UP: गोंडा में फर्जीवाड़े का खुलासा, 'निवेश योजना' के नाम पर ठगे 1.08 करोड़; इस एक गलती से पकड़े गए आरोपी
निवेश पर मासिक मुनाफे का झांसा देकर एक करोड़ से अधिक रुपये की कथित ठगी के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले के तार बड़े निवेश नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों से भी जोड़े जा रहे हैं।
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सात राज्यों में निवेश के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की कथित ठगी के चर्चित नेटवर्क से जुड़े एक और मामले सामने आया है। निवेश पर हर माह पांच से छह प्रतिशत मुनाफा और भविष्य में लाखों रुपये कीमत का डिजिटल क्वाइन मिलने का लालच देकर 1.08 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी के मामले में करनैलगंज पुलिस ने राहुल सिंह चौहान, उनकी पत्नी शिल्पी सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और पूरे निवेश नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है।
कोतवाली करनैलगंज में दर्ज एफआईआर के अनुसार नचनी गांव निवासी अजय मौर्य समेत सात निवेशकों ने आरोप लगाया है कि लखनऊ निवासी रजनीश रौशन ने उन्हें एक निवेश योजना के बारे में बताया। उसने दावा किया कि वोडवो नाम की कंपनी में निवेश करने पर हर महीने पांच से छह प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा। साथ ही टीएलसी 2.0 नाम का डिजिटल क्वाइन उपहार में दिया जाएगा, जिसकी भविष्य में कीमत लाखों रुपये होने की बात कही गई।
पत्नी के कारण निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा कर लिया
आरोप है कि रजनीश ने निवेश की रकम कैप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के खाते में जमा कराने को कहा। उसने गूगल पर कंपनी की जानकारी दिखाते हुए बताया कि इसके निदेशक शिल्पी सिंह और दीपक कुमार हैं। तहरीर के मुताबिक शिल्पी सिंह स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राहुल सिंह की पत्नी होने के कारण निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा कर लिया।
एफआईआर के अनुसार अलग-अलग तिथियों में सात लोगों ने कंपनी के खाते में कुल 1 करोड़ 8 लाख 40 हजार रुपये जमा किए। इनमें गुफरान ने 37 लाख, बैकुंठ कुमार ने 54.60 लाख, अजय मौर्य ने सात लाख, कृष्ण कुमार गोस्वामी ने 3.50 लाख तथा नदीम अहमद, शिवा और नूर अहमद ने 2.10-2.10 लाख रुपये निवेश किए।
पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआत में कुछ समय तक मामूली ब्याज देकर उनका भरोसा कायम रखा गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। कंपनी और उससे जुड़े लोगों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। पूछताछ करने पर लगातार टालमटोल की जाती रही।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में रजनीश रौशन ने बताया कि राहुल सिंह से उसकी बात हो चुकी है और यदि इस मामले में उनसे संपर्क किया गया तो जान से मारने की धमकी दी जाएगी। निरीक्षक अपराध अरविंद कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर समाजसेवी राहुल सिंह चौहान समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय का कहना है कि पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की होगी जांच
पुलिस एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर यह पता लगा रही है कि निवेशकों की रकम किन बैंक खातों में जमा हुई और वहां से किन-किन खातों में स्थानांतरित की गई। विवेचना के दौरान बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रांजेक्शन, कंपनी के दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इसी नेटवर्क के जरिए अन्य लोगों से भी निवेश कराया गया था या नहीं।
नवंबर 2025 में केंद्रीय स्तर पर भी हुई थी पड़ताल
निवेश के नाम पर कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग नेटवर्क का मामला नवंबर 2025 में प्रमुखता से सामने आने के बाद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के निर्देश पर विदेश मंत्रालय ने भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद विभिन्न एजेंसियों ने विदेशी कंपनियों, बैंकिंग लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल शुरू की थी।
अब करनैलगंज में मामला सामने आने के बाद जांच को नया आधार मिला है। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और निवेश की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार यदि विवेचना में विदेशों तक धन हस्तांतरण या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क से जुड़े साक्ष्य मिलते हैं तो जांच और व्यापक की जा सकती है।