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Gonda News: धूप में तपता धैर्य, कतार में दिव्यांग व महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:32 PM IST
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आईटीआई मैदान में कड़ाके की धूप के बीच गैस सिलिंडर के लिए लाइन में लगे उपभोक्ता। -संवाद
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गोंडा। जिले में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बुकिंग के बाद भी सिलिंडर पाने के लिए धूप में तपते हुए घंटों कतार में लगकर संघर्ष करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को शहर के आईटीआई मैदान में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सुबह से ही लगी लंबी कतार में दिव्यांग से लेकर महिलाएं तक लगी थी।
तेज धूप में सुबह आठ बजे से लाइन में लगी संध्या तिवारी ने बताया कि चार घंटे इंतजार के बाद दोपहर करीब 12 बजे उन्हें सिलिंडर मिल पाया। कतार में लगे लोगों के चेहरों पर थकान और नाराजगी साफ दिख रही थी लेकिन चूल्हा जलाने की मजबूरी उन्हें कतार से हटने से रोक रही थी। मोतीगंज के बघेलवा से आए एक दिव्यांग उपभोक्ता ने बताया कि वह 25 किलोमीटर दूर से सिलिंडर लेने आए हैं।
सुबह से लाइन में खड़ा होने के बाद 11 बजे गाड़ी आई तो निवेदन किया कि दिव्यांग हूं, पहले सिलिंडर दे दीजिए लेकिन उनकी बात को अनसुना कर लाइन से हटा दिया गया। बाद में वीडियो बनता देख कर्मचारियों ने उन्हें सिलिंडर दिया। सलारपुरवा निवासी मजीद खान ने बताया कि बुकिंग और पासबुक होने के बावजूद चार घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वितरण प्रक्रिया धीमी होने के कारण उनका नंबर ही नहीं आ रहा।
छोटे सिलिंडर की किल्लत से छात्रों की रसोई पर संकट
छोटे सिलिंडर न मिलने से शहर में किराए पर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ सरकारी व निजी कार्यालयों में काम करने वालों की परेशानी काफी बढ़ गई है। छोटे सिलिंडर का रिफिल बंद होने से उन्हें खाना बनाने के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं। जयप्रभा ग्राम के रिंकू मिश्र ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर में रहते हैं। पहले छोटा सिलिंडर आसानी से रिफिल हो जाता था, अब बंद हो गया है। बाहर खाना महंगा पड़ रहा है। संझवल निवासी कार्तिक ने कहा कि अब मजबूरी में घर लौट कर रोज बस से आवागमन करना पड़ेगा।
सुबह जल्दी वितरण शुरू करने के निर्देश
सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि सुबह जल्दी गैस वितरण शुरू कर दें। ताकि उपभोक्ताओं को धूप में न खड़ा होना पड़े। वितरण स्थल पर छांव व पेयजल की व्यवस्था कराने का निर्देश भी दिया गया है।
कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, डीएसओ
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तेज धूप में सुबह आठ बजे से लाइन में लगी संध्या तिवारी ने बताया कि चार घंटे इंतजार के बाद दोपहर करीब 12 बजे उन्हें सिलिंडर मिल पाया। कतार में लगे लोगों के चेहरों पर थकान और नाराजगी साफ दिख रही थी लेकिन चूल्हा जलाने की मजबूरी उन्हें कतार से हटने से रोक रही थी। मोतीगंज के बघेलवा से आए एक दिव्यांग उपभोक्ता ने बताया कि वह 25 किलोमीटर दूर से सिलिंडर लेने आए हैं।
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सुबह से लाइन में खड़ा होने के बाद 11 बजे गाड़ी आई तो निवेदन किया कि दिव्यांग हूं, पहले सिलिंडर दे दीजिए लेकिन उनकी बात को अनसुना कर लाइन से हटा दिया गया। बाद में वीडियो बनता देख कर्मचारियों ने उन्हें सिलिंडर दिया। सलारपुरवा निवासी मजीद खान ने बताया कि बुकिंग और पासबुक होने के बावजूद चार घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वितरण प्रक्रिया धीमी होने के कारण उनका नंबर ही नहीं आ रहा।
छोटे सिलिंडर की किल्लत से छात्रों की रसोई पर संकट
छोटे सिलिंडर न मिलने से शहर में किराए पर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ सरकारी व निजी कार्यालयों में काम करने वालों की परेशानी काफी बढ़ गई है। छोटे सिलिंडर का रिफिल बंद होने से उन्हें खाना बनाने के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं। जयप्रभा ग्राम के रिंकू मिश्र ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर में रहते हैं। पहले छोटा सिलिंडर आसानी से रिफिल हो जाता था, अब बंद हो गया है। बाहर खाना महंगा पड़ रहा है। संझवल निवासी कार्तिक ने कहा कि अब मजबूरी में घर लौट कर रोज बस से आवागमन करना पड़ेगा।
सुबह जल्दी वितरण शुरू करने के निर्देश
सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि सुबह जल्दी गैस वितरण शुरू कर दें। ताकि उपभोक्ताओं को धूप में न खड़ा होना पड़े। वितरण स्थल पर छांव व पेयजल की व्यवस्था कराने का निर्देश भी दिया गया है।
कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, डीएसओ