काली बाइक, मस्जिद और ATS की एंट्री: हापुड़ से पकड़े गए दो संदिग्ध, हैरत की बात किसी को नहीं पता कौन थे दोनों?
युवकों की बाइक शाम तक मस्जिद के बाहर ही खड़ी रही। स्थानीय पुलिस ने उसे कब्जे में नहीं लिया। बाइक मेरठ के सरधना के मोहल्ला धर्मपुरा के कादर अब्दुल के नाम पंजीकृत है। हालांकि, बाइक पर नंबर प्लेट फर्जी होने की भी आशंका जताई जा रही है।
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यूपी के हापुड़ स्थित थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर में शुक्रवार सुबह मेरठ एटीएस की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने कुरैशीयान मस्जिद के पास से दो संदिग्ध युवकों को दबोच लिया। फिलहाल दोनों युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। स्थानीय पुलिस के अनुसार उन्हें कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा।
दोनों की उम्र करीब 25, दाढ़ी रखी है और टोपी पहने थे
ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब आठ बजे दो युवक काले रंग की बाइक से मस्जिद के पास पहुंचे थे। एक युवक मस्जिद के गेट तक पहुंचा, जबकि दूसरा बाइक का लॉक लगा रहा था। तभी पीछे से पहुंची एटीएस टीम ने दोनों को पकड़ लिया और साथ ले गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों युवकों की उम्र लगभग 25 वर्ष है। उन्होंने दाढ़ी रखी हुई थी और टोपी पहने थे। कुरैशीयान मस्जिद में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि गांव की अन्य मस्जिदें कैमरों से लैस हैं। इससे घटनाक्रम का कोई स्थानीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
मस्जिद के इमाम को भी नहीं दोनों कौन हैं?
ग्रामीणों के अनुसार कुरैशीयान मस्जिद में करीब दो माह पहले मोहम्मद आमिर इमाम के रूप में आए हैं। वह मुंडाली, मेरठ के निवासी हैं। इमाम ने बताया कि जिन लोगों ने युवकों को देखा था, वे उन्हें पहचान नहीं पाए। युवकों को इससे पहले कभी मस्जिद में नहीं देखा गया था। उनका मस्जिद में आने का उद्देश्य या उनकी पहचान के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। पुलिस या एटीएस की पुष्टि के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
संभवत: पीछा करते हुए आई थी टीम
शुक्रवार सुबह हुए इस घटनाक्रम के बाद यह संभावना है कि टीम को युवकों के यहां आने की पूरी जानकारी थी। एटीएस टीम या तो इन युवकों का पीछा करते हुए यहां पहुंची थी या फिर गांव के बाहर ही कहीं मौजूद थी। टीम का पूरा ध्यान युवकों को दबोचने पर ही केंद्रित था। टीम के किसी सदस्य ने किसी ग्रामीण या मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी से पूछताछ नहीं की। माना जा रहा है कि टीम जल्द ही गांव में फिर आकर पूछताछ कर सकती है।
कादर अब्दुल के नाम पंजीकृत है बाइक
युवकों की बाइक शाम तक मस्जिद के बाहर ही खड़ी रही। स्थानीय पुलिस ने उसे कब्जे में नहीं लिया। बाइक मेरठ के सरधना के मोहल्ला धर्मपुरा के कादर अब्दुल के नाम पंजीकृत है। हालांकि, बाइक पर नंबर प्लेट फर्जी होने की भी आशंका जताई जा रही है। बहादुरगढ़ पुलिस का कहना है कि बाइक उनकी निगरानी में है। एटीएस से बात होने पर पुलिस उसे कब्जे में ले लेगी। सीओ राहुल यादव ने बताया कि जांच एजेंसी गांव शेरपुर पहुंची है, लेकिन पकड़े गए लोगों की जानकारी नहीं है।