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Hamirpur News: माननीय के गोद लिए स्कूल में पानी को तरस रहे बच्चे
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पड़ताल-- -
फोटो 21 एचएएमपी 01- शहर के बीचों-बीच स्थित प्राथमिक विद्यालय सरांय। संवाद
फोटो 21 एचएएमपी 02- स्कूल के बाहर से रसोइया पानी लाती हुई। संवाद
फोटो 21 एचएएमपी 03- पानी नहीं होने से शौचालयों में पड़े ताले। संवाद
फोटो 21 एचएएमपी 04- स्टोर रूम में रखा आरओ फिल्टर। संवाद
फोटो 21 एचएएमपी 05- जानकारी देती प्रभारी प्रधानाचार्य। संवाद
-पानी न होने से शौचालयों में ताले, बच्चे जाते घर
-एमडीएम बनाने के लिए रसोइया दूर से लाती है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। हमीरपुर। सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति के गोद लिए गए प्राथमिक विद्यालय सरांय में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। विद्यालय में न तो कोई बोरिंग है और न ही पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। इस कारण 32 छात्र और 23 छात्राएं पीने के पानी के लिए भी परेशान हैं। दो साल से यह संकट बना हुआ है। यह विद्यालय जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय से मात्र 250 मीटर की दूरी पर स्थित है।
शहर के बीचों-बीच स्थित इस विद्यालय को वर्ष 2023 में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने मॉडल स्कूल बनाने के उद्देश्य से गोद लिया था। घोषणा के बाद विद्यालय के लालन-पालन और विकास की ओर से ध्यान हट गया। विधायक की ओर से उनकी निधि से कोई कार्य नहीं हुआ। विद्यालय में शौचालय बने हुए हैं और पानी की टंकी भी लगवाई गई थी लेकिन 2024 से टंकी सूखी पड़ी है। विद्यालय में पहले सबमर्सिबल था, लेकिन 2024 में बोरिंग खराब हो गई। पीने के पानी का इंतजाम न होने से बच्चे स्कूल के बाहर जाते हैं और शिक्षक अपने घरों से पानी की बोतलें लाते हैं। पानी की अनुपलब्धता के कारण शौचालयों पर ताला लगा हुआ है, जिससे महिला कर्मचारियों को भी असुविधा हो रही है।
अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं
प्रभारी प्रधानाचार्य मंजू दीक्षित ने बताया कि पानी न होने से शौचालयों की सफाई नहीं हो पाती, इसलिए उन्हें बंद रखना पड़ता है। उन्होंने वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र लिखा था और नगर पालिका के ईओ को बोरिंग कराने के लिए भी पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानाचार्य ने स्वयं खर्च किए 80 हजार रुपये
विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रधानाचार्य ने अपनी सैलरी से 80 हजार रुपये खर्च कर गेट लगवाया है। जानवरों के आने-जाने को रोकने के लिए पीछे भी एक गेट लगवाया गया। बच्चों को प्रोजेक्ट पढ़ाने और मनोरंजन के लिए विभाग ने 75 इंच की एलईडी टीवी लगवाई है, लेकिन पानी की कमी के कारण आरओ फिल्टर स्टोर रूम में धूल फांक रहा है। बाल्टी से पानी मंगवाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
जल संस्थान का 38,711 रुपये का बिल
दो वर्ष से पानी की किल्लत के बावजूद, विद्यालय में कभी जल संस्थान से कनेक्शन न होने के बावजूद विभाग ने 38,711 रुपये का बिल भेज दिया है। प्रधानाचार्य बिल माफ कराने के लिए जल संस्थान के चक्कर काट रही हैं।
वर्जन
प्राथमिक विद्यालय सरांय दुर्दशा का शिकार था, उसे विकसित करने के उद्देश्य से गोद लिया। इसके बाद विद्यालय में काम हुए हैं। बीते कुछ समय से वहां नहीं जा पाया, जिसके चलते पानी की समस्या उनके संज्ञान में नहीं है। बच्चों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो जल्द समस्या दूर कराई जाएगी।-डॉ. मनोज कुमार प्रजापति, सदर विधायक हमीरपुर
जिम्मेदार बोले-जल संकट की जानकारी नहीं
प्राथमिक विद्यालय सरांय में पानी संकट की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसी स्थिति है तो मंगलवार को पानी की समस्या को दिखवा कर समाधान कराया जाएगा।-आलोक सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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फोटो 21 एचएएमपी 01- शहर के बीचों-बीच स्थित प्राथमिक विद्यालय सरांय। संवाद
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फोटो 21 एचएएमपी 05- जानकारी देती प्रभारी प्रधानाचार्य। संवाद
-पानी न होने से शौचालयों में ताले, बच्चे जाते घर
-एमडीएम बनाने के लिए रसोइया दूर से लाती है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। हमीरपुर। सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति के गोद लिए गए प्राथमिक विद्यालय सरांय में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। विद्यालय में न तो कोई बोरिंग है और न ही पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। इस कारण 32 छात्र और 23 छात्राएं पीने के पानी के लिए भी परेशान हैं। दो साल से यह संकट बना हुआ है। यह विद्यालय जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय से मात्र 250 मीटर की दूरी पर स्थित है।
शहर के बीचों-बीच स्थित इस विद्यालय को वर्ष 2023 में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने मॉडल स्कूल बनाने के उद्देश्य से गोद लिया था। घोषणा के बाद विद्यालय के लालन-पालन और विकास की ओर से ध्यान हट गया। विधायक की ओर से उनकी निधि से कोई कार्य नहीं हुआ। विद्यालय में शौचालय बने हुए हैं और पानी की टंकी भी लगवाई गई थी लेकिन 2024 से टंकी सूखी पड़ी है। विद्यालय में पहले सबमर्सिबल था, लेकिन 2024 में बोरिंग खराब हो गई। पीने के पानी का इंतजाम न होने से बच्चे स्कूल के बाहर जाते हैं और शिक्षक अपने घरों से पानी की बोतलें लाते हैं। पानी की अनुपलब्धता के कारण शौचालयों पर ताला लगा हुआ है, जिससे महिला कर्मचारियों को भी असुविधा हो रही है।
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अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं
प्रभारी प्रधानाचार्य मंजू दीक्षित ने बताया कि पानी न होने से शौचालयों की सफाई नहीं हो पाती, इसलिए उन्हें बंद रखना पड़ता है। उन्होंने वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र लिखा था और नगर पालिका के ईओ को बोरिंग कराने के लिए भी पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानाचार्य ने स्वयं खर्च किए 80 हजार रुपये
विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रधानाचार्य ने अपनी सैलरी से 80 हजार रुपये खर्च कर गेट लगवाया है। जानवरों के आने-जाने को रोकने के लिए पीछे भी एक गेट लगवाया गया। बच्चों को प्रोजेक्ट पढ़ाने और मनोरंजन के लिए विभाग ने 75 इंच की एलईडी टीवी लगवाई है, लेकिन पानी की कमी के कारण आरओ फिल्टर स्टोर रूम में धूल फांक रहा है। बाल्टी से पानी मंगवाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
जल संस्थान का 38,711 रुपये का बिल
दो वर्ष से पानी की किल्लत के बावजूद, विद्यालय में कभी जल संस्थान से कनेक्शन न होने के बावजूद विभाग ने 38,711 रुपये का बिल भेज दिया है। प्रधानाचार्य बिल माफ कराने के लिए जल संस्थान के चक्कर काट रही हैं।
वर्जन
प्राथमिक विद्यालय सरांय दुर्दशा का शिकार था, उसे विकसित करने के उद्देश्य से गोद लिया। इसके बाद विद्यालय में काम हुए हैं। बीते कुछ समय से वहां नहीं जा पाया, जिसके चलते पानी की समस्या उनके संज्ञान में नहीं है। बच्चों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो जल्द समस्या दूर कराई जाएगी।-डॉ. मनोज कुमार प्रजापति, सदर विधायक हमीरपुर
जिम्मेदार बोले-जल संकट की जानकारी नहीं
प्राथमिक विद्यालय सरांय में पानी संकट की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसी स्थिति है तो मंगलवार को पानी की समस्या को दिखवा कर समाधान कराया जाएगा।-आलोक सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
