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Hamirpur News: मौत के बाद मिला न्याय, बिना कनेक्शन बिल निरस्त
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हमीरपुर। बिना कनेक्शन 58,826 रुपये का बिल थमाने वाले विभाग को इसका खामियाजा जुर्माना देकर भुगतना पड़ेगा। यह फैसला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की तीन सदस्यीय न्याय पीठ ने सुनाया। विभाग को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता को मानसिक कष्ट के लिए पांच हजार और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये देगा। हालांकि यह न्याय वाद दायर करने वाले उपभोक्ता को मौत के बाद मिला है। साथ ही कनेक्शन को 30 दिन के भीतर अभिलेखों से हटाने के निर्देश दिए हैं।
सुरौला बुजुर्ग गांव निवासी रामकिशोर ने 26 नवंबर 2012 को 250 रुपये जमाकर घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि उस समय मोहल्ले में खंभे और तार ही नहीं लगे थे जिससे कनेक्शन नहीं मिल सका। इसके बाद भी 26 जून 2020 में रामकिशोर के नाम से 58,826 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। इसके पहले 27 दिसंबर 2012 को बिल जमा करने के लिए कहा गया था। उपभोक्ता ने कहा कि कनेक्शन के लिए आवेदन किया लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। मामले में मंडलीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेजे गए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इसी दौरान सरकार की सौभाग्य योजना के तहत 20 जनवरी 2020 को राम किशोर ने पत्नी सियादुलारी के नाम से कनेक्शन ले लिया। विभाग ने जब 58826 रुपये का बिल दे दिया तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। तीन सदस्यीय न्याय पीठ के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा व सदस्य राम प्रताप और स्वर्णलता जायसवाल ने दोनों पक्षों को सुना। बिजली विभाग ने अपने पक्ष में कहा कि कनेक्शन चालू कर दिया गया था और उपभोक्ता बिजली का उपयोग कर रहा था। विभाग का यह भी कहना था कि पुराने बकाए से बचने के लिए पत्नी के नाम नया कनेक्शन लिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि विभाग की ओर से जारी 58,826 रुपये का बिल शून्य है। इसे वसूलने का अधिकार नहीं है।
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सुरौला बुजुर्ग गांव निवासी रामकिशोर ने 26 नवंबर 2012 को 250 रुपये जमाकर घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि उस समय मोहल्ले में खंभे और तार ही नहीं लगे थे जिससे कनेक्शन नहीं मिल सका। इसके बाद भी 26 जून 2020 में रामकिशोर के नाम से 58,826 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। इसके पहले 27 दिसंबर 2012 को बिल जमा करने के लिए कहा गया था। उपभोक्ता ने कहा कि कनेक्शन के लिए आवेदन किया लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। मामले में मंडलीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेजे गए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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इसी दौरान सरकार की सौभाग्य योजना के तहत 20 जनवरी 2020 को राम किशोर ने पत्नी सियादुलारी के नाम से कनेक्शन ले लिया। विभाग ने जब 58826 रुपये का बिल दे दिया तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। तीन सदस्यीय न्याय पीठ के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा व सदस्य राम प्रताप और स्वर्णलता जायसवाल ने दोनों पक्षों को सुना। बिजली विभाग ने अपने पक्ष में कहा कि कनेक्शन चालू कर दिया गया था और उपभोक्ता बिजली का उपयोग कर रहा था। विभाग का यह भी कहना था कि पुराने बकाए से बचने के लिए पत्नी के नाम नया कनेक्शन लिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि विभाग की ओर से जारी 58,826 रुपये का बिल शून्य है। इसे वसूलने का अधिकार नहीं है।

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