{"_id":"69711bc6f1512ec029069e92","slug":"out-of-112-four-lane-cuts-30-will-be-closed-villagers-expressed-displeasure-gonda-news-c-100-1-slko1026-150790-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: फोरलेन के 112 कट में से 30 होंगे बंद, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: फोरलेन के 112 कट में से 30 होंगे बंद, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
करनैलगंज/भंभुआ। गोंडा से जरवल रोड के बीच फोरलेन मार्ग पर जगह-जगह बने कट्स को कम करके दुर्घटनाओं को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि, कुछ स्थानों पर ग्रामीणों का विरोध भी शुरू हो गया है। बुधवार को चौरी के पास ग्रामीणों ने कट बंद करने पर नाराजगी जताई।
गोंडा से जरवल के बीच करीब 45 किमी की दूरी में 112 स्थानों पर सड़क निर्माण के समय कट्स बनाए गए थे। इन कट्स को पार करते समय आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जांच कराई। पता चला कि आबादी के बाहर बने कट्स पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे 30 कट्स की उपयोगिता कम और दुर्घटनाएं अधिक होने के कारण इन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया है। बंद किए जाने वाले कट्स पर डिवाइडर के बीच क्रैश बैरियर लगाने की तैयारी भी की जा रही है। कुछ स्थानों पर इसका काम शुरू हो गया है।
बुधवार को चौरी गांव के पास कट्स को बंद करने के लिए खोदाई शुरू की गई तो ग्रामीण एकत्र हो गए। विरोध कर रहे ग्रामीणों में धर्मेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, भोलू सिंह, अभिषेक, जितेंद्र, शिवनंदन, सिराज, मेराज, साबिर आदि शामिल थे। उनका कहना था कि यदि उनके गांव के सामने बने कट्स बंद किए गए तो उन्हें सड़क पार करने के लिए काफी दूर जाकर चौरी चौराहे से जाने की मजबूरी होगी।
कार्यदाई संस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अवर अभियंता सर्वेश कुमार ने बताया कि आबादी के बाहर बने लगभग 30 कट्स बंद कराए जा रहे हैं। 112 कट्स में से केवल कुछ ही स्थानों पर कट्स बंद किए जाएंगे।
Trending Videos
गोंडा से जरवल के बीच करीब 45 किमी की दूरी में 112 स्थानों पर सड़क निर्माण के समय कट्स बनाए गए थे। इन कट्स को पार करते समय आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जांच कराई। पता चला कि आबादी के बाहर बने कट्स पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे 30 कट्स की उपयोगिता कम और दुर्घटनाएं अधिक होने के कारण इन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया है। बंद किए जाने वाले कट्स पर डिवाइडर के बीच क्रैश बैरियर लगाने की तैयारी भी की जा रही है। कुछ स्थानों पर इसका काम शुरू हो गया है।
बुधवार को चौरी गांव के पास कट्स को बंद करने के लिए खोदाई शुरू की गई तो ग्रामीण एकत्र हो गए। विरोध कर रहे ग्रामीणों में धर्मेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, भोलू सिंह, अभिषेक, जितेंद्र, शिवनंदन, सिराज, मेराज, साबिर आदि शामिल थे। उनका कहना था कि यदि उनके गांव के सामने बने कट्स बंद किए गए तो उन्हें सड़क पार करने के लिए काफी दूर जाकर चौरी चौराहे से जाने की मजबूरी होगी।
कार्यदाई संस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अवर अभियंता सर्वेश कुमार ने बताया कि आबादी के बाहर बने लगभग 30 कट्स बंद कराए जा रहे हैं। 112 कट्स में से केवल कुछ ही स्थानों पर कट्स बंद किए जाएंगे।
