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Hamirpur News: नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:21 AM IST
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हमीरपुर। विशेष न्यायाधीश कीर्तिमाला सिंह की अदालत ने अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विभिन्न धाराओं में 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक सुमेरपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी किशोरी की मां ने पति को बताया था कि 20 दिसंबर को भरुआ सुमेरपुर के थोक इमलिया निवासी रामबाबू, पंथरी निवासी शिव नारायण घर आए और नौकरी के फॉर्म भरने की बात कही। 22 दिसंबर 2016 को आए और बेटी को नौकरी का लालच देकर लिवा ले गए, तब से वह नहीं आई है। पीड़िता के पिता ने पुलिस 23 दिसंबर 2016 को इसकी सूचना दी। पुलिस ने रामबाबू, शिवनारायण, वीरू व रवि के खिलाफ अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़िता को पुलिस ने दिल्ली में ढूंढ निकाला। मेडिकल परीक्षण के बाद 164 के बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने बताया था कि उसे जालौन निवासी वीरू जो देवगांव सड़क सुमेरपुर में रहता है और हलवाई का काम करता है, अपने साथ ले गया। तीन माह तक वीरू ने दिल्ली में किराए का कमरा लेकर उसे रखा और दुष्कर्म किया, विरोध करने पर परिजनों को मार देने की धमकी देता था। पुलिस ने वीरू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आईपीसी की धारा 363, 366 और 376(2) के तहत क्रमश: तीन वर्ष, पांच वर्ष और 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ तीन हजार, पांच हजार और 10 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अर्थदंड न दे पाने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पीड़िता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं
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जानकारी के मुताबिक सुमेरपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी किशोरी की मां ने पति को बताया था कि 20 दिसंबर को भरुआ सुमेरपुर के थोक इमलिया निवासी रामबाबू, पंथरी निवासी शिव नारायण घर आए और नौकरी के फॉर्म भरने की बात कही। 22 दिसंबर 2016 को आए और बेटी को नौकरी का लालच देकर लिवा ले गए, तब से वह नहीं आई है। पीड़िता के पिता ने पुलिस 23 दिसंबर 2016 को इसकी सूचना दी। पुलिस ने रामबाबू, शिवनारायण, वीरू व रवि के खिलाफ अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़िता को पुलिस ने दिल्ली में ढूंढ निकाला। मेडिकल परीक्षण के बाद 164 के बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने बताया था कि उसे जालौन निवासी वीरू जो देवगांव सड़क सुमेरपुर में रहता है और हलवाई का काम करता है, अपने साथ ले गया। तीन माह तक वीरू ने दिल्ली में किराए का कमरा लेकर उसे रखा और दुष्कर्म किया, विरोध करने पर परिजनों को मार देने की धमकी देता था। पुलिस ने वीरू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आईपीसी की धारा 363, 366 और 376(2) के तहत क्रमश: तीन वर्ष, पांच वर्ष और 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ तीन हजार, पांच हजार और 10 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अर्थदंड न दे पाने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पीड़िता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं