{"_id":"69823e563981a314f80362d9","slug":"cold-diarrhea-cold-and-cough-increased-in-children-due-to-winter-hamirpur-news-c-223-1-sknp1030-135679-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: सर्दी से बच्चों में कोल्ड डायरिया, जुकाम व खांसी बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: सर्दी से बच्चों में कोल्ड डायरिया, जुकाम व खांसी बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। सर्दी में बच्चे कोल्ड डायरिया, जुकाम, खांसी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विभागों में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। मंगलवार को जिला अस्पताल में 45 से ज्यादा बीमार बच्चे पहुंचे। इसके अलावा जनरल ओपीडी में भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। जांच में पता चला कि बुखार वाले रोगियों का बदन टूट रहा है। वहीं, बच्चे जकड़न से परेशान हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बच्चों को दिखाने के लिए कतार लगी रही। जिला अस्पताल में मंगलवार को 397 पर्चे बने। इनमें 45 बाल रोगी शामिल रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष निरंजन ने बताया कि इस समय चल रही ठंडी हवाओं के संपर्क में आते ही बच्चे खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें बुखार भी आ रहा है। इससे कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ है। कई बच्चे कोल्ड डायरिया के मिल रहे, जिन्हें प्रारंभिक उपचार देते हुए भर्ती किया जा रहा है। आज चार बच्चे भर्ती किए गए हैं। इनमें तीन निमोनिया और एक डायरिया से पीड़ित बच्चा शामिल है। वहीं, दो बच्चे निमोनिया के पहले से भर्ती हैं।
बताया कि परामर्श और उपचार में देरी होने पर बच्चों के फेफड़ों पर प्रभाव पड़ता है और स्थिति गंभीर हो सकती है। अधिकतर बच्चे मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। डायरिया, निमोनिया के साथ ही सर्दी-जुकाम की समस्या से परेशान हैं। ठंड के दौरान धूप निकलने पर मां बच्चे की मालिश करती हैं। यह गलत है, क्योंकि ठंड में धूप लेने से शरीर को राहत तो मिलती है पर छोटे बच्चों की मालिश करना घातक साबित हो रहा है।
वहीं, वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. आरएस प्रजापति ने बताया कि बुजुर्ग और जवान भी बदलते मौसम के चलते वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के थे। सभी का उपचार कर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
Trending Videos
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बच्चों को दिखाने के लिए कतार लगी रही। जिला अस्पताल में मंगलवार को 397 पर्चे बने। इनमें 45 बाल रोगी शामिल रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष निरंजन ने बताया कि इस समय चल रही ठंडी हवाओं के संपर्क में आते ही बच्चे खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें बुखार भी आ रहा है। इससे कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ है। कई बच्चे कोल्ड डायरिया के मिल रहे, जिन्हें प्रारंभिक उपचार देते हुए भर्ती किया जा रहा है। आज चार बच्चे भर्ती किए गए हैं। इनमें तीन निमोनिया और एक डायरिया से पीड़ित बच्चा शामिल है। वहीं, दो बच्चे निमोनिया के पहले से भर्ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया कि परामर्श और उपचार में देरी होने पर बच्चों के फेफड़ों पर प्रभाव पड़ता है और स्थिति गंभीर हो सकती है। अधिकतर बच्चे मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। डायरिया, निमोनिया के साथ ही सर्दी-जुकाम की समस्या से परेशान हैं। ठंड के दौरान धूप निकलने पर मां बच्चे की मालिश करती हैं। यह गलत है, क्योंकि ठंड में धूप लेने से शरीर को राहत तो मिलती है पर छोटे बच्चों की मालिश करना घातक साबित हो रहा है।
वहीं, वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. आरएस प्रजापति ने बताया कि बुजुर्ग और जवान भी बदलते मौसम के चलते वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के थे। सभी का उपचार कर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
