{"_id":"6973cc40a1d937389e0c845d","slug":"wearing-a-rainbow-colored-scarf-now-the-spring-season-has-arrived-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-135246-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: ओढ़ चुनरिया सतरंगी अब ऋतु वसंती आई है...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: ओढ़ चुनरिया सतरंगी अब ऋतु वसंती आई है...
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 24 Jan 2026 01:00 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
भरुआ सुमेरपुर। वसंत पंचमी के अवसर पर कलार्पण संस्था ने कस्बे के लालू सिंह पब्लिक स्कूल में मां सरस्वती का पूजन कर काव्य गोष्ठी हुई। इस मौके पर मां सरस्वती पूजन, महाकवि सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई।
अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष शिवकरण सिंह ने की। कार्यक्रम का संचालन कैलाश प्रसाद सोनी ने की। मुख्य अतिथि प्रदेश प्रमुख रेवती कुमार पाठक, प्रदेश सचिव देवनारायण सोनी और हास्य कवि दिनेश कुमार दुबे रहे। हरीराम गुप्त निरपेक्ष ने मां सरस्वती की वंदना पढ़ने के उपरांत ऋतुराज का स्वागत करते हुए पढ़ा... सर सरिता सहलाय, पवनिया चलती सर सर। अभिनंदन ऋतुराज, कर रहा मौसम पतझर।
कवि राजेंद्र प्रेमी ने पढ़ा- प्रिय बसंत तेरा आगमन गद गद होता हृदय चमन। आज निराला तुम्हें नमन। कवि कमलेश सिंह गौर ने पढ़ा उड़ उड़ पत्ते बांट रहे, संदेसा ऋतुपति आने का।
शायर वीरेंद्र पाल शजर ने पढ़ा...जब से आया सखी वसंत, मेरा मन हो गया महंत। उपाध्यक्ष नीतिराज सिंह ने पढ़ा...ओढ़ चुनरिया सतरंगी अब ऋतु वसंती आई है।
वरिष्ठ कवि मुन्नीलाल अवस्थी ने पढ़ा... फूल सजे बगिया में, अमराई अंगिया में, कुछ कुछ टटोल रही, बसंती डोल रही। अध्यक्ष शिवकरण सिंह सरस ने पढ़ा... कैसे स्वागत करूं तुम्हारा, तुम हो अविरल गंगा धारा। प्रांतीय मंत्री आचार्य देवनारायण सोनी ने पढ़ा...सच्चे साथी पूछा नहीं निभाया करते हैं। कवि अवधेश कुमार साहू बेचैन ने पढ़ा...और सुनो बसंत की राह अभी रुकी हुई, क्या पतझड़ की काली छाया है। हास्य कवि दिनेश दुबे घाटमपुर ने गुदगुदाते हुए पढ़ा... सुख का होता आगमन, दुःख का होता अंत। ऋतुओं में सरताज है, यह ऋतुराज वसंत। शायर मुहम्मद सलीम ने पढ़ा... जिसके स्वागत में फूल खिले, ऋतु राजा आया बसंत। मौदहा के कवि हरी प्रकाश कुशवाहा, मंत्री कैलाश प्रसाद सोनी आदि ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। संयोजक हरीराम गुप्त ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Trending Videos
अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष शिवकरण सिंह ने की। कार्यक्रम का संचालन कैलाश प्रसाद सोनी ने की। मुख्य अतिथि प्रदेश प्रमुख रेवती कुमार पाठक, प्रदेश सचिव देवनारायण सोनी और हास्य कवि दिनेश कुमार दुबे रहे। हरीराम गुप्त निरपेक्ष ने मां सरस्वती की वंदना पढ़ने के उपरांत ऋतुराज का स्वागत करते हुए पढ़ा... सर सरिता सहलाय, पवनिया चलती सर सर। अभिनंदन ऋतुराज, कर रहा मौसम पतझर।
विज्ञापन
विज्ञापन
कवि राजेंद्र प्रेमी ने पढ़ा- प्रिय बसंत तेरा आगमन गद गद होता हृदय चमन। आज निराला तुम्हें नमन। कवि कमलेश सिंह गौर ने पढ़ा उड़ उड़ पत्ते बांट रहे, संदेसा ऋतुपति आने का।
शायर वीरेंद्र पाल शजर ने पढ़ा...जब से आया सखी वसंत, मेरा मन हो गया महंत। उपाध्यक्ष नीतिराज सिंह ने पढ़ा...ओढ़ चुनरिया सतरंगी अब ऋतु वसंती आई है।
वरिष्ठ कवि मुन्नीलाल अवस्थी ने पढ़ा... फूल सजे बगिया में, अमराई अंगिया में, कुछ कुछ टटोल रही, बसंती डोल रही। अध्यक्ष शिवकरण सिंह सरस ने पढ़ा... कैसे स्वागत करूं तुम्हारा, तुम हो अविरल गंगा धारा। प्रांतीय मंत्री आचार्य देवनारायण सोनी ने पढ़ा...सच्चे साथी पूछा नहीं निभाया करते हैं। कवि अवधेश कुमार साहू बेचैन ने पढ़ा...और सुनो बसंत की राह अभी रुकी हुई, क्या पतझड़ की काली छाया है। हास्य कवि दिनेश दुबे घाटमपुर ने गुदगुदाते हुए पढ़ा... सुख का होता आगमन, दुःख का होता अंत। ऋतुओं में सरताज है, यह ऋतुराज वसंत। शायर मुहम्मद सलीम ने पढ़ा... जिसके स्वागत में फूल खिले, ऋतु राजा आया बसंत। मौदहा के कवि हरी प्रकाश कुशवाहा, मंत्री कैलाश प्रसाद सोनी आदि ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। संयोजक हरीराम गुप्त ने सभी का आभार व्यक्त किया।
