडियो प्रसारित होने की बात सामने आई है। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सोमवार को मौके पर निरीक्षण किया गया। दो निजी नावें चलती मिलीं। नाव चालकों को संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध वसूली पर निगरानी के लिए ढेमवा चौकी प्रभारी को निर्देशित किया गया है।
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बांध के अंदर बसे ग्रामीणों को सुरक्षित करें : डीएम
सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने सोमवार को नकहरा गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और आपात स्थिति के लिए पहले से सुरक्षित स्थान चिह्नित करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को बांध के अंदर बसे ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालय गौरा सिंहपुर में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीडीओ दयानंद प्रसाद, एसडीएम कुमार सत्यमजीत, बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह, सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य समेत अधिकारी मौजूद रहे।
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नवाबगंज में सरयू खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सोमवार शाम जलस्तर 92.790 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है। गिरिजा बैराज से 2,29,667, शारदा से 1,35,054 और सरयू बैराज से 13,038 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है।
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उमरी बेगमगंज के ऐली परसौली क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। दो मजरों के कई घरों में पानी भरने लगा है। लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में परेशानी हो रही है। प्राथमिक विद्यालय गोड़ियाना भी जलमग्न हो गया है। गोड़ियाना, तेलमहन पुरवा, नौबस्तन पुरवा और लोनियन पुरवा के रास्तों तक पानी भर गया है। गढ़ी, जबरनगर, परास और बहादुरपुर के 10 मजरे भी बाढ़ की चपेट में हैं। खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है।
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सीआरओ रिंकी जायसवाल ने अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया। प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन उपलब्ध कराई जा रही है। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि टीमें गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है। इधर, उमरी के सोनौली मोहम्मदपुर गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। एसओ पवन कुमार ने माइक से एलान कर ग्रामीणों को सतर्क किया।
विश्नोहरपुर में सरयू का जलस्तर बढ़ने से दत्तनगर, साकीपुर, ब्योंदा माझा, गोकुला, माझाराठ और दुर्गागंज समेत दर्जनभर गांवों के दो दर्जन से अधिक मजरों में पानी फैल रहा है। साकीपुर के बाड़ी माझा में कटान से तीन परिवार पलायन कर चुके हैं। अंबर, रामफेर और नंदलाल के छप्पर और खेत कटान में बह चुके हैं। गम्मा यादव एक छप्पर के सहारे वहीं रुके हैं, जबकि उनका परिवार पलायन कर चुका है। दत्तनगर के बाड़ी माझा निवासी फूलचंद यादव ने बताया कि दो दिन से कटान रुकी है।
निशुल्क स्टीमर के बावजूद नावों से वसूली का आरोप
ढेमवा घाट पर निशुल्क स्टीमर संचालन के बावजूद निजी नावों से यात्रियों से वसूली के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर वसूली के वीडियो प्रसारित होने की बात सामने आई है। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सोमवार को मौके पर निरीक्षण किया गया। दो निजी नावें चलती मिलीं। नाव चालकों को संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध वसूली पर निगरानी के लिए ढेमवा चौकी प्रभारी को निर्देशित किया गया है।
बांध के अंदर बसे ग्रामीणों को सुरक्षित करें : डीएम
सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने सोमवार को नकहरा गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और आपात स्थिति के लिए पहले से सुरक्षित स्थान चिह्नित करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को बांध के अंदर बसे ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालय गौरा सिंहपुर में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीडीओ दयानंद प्रसाद, एसडीएम कुमार सत्यमजीत, बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह, सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य समेत अधिकारी मौजूद रहे।

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद

बाढ़ के हालात और मौके पर मौजूद अधिकारी। -संवाद