{"_id":"6a610937153307f4f0021e0c","slug":"saryu-crosses-danger-mark-gonda-news-c-100-1-brp1002-162801-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: लाल निशान के पार पहुंची सरयू, सहमे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: लाल निशान के पार पहुंची सरयू, सहमे ग्रामीण
Wed, 22 Jul 2026 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
कटान करती सरयू नदी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनैलगंज। नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से बुधवार देर रात सरयू नदी खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर पहुंच गई। बुधवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.02 मीटर दर्ज किया गया। रात 10 बजे नदी लाल निशान 106.07 से एक सेंटीमीटर ऊपर 106.08 मीटर पहुंच गई।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.78 मीटर था, जो खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर नीचे था। अयोध्या में बुधवार शाम जलस्तर 92.01 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां खतरे का निशान 92.73 मीटर है। नदी में इस समय 2,73,798 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। डिस्चार्ज बढ़ने से नदी के बहाव में तेजी आई है।
एल्गिन-चरसड़ी और सकरौरा-भिखारीपुर तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ने से तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नैपुरा, परसावल, बेहटा, पारा मांझा, काशीपुर मांझा और रायपुर मांझा समेत कई गांवों के सामने नदी का पानी फैलने लगा है। कुछ स्थानों पर तेज धारा तटबंध के बिल्कुल किनारे बह रही है। बाढ़ खंड और प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार रात नदी खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर पहुंच गई। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.78 मीटर था, जो खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर नीचे था। अयोध्या में बुधवार शाम जलस्तर 92.01 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां खतरे का निशान 92.73 मीटर है। नदी में इस समय 2,73,798 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। डिस्चार्ज बढ़ने से नदी के बहाव में तेजी आई है।
विज्ञापन
एल्गिन-चरसड़ी और सकरौरा-भिखारीपुर तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ने से तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नैपुरा, परसावल, बेहटा, पारा मांझा, काशीपुर मांझा और रायपुर मांझा समेत कई गांवों के सामने नदी का पानी फैलने लगा है। कुछ स्थानों पर तेज धारा तटबंध के बिल्कुल किनारे बह रही है। बाढ़ खंड और प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार रात नदी खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर पहुंच गई। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।