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Hapur News: शाकरपुर और काकाठेर की मढ़ैया के संपर्क मार्गों पर घुसा गंगा का पानी
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गंगा का जलस्तर बढऩे से खादर क्षेत्र के खेतों में भरा पानी। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार शाम तक ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.63 मीटर पहुंच गया। बिजनौर बैराज से लगातार 75 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शाकरपुर और काकाठेर की मढ़ैया के रास्तों पर गंगा का पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा का जलस्तर वर्तमान में चेतावनी निशान 198.33 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। वहीं गंगा के खतरे का निशान 199.33 मीटर है, जबकि 199.99 मीटर जलस्तर पहुंचने पर बाढ़ की स्थिति मानी जाएगी। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण खादर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। खादर के निचले स्थानों पर बसे गांवों में गंगा का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। गांवों को जोड़ने वाले रास्तों और जंगलों में भी पानी भरने लगा है।
कुदैनी की मढ़ैया, शाकरपुर और काकाठेर की मढ़ैया की ओर जाने वाले कई रास्तों पर पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। जिस स्थान पर मेले के दौरान पार्किंग बनाई जाती है, वहां भी पानी पहुंच गया है। रास्ते पानी में डूबने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण ललित ठाकुर का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह अगले दो दिनों तक बढ़ता रहा तो खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा होने से रोकना मुश्किल होगा। बाढ़ आने की स्थिति में खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने के साथ ही पशुपालन और अन्य दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर भारी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण लगातार नदी के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा जा रहा है।
लेखपालों के साथ गांवों में कराया जा रहा निरीक्षण
तहसीलदार पवन यादव ने बताया कि गांवों में लेखपालों के साथ निरीक्षण कराया गया है। ग्रामीणों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और खादर क्षेत्र के हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी कराई जा रही है, जिससे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें और किसी ग्रामीण को परेशानी न हो।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा का जलस्तर वर्तमान में चेतावनी निशान 198.33 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। वहीं गंगा के खतरे का निशान 199.33 मीटर है, जबकि 199.99 मीटर जलस्तर पहुंचने पर बाढ़ की स्थिति मानी जाएगी। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण खादर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। खादर के निचले स्थानों पर बसे गांवों में गंगा का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। गांवों को जोड़ने वाले रास्तों और जंगलों में भी पानी भरने लगा है।
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कुदैनी की मढ़ैया, शाकरपुर और काकाठेर की मढ़ैया की ओर जाने वाले कई रास्तों पर पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। जिस स्थान पर मेले के दौरान पार्किंग बनाई जाती है, वहां भी पानी पहुंच गया है। रास्ते पानी में डूबने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण ललित ठाकुर का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह अगले दो दिनों तक बढ़ता रहा तो खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा होने से रोकना मुश्किल होगा। बाढ़ आने की स्थिति में खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने के साथ ही पशुपालन और अन्य दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर भारी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण लगातार नदी के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा जा रहा है।
लेखपालों के साथ गांवों में कराया जा रहा निरीक्षण
तहसीलदार पवन यादव ने बताया कि गांवों में लेखपालों के साथ निरीक्षण कराया गया है। ग्रामीणों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और खादर क्षेत्र के हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी कराई जा रही है, जिससे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें और किसी ग्रामीण को परेशानी न हो।