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Gonda News: ऑडिट पूरा होने पर बढ़ सकती है घोटाले की रकम
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:23 PM IST
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गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में तेजी आई है, लेकिन ऑडिट अभी पूरा नहीं हुआ है। ऑडिट पूरा होने पर घोटाले की रकम और बढ़ सकती है। साथ ही पीड़ित खाता धारकों और आरोपियों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
कोऑपरेटिव बैंक के ऑडिट में घोटाले का खुलासा होने के बाद शाखा प्रबंधक भुवन चंद सती ने तीन पूर्व शाखा प्रबंधकों समेत 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दो खाताधारकों ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों मामलों की जांच चल रही है। अभी तक की जांच में ऑडिट रिपोर्ट के पन्ने पलटने पर नए-नए नाम सामने आ रहे हैं। नामजद लोगों के अलावा पांच और लोगों की मामले में संलिप्तता पाई गई। ऐसे में इन पांचों के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए गए हैं।
बैंक प्रबंधक भुवन चंद सती का कहना है कि अभी ऑडिट पूरा नहीं हुआ है। ऑडिट पूरा होने पर रिपोर्ट विवेचक को सौंपी जाएगी। विवेचक सभाजीत सिंह बताते हैं कि पूरी ऑडिट रिपोर्ट अभी बैंक ने नहीं दी है। मिलने पर जरूरत पड़ी तो और प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती हैं।
आरोपियों के मोबाइल बंद, रिश्तेदारों के घर तलाश रही पुलिस
घोटाले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं। इससे पुलिस को उनकी लोकेशन पता लगाने में परेशानी हो रही है। दो आरोपियों की तलाश में लखनऊ गई टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस ने घर पर दबिश दी तो ताला लटका मिला।
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कोऑपरेटिव बैंक के ऑडिट में घोटाले का खुलासा होने के बाद शाखा प्रबंधक भुवन चंद सती ने तीन पूर्व शाखा प्रबंधकों समेत 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दो खाताधारकों ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों मामलों की जांच चल रही है। अभी तक की जांच में ऑडिट रिपोर्ट के पन्ने पलटने पर नए-नए नाम सामने आ रहे हैं। नामजद लोगों के अलावा पांच और लोगों की मामले में संलिप्तता पाई गई। ऐसे में इन पांचों के नाम भी एफआईआर में बढ़ाए गए हैं।
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बैंक प्रबंधक भुवन चंद सती का कहना है कि अभी ऑडिट पूरा नहीं हुआ है। ऑडिट पूरा होने पर रिपोर्ट विवेचक को सौंपी जाएगी। विवेचक सभाजीत सिंह बताते हैं कि पूरी ऑडिट रिपोर्ट अभी बैंक ने नहीं दी है। मिलने पर जरूरत पड़ी तो और प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती हैं।
आरोपियों के मोबाइल बंद, रिश्तेदारों के घर तलाश रही पुलिस
घोटाले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं। इससे पुलिस को उनकी लोकेशन पता लगाने में परेशानी हो रही है। दो आरोपियों की तलाश में लखनऊ गई टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस ने घर पर दबिश दी तो ताला लटका मिला।
