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Gonda News: नेता जी ने गोंडा में बैठक कर स्वतंत्रता संग्राम को दी थी दिशा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:26 PM IST
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सुभाषनगर स्थित बच्चू बाबू का घर। -संवाद
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गोंडा। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। ये संदेश देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती शुक्रवार को है। नेताजी के जीवन का एक स्वर्णिम अध्याय गोंडा से भी जुड़ा है, जिसे यह धरती आज भी गर्व से संजोए हुए है। वर्ष 1940 में नेताजी ने शहर के कानून गोयान मोहल्ला स्थित कालिका निवास में छात्रों के साथ ऐतिहासिक बैठक कर स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी। बाद में इस मोहल्ले का नाम नेताजी के नाम पर सुभाषनगर कर दिया गया।
नेताजी के करीबी सहयोगी रहे बच्चू बाबू के पुत्र अधिवक्ता ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 21 जनवरी 1940 को कालिका निवास में हुई बैठक में छात्र संगठन की स्थापना की गई और रामचंद्र श्रीवास्तव उर्फ बच्चू बाबू को अध्यक्ष चुना गया। यह संगठन बाद में आजादी की लड़ाई में युवाओं की मजबूत आवाज बनकर उभरा। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 15 अगस्त 1942 की अर्धरात्रि में बच्चू बाबू और राजेंद्र प्रसाद ने टॉमसन इंटर कॉलेज (अब शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज) तथा गवर्नमेंट हाईस्कूल की इमारत पर तिरंगा फहराकर ब्रिटिश शासन को खुली चुनौती दी थी। ज्ञानचंद्र का कहना है कि नेताजी की स्मृतियां अमूल्य धरोहर हैं।
युवाओं के लिए आदर्श है नेताजी का जीवन चरित्र
डॉ. अभय श्रीवास्तव का कहना है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन चरित्र विराट है। वह युवाओं के लिए आदर्श हैं। देवव्रत सिंह का कहना है कि नेताजी के विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। राजन का कहना है कि युवाओं को नेताजी के सपनों को साकार करने के लिए आगे आना चाहिए।
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युवाओं के लिए आदर्श है नेताजी का जीवन चरित्र
डॉ. अभय श्रीवास्तव का कहना है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन चरित्र विराट है। वह युवाओं के लिए आदर्श हैं। देवव्रत सिंह का कहना है कि नेताजी के विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। राजन का कहना है कि युवाओं को नेताजी के सपनों को साकार करने के लिए आगे आना चाहिए।
