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Hamirpur News: सात माह का टूटा रिकॉर्ड, ओपीडी 800 पार
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हमीरपुर। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी की मार और ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी व जलभराव के चलते संक्रामक बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को पर्चा काउंटर, ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी ने बीते सात माह का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मरीजों की संख्या बढ़कर 800 के पार पहुंच गई। सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीज देखे गए।
जिले में पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। मंगलवार को अस्पताल खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ जुट गई। पर्चा काउंटर में लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा गार्डों को मोर्चा संभालना पड़ा। अस्पताल में दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड कुल 828 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 368 पुरुष, 347 महिलाएं और 113 बालरोगी शामिल रहे।
इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मरीजों की लंबी कतार लगी रही। स्थिति यह रही कि करीब 100 मरीजों की इमरजेंसी रही, वहीं 68 बेड के भर्ती वार्ड में मरीजों की संख्या को देखते हुए 25 बेड और बढ़ाने पड़े हैं। मौजूदा में 84 मरीज भर्ती हैं। इनमें 50 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के तथा 15 मरीज उल्टी-दस्त के भर्ती हैं।
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अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी भवन, लैब, दवा काउंटर, इमरजेंसी, प्लास्टर कक्ष, एक्सरे कक्ष आदि सभी स्थानों पर मरीजों की भीड़ दिखी। यहां औसतन ओपीडी 500 से 700 तक होती है। जनरल फिजीशियन डॉ. परमेंदर प्रजापति ने बताया कि करीब 150 मरीज देखे हैं। ज्यादातर मरीज लूज मोशन के रहे। रोजाना करीब 40 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
अब तक की रिकॉर्ड ओपीडी रही है। इतना मरीज बीते छह माह में कभी नहीं आया। मरीजों की संख्या को देखते हुए बेडों की संख्या सहित दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया है। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली गई हैं। सुबह 84 मरीज भर्ती थे। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई रखने व बासी व तला-भुना न खाने की सलाह दी है। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
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जिले में पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। मंगलवार को अस्पताल खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ जुट गई। पर्चा काउंटर में लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा गार्डों को मोर्चा संभालना पड़ा। अस्पताल में दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड कुल 828 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 368 पुरुष, 347 महिलाएं और 113 बालरोगी शामिल रहे।
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इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मरीजों की लंबी कतार लगी रही। स्थिति यह रही कि करीब 100 मरीजों की इमरजेंसी रही, वहीं 68 बेड के भर्ती वार्ड में मरीजों की संख्या को देखते हुए 25 बेड और बढ़ाने पड़े हैं। मौजूदा में 84 मरीज भर्ती हैं। इनमें 50 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के तथा 15 मरीज उल्टी-दस्त के भर्ती हैं।
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अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी भवन, लैब, दवा काउंटर, इमरजेंसी, प्लास्टर कक्ष, एक्सरे कक्ष आदि सभी स्थानों पर मरीजों की भीड़ दिखी। यहां औसतन ओपीडी 500 से 700 तक होती है। जनरल फिजीशियन डॉ. परमेंदर प्रजापति ने बताया कि करीब 150 मरीज देखे हैं। ज्यादातर मरीज लूज मोशन के रहे। रोजाना करीब 40 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
अब तक की रिकॉर्ड ओपीडी रही है। इतना मरीज बीते छह माह में कभी नहीं आया। मरीजों की संख्या को देखते हुए बेडों की संख्या सहित दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया है। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली गई हैं। सुबह 84 मरीज भर्ती थे। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई रखने व बासी व तला-भुना न खाने की सलाह दी है। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल